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रिटायर्ड दरोगा ने भाई के साथ मिलकर छात्रा की चढाई बलि
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 08 Mar 2015 12:12 AM IST
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होलिका दहन की रात जिस वक्त सभी लोग पूजा अर्चना में लगे थे, उसी समय जयराम नगर इलाके में रिटायर्ड महिला दरोगा एवं उसके भाई- भाभी ने मिलकर छात्रा की बलि चढ़ा दी। रातभर शव फ्रीज में छुपाने के बाद तड़के बोरे में भर कर फेंक दिया।
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शुक्रवार सुबह शव मिलते ही होली का जश्न बवाल में बदल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी का घर फूंक दिया। पुलिस ने विरोध किया तो ग्रामीणों ने पथराव के बाद महिला कांस्टेबल को पीट दिया।
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पथराव में दमकल वाहन व पुलिस की कई गाड़ियां टूट गईं। भीड़ के उग्र होने पर पुलिस ने लाठी चार्ज के बाद आंसू गैस एवं रबर के गोले बरसाए। तब जाकर भीड़ तितर-बितर हुई।
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मौके पर पहुंचे डीआईजी ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर और बीट सिपाही को निलंबित कर दिया है। पुलिस ने रिटायर्ड महिला दरोगा और उसके भाई और भाभी को गिरफ्तार कर लिया है।
परिजनों ने छात्रा को अगवा करने के बाद बलि चढ़ाने का आरोप लगा तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने अगवा कर छात्रा की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी बलि चढ़ाने की घटना से इनकार कर रहे हैं।
जयराम नगर मोहल्ला निवासी बृजेश सिंह की पुत्री पलक (9) उर्फ इशिका चार मार्च की शाम घर के सामने से अचानक लापता हो गई।
काफी खोजबीन के बाद उसका कोई पता नहीं चला था। शुक्रवार सुबह बृजेश के घर के पीछे लगे टावर के पास बोरे में शव होने की जानकारी मिली तो गांव के लोग जुट गए।
पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान बच्ची के शरीर पर पांच जगह जलाने के निशान मिले। सिंदूर से टीका आदि भी किया गया था। उसकी हत्या किसी भारी चीज से सिर पर प्रहार कर किया जाना पाया गया।
पूछताछ के दौरान चक्की संचालक कल्लू ने बोरे में नाम और नंबर दर्ज होने की वजह से पहचान लिया। बोरा बृजेश के पड़ोसी संदीप श्रीवास्तव का निकला।
पुलिस ने संदीप के घर पर छापा मारा। वहां से संदीप, दरोगा पद से रिटायर्ड उसकी बहन आशारानी और बृजेश की पत्नी पिंकी समेत बच्चों को हिरासत में ले लिया।
इस दौरान पूरे गांव में बच्ची की बलि चढ़ाने की बात फैल गई। गुस्साए लोग पुलिस के साथ आरोपी के घर में दाखिल हुए तो वहां पूजा सामग्री, धूपबत्ती आदि जली हुई पाई गई। इस दौरान लोग बलि चढ़ाने का आरोप लगा हंगामा करने लगे तो सिपाहियों ने एक महिला को पीट दिया।
इससे ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया और वे सिपाहियों को पीटने लगे। मामला बिगड़ते देख आसपास के थानों की फोर्स बुला ली गई। ग्रामीणों ने भी मोर्चा संभाल लिया और पुलिस टीम पर पथराव करने लगे। कुछ लोगों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। मौके पर पहुंची दमकल ने आग बुझाने की कोशिश की तो लोगों ने दमकल गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। फिर भी बवाल नहीं थमा तो पुलिस ने आंसू गैस और रबर की गोलियां बरसाकर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना की सूचना पर डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। आरोपियों से पूछताछ की है। चौकी इंचार्ज छविनाथ सिंह को लाइन हाजिर और बीट आरक्षी सरोज यादव को निलंबित करने का आदेश दिया। मृत छात्रा के दादा रामभरोसे ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि संदीप को सफेद दाग है। वह पहले भी तंत्र मंत्र कराता रहा है। इसी चक्कर में उसने अपनी रिटायर्ड दरोगा बहन एवं पत्नी के साथ मिलकर उनकी पौत्री की बलि चढ़ा दी। उधर एसपी सालिगराम वर्मा का कहना है कि आरोपी ने कड़ी पूछताछ के बाद बलि देने से इनकार किया है। आरोपी ने बच्ची को अगवा कर उसी रात हत्या कर दी थी। इसके बाद उसको फ्रिज में छिपाकर रखा। शुक्रवार सुबह चार बजे शव को बोरे में भरकर फेंका दिया। आरोपी संदीप श्रीवास्तव, उसकी बहन आशारानी और पत्नी पिंकी के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।