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Fatehpur News: दो हजार की वसूली में खनिज वाहनों को पुलिस दे देती छूट
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फतेहपुर। जिले के हाईवे पर हादसों का बड़ा कारण खनिज वाहन हैं। खनिज वाहनों को पुलिस ने वसूली की रकम के लिए खुली छूट दे रखी है। कहीं भी ओवरलोड मौरंग, गिट्टी लदे ट्रक और डंपर खड़े नजर आ जाते हैं।
खनिज वाहनों का अधिकांश आना-जाना बांदा व जिले की मौरंग खदानों से होता है। इनमें प्रमुख मार्गों में ललौली से बिंदकी-कानपुर हाईवे, दतौली से शहर कोतवाली हाईवे, जोनिहा से शहर, असोथर से थरियांव, धाता व किशनपुर से खागा है। इन सभी मार्गों से आने वाले खनिज वाहन कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर पहुंचते हैं। मार्गों पर आठ थाना क्षेत्र व यातायात पुलिस के बैरियर लगते हैं। इनके अलावा एआरटीओ व खनिज के वाहन दौड़ते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य मार्गों पर हादसे अक्सर खनिज वाहनों से ही होते हैं।
हादसों की वजह वाहनों को बेतरतीब तरीके से कहीं भी खड़ा करना होता है। असोथर, किशनपुर क्षेत्र में वाहन गांवों के संपर्क मार्गों से गुजरते हैं। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। इन वाहनों के आगे-पीछे लग्जरी कार से घूमते हैं और क्षेत्रीय पुलिस को प्रति वाहन चौथ चढ़ाकर पास से गुजारते हैं। यहां तक कोतवाली, थानों की पुलिस को भी दो-दो हजार महीना तय है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ने वाले दो टोल बूथों में भी खनिज वाहन टैक्स नहीं देते। खागा से प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी जाने वाले वाहन शॉर्टकट रास्ते से प्रेमनगर से निकल जाते हैं। इधर, बड़ौरी टोल बचाने के लिए बिंदकी, जोनिहा के शॉर्टकट का रास्ता अपनाते हैं।
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हाईवे पर खड़े वाहनों पर लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। आगे भी हाईवे के हादसा स्थलों को चिह्नित करके वाहनों को खड़ा होने से रोका जाएगा। नियमों के लिए यातायात के सिग्नल भी लगाए जाएंगे। -विजय शंकर मिश्र, एएसपी
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खनिज वाहनों का अधिकांश आना-जाना बांदा व जिले की मौरंग खदानों से होता है। इनमें प्रमुख मार्गों में ललौली से बिंदकी-कानपुर हाईवे, दतौली से शहर कोतवाली हाईवे, जोनिहा से शहर, असोथर से थरियांव, धाता व किशनपुर से खागा है। इन सभी मार्गों से आने वाले खनिज वाहन कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर पहुंचते हैं। मार्गों पर आठ थाना क्षेत्र व यातायात पुलिस के बैरियर लगते हैं। इनके अलावा एआरटीओ व खनिज के वाहन दौड़ते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य मार्गों पर हादसे अक्सर खनिज वाहनों से ही होते हैं।
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हादसों की वजह वाहनों को बेतरतीब तरीके से कहीं भी खड़ा करना होता है। असोथर, किशनपुर क्षेत्र में वाहन गांवों के संपर्क मार्गों से गुजरते हैं। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। इन वाहनों के आगे-पीछे लग्जरी कार से घूमते हैं और क्षेत्रीय पुलिस को प्रति वाहन चौथ चढ़ाकर पास से गुजारते हैं। यहां तक कोतवाली, थानों की पुलिस को भी दो-दो हजार महीना तय है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ने वाले दो टोल बूथों में भी खनिज वाहन टैक्स नहीं देते। खागा से प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी जाने वाले वाहन शॉर्टकट रास्ते से प्रेमनगर से निकल जाते हैं। इधर, बड़ौरी टोल बचाने के लिए बिंदकी, जोनिहा के शॉर्टकट का रास्ता अपनाते हैं।
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हाईवे पर खड़े वाहनों पर लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। आगे भी हाईवे के हादसा स्थलों को चिह्नित करके वाहनों को खड़ा होने से रोका जाएगा। नियमों के लिए यातायात के सिग्नल भी लगाए जाएंगे। -विजय शंकर मिश्र, एएसपी