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बिना दिखाए लौटने को मजबूर हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Tue, 04 Aug 2015 12:24 AM IST
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सीएचसी में डाक्टरों की कमी मरीजों पर भारी पड़ी रही है। हफ्ते भर से संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। सोमवार को 270 से ज्यादा मरीजों ने डाक्टरों को दिखाया। मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो यहां तीन डाक्टरों को तय समय में ढाई सौ से तीन सौ मरीजों को देखना होता है। तीमारदारों ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद डाक्टर को दिखाने का मौका आया। इससे कई मरीज बेहाल रहे। इसके अलावा देर हो जाने से कई मरीजों को लौटना पड़ता है।
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सोमवार को मौजूद मात्र तीन डाक्टरों में चिकित्साधिकारी डा. इश्तियाक अहमद, डा. पंकज अवस्थी, डा. मनीष चौरसिया ने 270 मरीजों को देखकर उनको दवाइयां दिलाईं। इन डाक्टरों ने बताया कि इस मौसम में वायरल फीवर, उल्टी- दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। यहां भीड़ अधिक होने के कारण घंटाें से लाइन में लगे मरीज रेखा, शिखा, सीमा, राबिया, दीपक आदि ने बताया कि बिंदकी में तीस बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कहने के लिए तो एक लेडी डाक्टर सहित आधा दर्जन डाक्टरों की तैनाती है। यहां शासनादेश के बावजूद परिसर में कई डाक्टर आवास में नहीं रुकते हैं। कई डॉक्टर कानपुर फतेहपुर से अप-डाउन करते हैं। परिणाम स्वरूप मरीजों को देखने के लिए मात्र तीन डाक्टरों के पास भीड़ जुटी है। भीड़ के कारण दर्जनों मरीज प्रतिदिन वापस लौटते है। नगर के अधिवक्ता अरुण द्विवेदी, अंकित मिश्रा, सभासद कमलेश ओमर, सुनील पाल आदि ने मुख्य चिकित्साधिकारी विनय पांडेय से मांग की है कि सीएचसी बिंदकी में बने आवासों में सभी डाक्टरों को रुकने के निर्देश दिए जाएं और डाक्टरों के रिक्त पड़े स्थानों में अन्य डाक्टरों की तैनाती की जाए।
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डीएम के निर्देश भी बेअसर
बिंदकी। गत सप्ताह तहसील बिंदकी के निरीक्षण में आई जिलाधिकारी पुष्पा सिंह ने एसडीएम जेएन सचान को निर्देश दिए थे कि सीएचसी में तैनात सभी डाक्टरों की प्रतिदिन समय से आने की रिपोर्ट देंगे। उनके आदेश के बावजूद किसी भी दिन सभी डाक्टर समय से मौजूद नहीं मिले। सोमवार को भी तीन डाक्टरों पर मरीजों को देखने का भार बना रहा। एसडीएम ने कहा कि प्रतिदिन डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है, लेकिन सीएचसी में पूरी तरह से सुधार नहीं हो पाया है।
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