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शिकायतकर्ता कृपया धैर्य रखें, जांच अभी जारी है ....
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फतेहपुर। जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए तीनों तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस महज खानापूरी में निपट गए। खागा, बिंदकी और सदर तहसील में कुल 216 लोग अपनी-अपनी फरियाद लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचे, जिनमें से महज 19 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
शेष 197 लोगों को जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर लौटा दिया गया। तमाम प्रयासों के बावजूद सरकारी महकमा शिकायतों की पुनरावृत्ति पर रोक लगा पाने में नाकाम साबित हो रहा है। मंगलवार को भी ऐसा ही हुआ, कई ऐसे शिकायतकर्ता आए जो एक ही समस्या को लेकर पिछले एक-एक साल से समाधान दिवसों और अधिकारियों की परिक्रमा कर रहे हैं। पेश है कुछ मामलों की बानगी :-
असोथर ब्लाक के कोर्रा कनक गांव के प्रभाष ने बताया कि नौकरी के सिलसिले में वे बाहर रहते हैं, इसलिए घर का बिजली का मीटर सील कराने के लिए डेढ़ साल से चक्कर काट रहे हैं। मगर अवर अभियंता न तो मीटर सील कर रहे हैं और न ही कनेक्शन काट रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार समाधान दिवस में की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। लगातार बिजली का बिल थोपा जा रहा है।
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सेवानिवृत्त रेशम अधिकारी एसए जाफरी भी समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी वरासत का प्रकरण दो साल से लंबित है। रिपोर्ट लगाने के नाम पर पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी पिछले डेढ़ साल से टहला रहे हैं। समाधान दिवस में भी चार बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। अधिकारी शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दे देते हैं और होता कुछ नहीं है।
भिटौरा से आए ओम प्रकाश ने बताया कि जमीन में कब्जे की शिकायत को लेकर सात महीने से दौड़ लगा रहे हैं। समाधान दिवसों के साथ सामान्य दिनों में भी अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। मगर निस्तारण नहीं हुआ। हर बार दो टूक कह दिया जाता है कि धैर्य रखिये जांच की जा रही है लेकिन जांच का क्या होता है, कुछ पता नहीं चलता।
हसवा ब्लाक के रिठवां से आए जितेंद्र ने एक अनोखी शिकायत की। जिसे देखकर डीएम संजीव सिंह खुद दंग रह गए। जितेंद्र ने बताया कि उनके गांव के स्कूल का खाद्यान्न शिक्षक ने बेच लिया है। उन्होंने बताया कि 11 बोरी चावल और 6 बोरी गेहूं विद्यालय में दिया गया लेकिन वहां के शिक्षकों ने राशन बेच लिया है। डीएम ने पूर्ति निरीक्षक को प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
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शेष 197 लोगों को जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर लौटा दिया गया। तमाम प्रयासों के बावजूद सरकारी महकमा शिकायतों की पुनरावृत्ति पर रोक लगा पाने में नाकाम साबित हो रहा है। मंगलवार को भी ऐसा ही हुआ, कई ऐसे शिकायतकर्ता आए जो एक ही समस्या को लेकर पिछले एक-एक साल से समाधान दिवसों और अधिकारियों की परिक्रमा कर रहे हैं। पेश है कुछ मामलों की बानगी :-
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असोथर ब्लाक के कोर्रा कनक गांव के प्रभाष ने बताया कि नौकरी के सिलसिले में वे बाहर रहते हैं, इसलिए घर का बिजली का मीटर सील कराने के लिए डेढ़ साल से चक्कर काट रहे हैं। मगर अवर अभियंता न तो मीटर सील कर रहे हैं और न ही कनेक्शन काट रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार समाधान दिवस में की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। लगातार बिजली का बिल थोपा जा रहा है।
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सेवानिवृत्त रेशम अधिकारी एसए जाफरी भी समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी वरासत का प्रकरण दो साल से लंबित है। रिपोर्ट लगाने के नाम पर पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी पिछले डेढ़ साल से टहला रहे हैं। समाधान दिवस में भी चार बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। अधिकारी शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दे देते हैं और होता कुछ नहीं है।
भिटौरा से आए ओम प्रकाश ने बताया कि जमीन में कब्जे की शिकायत को लेकर सात महीने से दौड़ लगा रहे हैं। समाधान दिवसों के साथ सामान्य दिनों में भी अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। मगर निस्तारण नहीं हुआ। हर बार दो टूक कह दिया जाता है कि धैर्य रखिये जांच की जा रही है लेकिन जांच का क्या होता है, कुछ पता नहीं चलता।
हसवा ब्लाक के रिठवां से आए जितेंद्र ने एक अनोखी शिकायत की। जिसे देखकर डीएम संजीव सिंह खुद दंग रह गए। जितेंद्र ने बताया कि उनके गांव के स्कूल का खाद्यान्न शिक्षक ने बेच लिया है। उन्होंने बताया कि 11 बोरी चावल और 6 बोरी गेहूं विद्यालय में दिया गया लेकिन वहां के शिक्षकों ने राशन बेच लिया है। डीएम ने पूर्ति निरीक्षक को प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।