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रमजान शुरू होते ही रहमतों का पहला अशरा भी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:42 AM IST
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रमजान-उल-मुबारक का चांद दिखते ही मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक छा गई। मुसलमानों ने इबादत की तैयारियां कर लीं। मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज हुई। इसमें कुरान पाक सुनाया गया। कुछ लोगों ने खास जगहों पर भी तरावीह का इंतजाम कराया है। रोजा रखने की नीयत करने वालों ने सहरी के इंतजाम को बाजारों में खरीददारियां कीं। सबसे ज्यादा खुशी बच्चों में देखी गई।
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सहरी के लिए बाजारों में सूतफेनी, ब्रेड, मक्खन समेत इफ्तार के लिए खजूर और फलों की खरीदारी की गई। बच्चों ने नए कपड़े पहने और मस्जिद जाने के लिए उतावले दिखे। महिलाओं ने घर में रमजान-उल-मुबारक की मुबारकबाद एक दूसरे को दी और इबादत की। सोशल मीडिया में रमजान-उल-मुबारक की बधाइयां सभी ने एक दूसरों को दीं।
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कोट
‘बेहद रहमतों, बरकतों वाला महीना रमजान आ गया है। हम में से जो भी इस महीने को पाया और रोजा रखा, वह बेहद खुशनसीब है। अल्लाह सभी को रोजा रखने की तौफीक दे।’ - सैयद सईदुल इस्लाम अब्दुल्लाह, शहरकाजी
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कोट
‘रमजान शुरू होते ही रहमतों का अशरा शुरू हो गया है। अल्लाहताला खुश होता है और रहमत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। इसमें ज्यादा से ज्यादा इबादत कर अपने गुनाहों को माफ कराया जा सकता है।’ - कारी फरीदउद्दीन कादरी, शहरकाजी
चांद की तस्दीक के साथ तैयारियां पूरी
फतेहपुर। पाक महीने रमजान जुमा से चालू हो रहे हैं। जुमेरात को चांद की तस्दीक होने के बीच तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा। इफ्तार के लिए बाजारों में खान-पान की समग्री खरीदी गई। जिस पर महंगाई का असर होने से जेब के हिसाब से सौदा किया गया। बिजली की समस्या से निपटने के लिए निजी स्तर से प्रयास भी किए जाते रहे। मस्जिदों में नमाज में अता करने के दौरान नमाजियों को गर्मी से बचाने के लिए जेनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। रमजान महीने में होने वाली पाकीजा गतिविधियों पर एक रिपोर्ट।
...हर दिल अजीज की चाह पिन खजूर
फतेहपुर। रमजान महीने में रोजा रखने वाले रोजदारों के सहरी और इफ्तार के लिए देर शाम तक खरीदारी का दौर चलता रहा। पाव, चना, मटर, बेसन, पापड़, चिप्स, फलों की खरीदारी को लोग बाजारों में दिखाई दिए। हालांकि महंगाई का असर होने से बजट के हिसाब से जेब ढीली की गईं। मटर 35 से रुपये 40 रुपये प्रति किलो, चना 60 रुपये से 70 रुपये प्रति किलो, पापड़ व चिप्स 60 रुपये से 70 रुपये प्रति किलो बिका। इसी प्रकार से सूतफेनी व सेवई के दामों में 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। फलों के दामों में भी इजाफा देखा गया। 120 रुपये किलो बिकने वाले सेब के दाम प्रति किलो 40 रुपये बढ़ गए। 50 रुपये किलो दर की मुसम्मी 60 रुपये में बिकी। अनानास का एक किलो का छोटा पीस 35 रुपये के बजाय 40 रुपये में बिका। 120 रुपये प्रति किलो की दर पर अनार जरूर स्थिर रहा। हर दिल अजीज पिन खजूर की कई वैरायटी में बाजार में उपलब्ध है। 80 रुपये से लेकर 350 रुपये प्रति किलो की दर पर बिक्री को आए इस खजूर के खरीदार हरेक वर्ग के लोग देखे गए।
बिजली समस्या के चलते वैकल्पिक इंतजाम
उमस भरी गर्मी के बीच जुमा के दिन से चालू हो रहे रमजान महीने में रोजदारों को बिजली का झटका लगना तय है। ऐसे मेें मुस्लिम समाज ने खुद से इस समस्या से उबरने के इंतजाम किए गए हैं। रोजेदारों को गर्मी से बचाने के लिए इनवर्टर विहीन चौखटों में इसकी व्यवस्था की गई है। बाकरगंज के अजहर अली वाहन चालक है। अजहर बताते हैं कि चार महीने की तनख्वाह की ज्यादातर रकम बचाते हुए इनवर्टर लगवा लिया है। ताकि रमजान में परेशानी न उठानी पड़ी। सैय्यदबाड़ा के समद ने बताया कि इंतहा पार करने वाली गर्मी के मद्देनजर घर में एसी लगवाने की सोच ली है। यह काम एक-दो दिन में हो जाना है। शहर की तमाम मस्जिदों में जेनरेटर के वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। ताकि बिजली न रहने पर नमाज और तरावीह के दौरान नमाजियों को परेशानियां न हों।