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पंचायत चुनाव : आरक्षण का होमवर्क शुरु
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फतेहपुर। पंचायत चुनाव आरक्षण का बिगुल फुंक चुका है। इसके साथ ही आरक्षण संबंधी सरकारी कसरत भी तेज हो गई है।
पंचायतराज विभाग ने 2011 की जनगणना के अनुसार जातिगत आंकड़े और 2015 के चुनाव में आरक्षण का ब्योरा शासन को भेज दिया हैं। अब चक्रानुक्रम फार्मूले पर पंचायतों का आरक्षण तय होगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए प्रत्येक ब्लॉक में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और सामान्य वर्ग की आबादी अंकित करते हुए ग्राम पंचायतों की सूची वर्णमाला क्रम में बनाई जाएगी।
इसमें यह भी अंकित किया जाएगा कि वर्ष 1995 में कौन की ग्राम पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित थी।
फॉर्मूला बनाया गया है कि एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के लिए प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या उस ब्लॉक में अलग-अलग पंचायतों में उस वर्ग की आबादी के अनुपात में अवरोही (गिरते हुए) क्रम में आवंटित की जाएगी।
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आरक्षण का निर्धारण चक्रानुक्रम में किया जाएगा, लेकिन 2015 में जो पंचायत एससी या एसटी के लिए आरक्षित थी, उन्हें इस बार एससी या एसटी के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा।
इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपकी ग्राम पंचायत में वर्ष 2015 में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था तो इस बार पिछड़े वर्ग की महिला को मौका मिल सकता है।
इसी तरह अगर ओबीसी के लिए पंचायत आरक्षित थी तो महिला को मौका मिल सकता है। आरक्षण निर्धारण का यह फॉर्मूला ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पद भी लागू होगा।
शासन संख्या तो डीएम तय करेंगे आरक्षण
जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर आरक्षण संबंधी कार्रवाई शासन करेगा। प्रमुखों और विकास खंडवार प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या शासन व निदेशालय स्तर से तय करके जिलाधिकारी को सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के आरक्षित पदों, विकास खंडवार ग्राम पंचायतों के प्रधानों के आरक्षित पदों और तीनों स्तर की पंचायतों में आरक्षित वार्डों के आवंटन की कार्रवाई जिलाधिकारी को करनी होगी।
वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान के चुनाव के लिए आरक्षण का विवरण -
............................................
आरक्षण - कुल सीटें
..............................................
अनुसूचित जाति महिला - 69
अनुसूचित जाति - 126
पिछड़ी जाति महिला - 77
पिछड़ी जाति - 147
महिला - 137
अनारक्षित - 284
............................................
2015 से इस बार इस तरह बदल गया परिसीमन
-------------
वर्ष - जिला पंचायत - ग्राम पंचायत - क्षेत्र पंचायत - ग्राम पंचायत वार्ड
--------------------------------------------------------------------------------------------
2015 - 46 - 840 - 1148 - 10,626
2021 - 46 - 834 - 1135 - 10,554
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पंचायतराज विभाग ने 2011 की जनगणना के अनुसार जातिगत आंकड़े और 2015 के चुनाव में आरक्षण का ब्योरा शासन को भेज दिया हैं। अब चक्रानुक्रम फार्मूले पर पंचायतों का आरक्षण तय होगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए प्रत्येक ब्लॉक में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और सामान्य वर्ग की आबादी अंकित करते हुए ग्राम पंचायतों की सूची वर्णमाला क्रम में बनाई जाएगी।
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इसमें यह भी अंकित किया जाएगा कि वर्ष 1995 में कौन की ग्राम पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित थी।
फॉर्मूला बनाया गया है कि एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के लिए प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या उस ब्लॉक में अलग-अलग पंचायतों में उस वर्ग की आबादी के अनुपात में अवरोही (गिरते हुए) क्रम में आवंटित की जाएगी।
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आरक्षण का निर्धारण चक्रानुक्रम में किया जाएगा, लेकिन 2015 में जो पंचायत एससी या एसटी के लिए आरक्षित थी, उन्हें इस बार एससी या एसटी के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा।
इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपकी ग्राम पंचायत में वर्ष 2015 में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था तो इस बार पिछड़े वर्ग की महिला को मौका मिल सकता है।
इसी तरह अगर ओबीसी के लिए पंचायत आरक्षित थी तो महिला को मौका मिल सकता है। आरक्षण निर्धारण का यह फॉर्मूला ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पद भी लागू होगा।
शासन संख्या तो डीएम तय करेंगे आरक्षण
जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर आरक्षण संबंधी कार्रवाई शासन करेगा। प्रमुखों और विकास खंडवार प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या शासन व निदेशालय स्तर से तय करके जिलाधिकारी को सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के आरक्षित पदों, विकास खंडवार ग्राम पंचायतों के प्रधानों के आरक्षित पदों और तीनों स्तर की पंचायतों में आरक्षित वार्डों के आवंटन की कार्रवाई जिलाधिकारी को करनी होगी।
वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान के चुनाव के लिए आरक्षण का विवरण -
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आरक्षण - कुल सीटें
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अनुसूचित जाति महिला - 69
अनुसूचित जाति - 126
पिछड़ी जाति महिला - 77
पिछड़ी जाति - 147
महिला - 137
अनारक्षित - 284
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2015 से इस बार इस तरह बदल गया परिसीमन
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वर्ष - जिला पंचायत - ग्राम पंचायत - क्षेत्र पंचायत - ग्राम पंचायत वार्ड
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2015 - 46 - 840 - 1148 - 10,626
2021 - 46 - 834 - 1135 - 10,554
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