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असलहा फैक्टरी के साथ पिता-पुत्र गिरफ्तार
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पुलिस लाइन सभागार में असला फैक्ट्री का खुलासा करते एसपी राजेश कुमार सिंह। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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असोथर। पुलिस ने असलहा फैक्टरी चलाने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। उनके पास से निर्मित और अर्द्घनिर्मित असलहे व उपकरण बरामद किए हैं। दोनों आसपास के कई गांवों में असलहों की सप्लाई करते थे।
पुलिस लाइन में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आपरेशन पाताल के तहत असोथर प्रभारी निरीक्षक नीरज यादव ने रामनगर कौंहन के बीहड़ जंगल में बुधवार रात दबिश दी। असलहा फैक्टरी के साथ विजयपाल और उसके पुत्र बृजेश कुमार निवासी बहरामपुर थाना थरियांव को पकड़ा गया है। दोनों के पास से एक-एक तमंचा बरामद किया गया।
उनकी फैक्टरी से 11 तमंचे, दो देशी राइफल, दो अर्द्घनिर्मित तमंचे बरामद हुए। इसके लावा उपकरण भी मिले हैं। पुलिस ने बताया कि पिता-पुत्र तमंचा पांच और राइफल 14 हजार में बेचते हैं। विजयपाल 2019 में तमंचे के साथ पकड़ा जा चुका है। आरोपी आसपास के कुसुंभी, सुसवन, हरनवां गांवा में तमंचा सप्लाई करते हैं। एसपी ने निरीक्षक व उनकी टीम को 10 हजार का इनाम दिया है।
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असलहा बनाने वाले विजयपाल का मूल गांव गाजीपुर थाना क्षेत्र का खेसहन है। विजयपाल के मुताबिक खेसहन गांव के हिस्ट्रीशीटर नन्हा और मन्हा का दो दशक पहले गांव में आतंक था। उनकी दहशत के चलते विजयपाल ने गांव छोड़ दिया था। निरीक्षक नीरज यादव ने बताया कि गांव छोड़ने के बाद बहरामपुर में घर बनाकर विजय पाल रहने लगा। चोरी छिपे असलहे बनाकर बेचने का इसका पुराना कारोबार है।
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पुलिस लाइन में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आपरेशन पाताल के तहत असोथर प्रभारी निरीक्षक नीरज यादव ने रामनगर कौंहन के बीहड़ जंगल में बुधवार रात दबिश दी। असलहा फैक्टरी के साथ विजयपाल और उसके पुत्र बृजेश कुमार निवासी बहरामपुर थाना थरियांव को पकड़ा गया है। दोनों के पास से एक-एक तमंचा बरामद किया गया।
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उनकी फैक्टरी से 11 तमंचे, दो देशी राइफल, दो अर्द्घनिर्मित तमंचे बरामद हुए। इसके लावा उपकरण भी मिले हैं। पुलिस ने बताया कि पिता-पुत्र तमंचा पांच और राइफल 14 हजार में बेचते हैं। विजयपाल 2019 में तमंचे के साथ पकड़ा जा चुका है। आरोपी आसपास के कुसुंभी, सुसवन, हरनवां गांवा में तमंचा सप्लाई करते हैं। एसपी ने निरीक्षक व उनकी टीम को 10 हजार का इनाम दिया है।
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असलहा बनाने वाले विजयपाल का मूल गांव गाजीपुर थाना क्षेत्र का खेसहन है। विजयपाल के मुताबिक खेसहन गांव के हिस्ट्रीशीटर नन्हा और मन्हा का दो दशक पहले गांव में आतंक था। उनकी दहशत के चलते विजयपाल ने गांव छोड़ दिया था। निरीक्षक नीरज यादव ने बताया कि गांव छोड़ने के बाद बहरामपुर में घर बनाकर विजय पाल रहने लगा। चोरी छिपे असलहे बनाकर बेचने का इसका पुराना कारोबार है।