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प्रशासन की पहल पर पुल बनाने की सहमति
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हसवा। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारी डीएफसीसी(फ्रेट कॉरिडोर) का निर्माण करा रही जीएमआर कंपनी के कार्यालय पहुंचे। कंपनी के अधिकारियों से वार्ता के बाद तय हुआ कि प्रशासन और जीएमआर पुल निर्माण के लिए संयुक्त प्रस्ताव बनाकर रेलवे अधिकारियों को भेजेंगे।
डीएफसीसी की नई रेलवे लाइन बन रही है, जिसको जीएमआर कंपनी बना रही है। एकारी गांव में इनका यार्ड बना हुआ है। यह रेलवे लाइन एक जगह नहर के ऊपर से निकली है। जिसमें नीचे पानी के आवागमन के लिए पाइप डाले गए। ये पाइप पानी निकासी के लिए अपर्याप्त हैं। पानी बढ़ने पर नहर का पानी खेतों में भर जाता है। इसको लेकर किसान एक सप्ताह से जीएमआर आफिस में हंगामा कर रहे थे। सपा नेता राजेंद्र लोधी, रमवां पंथुवा जिला पंचायत सदस्य मुनेश्वर सिंह, ग्राम प्रधान एकारी के समक्ष जीएमआर कंपनी के जीएम ने मंगलवार का समय वार्ता के लिए दिया था।
इसी सूचना के आधार पर सीओ थरियांव अनिल कुमार, चौकी प्रभारी हसवा मुकेश कुमार सिंह दोपहर को एकारी पहुंचे। पानी के निकास के लिए पुल न बनाए जाने पर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू किया, तो सूचना पर एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य पहुंचे। ग्रामीणों ने सबसे पहले एसडीएम को मौके पर ले जाकर स्थलीय निरीक्षण कराया। पानी निकास के लिए सीमेंट के पाइप पड़े थे, जिनसे बारिश का पानी नहीं निकल पाने की शिकायत किसानों ने एसडीएम से बताई। इस पर जीएमआर के अधिकारी रणविजय सिंह व अनिल से वार्ता हुई। एसडीएम नंदप्रकाश मौर्य ने डीएफसीसी के अधिकारियों से फोन पर बात की। जिसके बाद डीएफसीसी के अधिकारी पुल निर्माण के लिए सहमत हुए।
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हसवा। बारिश के समय जल निकासी न होने कारण के एकारी के आसपास अतरहा, सहजादेपुर, रमवां, चकमुगल, बिलंदा, मदरियापुर गांव के खेतों में बारिश का पानी भर गया था। किसानों की हजारों बीघा धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीण इस मांग को लेकर कई बार डीएम से मिल चुके हैं, लेकिन मामला हल नहीं हुआ।
किसान जीएमआर कंपनी जाकर हंगामा कर रहे थे। जिस पर डीएफसीसी के अधिकारियों से वार्ता हो गयी है। इसके लिए जीएमआर शीघ्र पत्रावली भेजेगी। इसके बाद पुल का निर्माण होगा।
- नंदप्रकाश मौर्य, एसडीएम सदर
हमारा काम डीएफसीसी के काम को करना है। बिना डीएफसीसी के अनुमति के पुल नहीं बना सकते, लेकिन अब अधिकारियों की सहमति मिलते ही नए पुल का निर्माण कराया जाएगा।
- रणविजय सिंह, एचआर मैनेजर जीएमआर
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डीएफसीसी की नई रेलवे लाइन बन रही है, जिसको जीएमआर कंपनी बना रही है। एकारी गांव में इनका यार्ड बना हुआ है। यह रेलवे लाइन एक जगह नहर के ऊपर से निकली है। जिसमें नीचे पानी के आवागमन के लिए पाइप डाले गए। ये पाइप पानी निकासी के लिए अपर्याप्त हैं। पानी बढ़ने पर नहर का पानी खेतों में भर जाता है। इसको लेकर किसान एक सप्ताह से जीएमआर आफिस में हंगामा कर रहे थे। सपा नेता राजेंद्र लोधी, रमवां पंथुवा जिला पंचायत सदस्य मुनेश्वर सिंह, ग्राम प्रधान एकारी के समक्ष जीएमआर कंपनी के जीएम ने मंगलवार का समय वार्ता के लिए दिया था।
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इसी सूचना के आधार पर सीओ थरियांव अनिल कुमार, चौकी प्रभारी हसवा मुकेश कुमार सिंह दोपहर को एकारी पहुंचे। पानी के निकास के लिए पुल न बनाए जाने पर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू किया, तो सूचना पर एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य पहुंचे। ग्रामीणों ने सबसे पहले एसडीएम को मौके पर ले जाकर स्थलीय निरीक्षण कराया। पानी निकास के लिए सीमेंट के पाइप पड़े थे, जिनसे बारिश का पानी नहीं निकल पाने की शिकायत किसानों ने एसडीएम से बताई। इस पर जीएमआर के अधिकारी रणविजय सिंह व अनिल से वार्ता हुई। एसडीएम नंदप्रकाश मौर्य ने डीएफसीसी के अधिकारियों से फोन पर बात की। जिसके बाद डीएफसीसी के अधिकारी पुल निर्माण के लिए सहमत हुए।
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हसवा। बारिश के समय जल निकासी न होने कारण के एकारी के आसपास अतरहा, सहजादेपुर, रमवां, चकमुगल, बिलंदा, मदरियापुर गांव के खेतों में बारिश का पानी भर गया था। किसानों की हजारों बीघा धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीण इस मांग को लेकर कई बार डीएम से मिल चुके हैं, लेकिन मामला हल नहीं हुआ।
किसान जीएमआर कंपनी जाकर हंगामा कर रहे थे। जिस पर डीएफसीसी के अधिकारियों से वार्ता हो गयी है। इसके लिए जीएमआर शीघ्र पत्रावली भेजेगी। इसके बाद पुल का निर्माण होगा।
- नंदप्रकाश मौर्य, एसडीएम सदर
हमारा काम डीएफसीसी के काम को करना है। बिना डीएफसीसी के अनुमति के पुल नहीं बना सकते, लेकिन अब अधिकारियों की सहमति मिलते ही नए पुल का निर्माण कराया जाएगा।
- रणविजय सिंह, एचआर मैनेजर जीएमआर