फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Recognition without five schools closed

मान्यता विहीन पांच स्कूल बंद

Sat, 16 Jul 2016 12:30 AM IST
अमर उजाला फतेहपुर
अमर उजाला फतेहपुर Updated Sat, 16 Jul 2016 12:30 AM IST
विज्ञापन
 Recognition without five schools closed
आदर्श सरस्वती ज्ञान मंदिर आबूनगर के खिलाफ कार्रवाई करते बीएसए विनय कुमार। - फोटो : अमर उजाला
बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता और मानक विहीन भवनों में संचालित स्कूलों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को बीएसए ने शहर के पांच बिना मान्यता वाले स्कूल बंद कराए। मानक विहीन एक स्कूल के खिलाफ मान्यता खत्म करने की कार्रवाई शुरू की गई है।
विज्ञापन



बीएसए विनय कुमार और खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने यह अभियान चलाया। अभियान स्व. झंडू सिंह प्राथमिक पूर्व आदर्श विद्यालय आबूनगर, लिटिल एंगिल कान्वेंट स्कूल रानी कालोनी आबूनगर, प्रकाश विद्या मंदिर आबूनगर, टाइगर कप्स किड्स पब्लिक स्कूल खलील नगर, एसजीडी पब्लिक स्कूल निकट नई तहसील बिना मान्यता के संचालित मिले। इन सभी के कक्ष मानक विहीन, निजी प्रकाशनों की किताबें, अप्रशिक्षित शिक्षक काम कर रहे थे। टीम ने यह सभी स्कूल बंद कराए और संचालक के खिलाफ एक लाख जुर्माना जमा करने की नोटिस जारी  किया।
विज्ञापन



टीम ने आदर्श सरस्वती ज्ञान मंदिर आबूनगर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में संचालक ने मान्यता प्रमाणपत्र तो प्रस्तुत किया, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग से निर्धारित मानक पूरा नहीं था। निजी प्रकाशनों की किताबें बच्चों के पास बरामद हुई। इस स्कूल के खिलाफ विभाग ने मान्यता खत्म करने की कार्रवाई शुरू की है।
विज्ञापन
विज्ञापन



बीएसए विनय कुमार ने बताया कि इन सभी स्कूल के बच्चों को नजदीकी मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला कराने के निर्देश दिए गए हैं। बिना मान्यता वाले स्कूल बंद करा दिए गए हैं। संचालकों के खिलाफ एक लाख रुपये जुर्माना जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद अगर यह स्कूल संचालित होते हैं, तो भवनों में ताला बंद कर सील कर दिया जाएगा।




तीन साल में नहीं पूरे किए मानक- फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने चार साल पहले नए स्कूलों को मान्यता देने के मानक तय किए थे। इस दौरान पुरानी मान्यता वाले स्कूलों को तीन साल में नए मानक पूरा करने के लिखित आदेश भी दिए गए थे। स्कूल संचालकों ने विभाग के इस आदेश को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया था। ऐसे स्कूलों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग मान्यता रद की कार्रवाई कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed