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प्रवासी मजदूरों की सूची बनाने में की गड़बड़ी, मिश्रामऊ में हंगामा...
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प्रवासी मजदूरों को राशन किट वितरण के लिए बनाई जा रही सूची में गड़बड़ी पर मिश्रामऊ में हंगामा हो गया। शनिवार को राशन किट वितरण के दौरान सूची में कोटेदार के दो देवरों के नाम देख ग्रामीण भड़क गए।
इस पर लेखपाल खिसक गया। ग्रामीणों ने सूची बनाने में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कोरोना के कारण लॉकडाउन से बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन राशन किट बंटवा रहा है।
लेखपालों की देखरेख मे प्रवासियों को राशन किट का वितरण किया जाना है। ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सेवकों के सहयोग से गांवों के प्रवासी मजदूरों की सूची तैयार की गई। इस क्रम में मिश्रामऊ गांव के प्रवासी मजदूरों की सूची में गैर प्रवासी लोगों को शामिल कर लिया।
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पात्रों के नाम सूची से गायब हैं। गांव के रामविशाल पाल ने बताया कि अपात्रों को प्रवासी मजदूर बनाकर सूची के शामिल किया गया है।
उधर, गुजरात के सूरत से लौटे बाबू के पुत्र साजन, राजन, सुनील पाल और जयपुर से लौटे नत्थू पुत्र छिद्दू के नाम सूची से गायब हैं।
शनिवार को मिश्रामऊ में प्रवासी मजदूरों को राशन किट वितरण के दौरान विवाद हो गया। यहां सूची में 20 प्रवासी मजदूर शामिल थे।
सूची मे कोटेदार के दो देवरों के नाम देखकर ग्रामीण भड़क गए और विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लेखपाल ज्ञानसिंह से धक्कामुक्की हुई।
इस पर लेखपाल मौके से चला गया। हालांकि लेखपाल ने विवाद से इनकार किया है। बताया कि वितरण के समय ग्रामीणों और प्रधान में विवाद हुआ था। उनसे कोई विवाद नहीं हुआ।
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इस पर लेखपाल खिसक गया। ग्रामीणों ने सूची बनाने में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कोरोना के कारण लॉकडाउन से बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन राशन किट बंटवा रहा है।
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लेखपालों की देखरेख मे प्रवासियों को राशन किट का वितरण किया जाना है। ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सेवकों के सहयोग से गांवों के प्रवासी मजदूरों की सूची तैयार की गई। इस क्रम में मिश्रामऊ गांव के प्रवासी मजदूरों की सूची में गैर प्रवासी लोगों को शामिल कर लिया।
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पात्रों के नाम सूची से गायब हैं। गांव के रामविशाल पाल ने बताया कि अपात्रों को प्रवासी मजदूर बनाकर सूची के शामिल किया गया है।
उधर, गुजरात के सूरत से लौटे बाबू के पुत्र साजन, राजन, सुनील पाल और जयपुर से लौटे नत्थू पुत्र छिद्दू के नाम सूची से गायब हैं।
शनिवार को मिश्रामऊ में प्रवासी मजदूरों को राशन किट वितरण के दौरान विवाद हो गया। यहां सूची में 20 प्रवासी मजदूर शामिल थे।
सूची मे कोटेदार के दो देवरों के नाम देखकर ग्रामीण भड़क गए और विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लेखपाल ज्ञानसिंह से धक्कामुक्की हुई।
इस पर लेखपाल मौके से चला गया। हालांकि लेखपाल ने विवाद से इनकार किया है। बताया कि वितरण के समय ग्रामीणों और प्रधान में विवाद हुआ था। उनसे कोई विवाद नहीं हुआ।