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सेल्समैन की मौत में एंबुलेंस चालक पर अटकी पुलिस

Thu, 02 Jan 2020 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2020 12:24 AM IST
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Police stuck on ambulance driver in salesman's death
फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र में संचालित एक मार्केटिंग कंपनी के सेल्समैन की मौत के तीन साल बाद कोतवाली में दर्ज मामले में पुलिस एंबुलेंस चालक से पूछताछ के बाद अटकी पड़ी है। पुलिस कंपनी में उस समय के लोगों से पूछताछ में जुटी है। एक माह बाद भी पुलिस की जांच किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। बता दे गोंडा पुलिस ने मामले की जांच को स्थानंतरित किया था। जिसके बाद कोतवाली में मामला दर्ज हुआ था। मामले में शहर के एंबुलेंस चालक, कंपनी के चार सहकर्मियों को हत्या का आरोपी बनाया गया है।
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गोंडा जिले के इटियाथोक थाने के बरडिहा निवासी सूर्यपाल का बेटा उमेश(25) करीब पांच साल पहले यहां एक मार्केटिंग कंपनी में सेल्समैन था। पिता सूर्यपाल का आरोप है कि बेटे को बरडिहा के आनंदपुरवा निवासी गोकरन वर्मा का बेटा विनय कुमार शर्मा साथ में काम करने के लिए लेकर आया था। विनय और उसके साथ चार लोग 31 जुलाई 2016 की रात बेटे का शव फतेहपुर के नंबर प्लेट वाली एंबुलेंस से लेकर आए थे। एंबुलेंस में एक मोबाइल नंबर लिखा था। एंबुलेंस चालक और उसके तीन साथियों को सामने आने पर वह पहचान सकता है। बेटे उमेश कुमार का शव दरवाजे पर एंबुलेंस से फेंक कर चले गए थे। उसने विनय से बेटे की मौत के बारे में पूछताछ की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिल सका। उल्टे जान से मारने की धमकी देने लगे। इसकी इटियाथोक थाने में सूचना दी। इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसरा सुरक्षित किया गया। पुलिस के सुनवाई न करने पर कोर्ट में गुहार लगाई थी। कोर्ट के आदेश पर निल में 18 अगस्त 2018 को इटियाथोक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले की जांच के बाद गोंडा पुलिस ने रिपोर्ट शहर कोतवाली पुलिस को एक माह पहले स्थानांतरित की थी। कोतवाली पुलिस ने चार दिसंबर को विनय शर्मा समेत पांच के खिलाफ हत्या, धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़ित के वकील कमला प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उमेश को उसका दोस्त विनय नौकरी दिलाने एक कंपनी में लाया था। उसकी जेब से सेल्स मार्केटिंग प्लान का दो अभिलेख बरामद मिला था। कंपनी में लेनदेन को लेकर हत्या की गई थी। मामले में पुलिस ने जांच के दौरान एंबुलेंस मालिक और चालक से पूछताछ की। वाहन और चालक के कागजात की फोटो कॉपी ली है। उसके बाद पुलिस ने कंपनी के कुछ लोगों से पूछताछ की। हालांकि जांच किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जिसके बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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