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रिमझिम बारिश से फसलों में लौटी रौनक
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Tue, 16 Feb 2016 11:57 PM IST
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मंगलवार को भोर से शुरू र्हुई रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। किसानों का कहना है कि सूख रही फसलों के लिए बारिश संजीवनी का काम करेगी।
बता दें कि बारिश न होने से सभी फसलें मुरझाने लगी थीं। सिंचाई के लिए नहरों, माइनरों और रजबहों में पानी नहीं था। वहीं राजकीय नलकूप ठप होने से समस्या और भी गहरा गई थी। हालत यह थी कि फसलों के सूखने का सिलसिला शुरू हो गया था। तड़के लगभग चार बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी से फसलों में जान आ गई है।
किसान गंगाराम मौर्या, गिरधर पांडेय, कल्लू, संतलाल, जगदीश सिंह और हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि बारिश होने से गेहूं, जौ, चना, लाही, सरसों आदि फसलों को करीब दस दिन के लिए सिंचाई से राहत मिल गई। अब फसलों की सिंचाई नहीं करनी पडे़गी। कृषि विशेषज्ञ एके सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों को काफी फायदा पहुंचेगा।
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बता दें कि बारिश न होने से सभी फसलें मुरझाने लगी थीं। सिंचाई के लिए नहरों, माइनरों और रजबहों में पानी नहीं था। वहीं राजकीय नलकूप ठप होने से समस्या और भी गहरा गई थी। हालत यह थी कि फसलों के सूखने का सिलसिला शुरू हो गया था। तड़के लगभग चार बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी से फसलों में जान आ गई है।
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किसान गंगाराम मौर्या, गिरधर पांडेय, कल्लू, संतलाल, जगदीश सिंह और हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि बारिश होने से गेहूं, जौ, चना, लाही, सरसों आदि फसलों को करीब दस दिन के लिए सिंचाई से राहत मिल गई। अब फसलों की सिंचाई नहीं करनी पडे़गी। कृषि विशेषज्ञ एके सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों को काफी फायदा पहुंचेगा।
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