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लिपिक का बेटा पीसीएस अफसर
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फतेहपुर। सहायक अध्यापक कमल प्रताप सिंह ने पीसीएस अफसर बनकर दोआबा का मान बढ़ाया है। पीसीएस में यह उनका दूसरा प्रयास था, जिसमें प्रदेश स्तर पर 47वीं रैंक हासिल की है। कमल का सपना, आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करना है। वह समाज को अपनी सेवाएं देना चाहते हैं।
असोथर ब्लाक के अढ़ावल गांव निवासी योगेंद्र सिंह सहायक संभागीय परिवहन विभाग में लिपिक हैं।
बड़ा बेटा कमल प्रताप सिंह वर्ष 2016 में सहायक अध्यापक के पद पर चयनित होकर अब पीसीएस अफसर बन चुका है। जबकि छोटा बेटा विमल प्रताप एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। इकलौती बेटी नेहा बनारस के बीएचयू से डाक्टरेट की पढ़ाई कर रही है। बुुधवार को पीसीएस 2019 की परीक्षा का परिणाम आया तो कमल प्रताप की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पिता भी बेटे की इस सफलता से फूले नहीं समा रहे हैं। यही वजह रही कि सारा दिन सहायक संभागीय परिवहन विभाग में जश्न जैसा माहौल रहा। कमल प्रताप का कहना है कि बेशक शिक्षा क्षेत्र में कर गुजरने को काफी कुछ है, लेकिन कैडर ग्रोथ नहीं है। उनका सपना आईएएस अफसर बनकर समाज को अच्छा बनाना है।
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असोथर ब्लाक के अढ़ावल गांव निवासी योगेंद्र सिंह सहायक संभागीय परिवहन विभाग में लिपिक हैं।
बड़ा बेटा कमल प्रताप सिंह वर्ष 2016 में सहायक अध्यापक के पद पर चयनित होकर अब पीसीएस अफसर बन चुका है। जबकि छोटा बेटा विमल प्रताप एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। इकलौती बेटी नेहा बनारस के बीएचयू से डाक्टरेट की पढ़ाई कर रही है। बुुधवार को पीसीएस 2019 की परीक्षा का परिणाम आया तो कमल प्रताप की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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पिता भी बेटे की इस सफलता से फूले नहीं समा रहे हैं। यही वजह रही कि सारा दिन सहायक संभागीय परिवहन विभाग में जश्न जैसा माहौल रहा। कमल प्रताप का कहना है कि बेशक शिक्षा क्षेत्र में कर गुजरने को काफी कुछ है, लेकिन कैडर ग्रोथ नहीं है। उनका सपना आईएएस अफसर बनकर समाज को अच्छा बनाना है।
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