{"_id":"5ee670e78ebc3e431836cad1","slug":"other-fatehpur-news-knp565564379","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडी परिसर में टैक्स लगेगा, बाहर अनाज की खरीद-फरोख्त होगी टैक्स फ्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी परिसर में टैक्स लगेगा, बाहर अनाज की खरीद-फरोख्त होगी टैक्स फ्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। केंद्र सरकार के नए बिल में मंडी शुल्क समाप्त करने से किसानों को अपने उत्पादन को बेचने में अधिक लाभ मिलेगा और घर बैठे ही किसान उपज को बेच सकेंगे। इससे किसानों में खुशी है, लेकिन कृषि उत्पादन मंडी परिषद का एकाधिकार समाप्त होने से आढ़ती और मंडी के व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। उनको अपने व्यापार को बरकरार रखने की चिंता सता रही है। वहीं कुछ मंडी व्यापारी किसानों के घर से फसलों के उत्पादन खरीद कर व्यापार करने का मन बना रहे हैं।
किसानों की फसलों को खरीदने के लिए अब व्यापारियों को लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। नवीन मंडी के बाहर फसलों को बेचने में किसानों को मंडी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। फसलों को खरीदने वाले व्यापारी को अपने पास पैन कार्ड रखना जरूरी होगा। उसी आधार से वह किसानों की फसल को खरीद सकेगा। मंडी के बाहर खरीदारी करने से किसानों को मंडी शुल्क तो बचेगा ही, साथ में व्यापारियों को भी लाइसेंस का झंझट नहीं रहेगा। मंडी शुल्क के
अलावा किसानों को खेत से मंडी तक पहुंचाने के लिए वाहनों के लिए भी समस्या नहीं उठानी पड़ेगी। वहीं नवीन मंडी में खरीद फरोख्त के लिए किसान और व्यापारियों का ढाई प्रतिशत टैक्स लगेगा। सरकार के इस नए नियम से जहां किसानों को लाभ होगा, मंडी परिषद को मंडियों में आवक की चिंता अभी से सताने लगी है। किसानों की आय बढ़ाने में सरकार का यह नियम सहयोगी साबित होगा। किसानों का मंडी शुल्क के नाम आढ़ती और व्यापारी शोषण करते थे। अब किसान अपने घर से सब्जी और अन्य उत्पादन को सरकारी दाम पर बेच सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों की फसलों को खरीदने के लिए अब व्यापारियों को लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। नवीन मंडी के बाहर फसलों को बेचने में किसानों को मंडी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। फसलों को खरीदने वाले व्यापारी को अपने पास पैन कार्ड रखना जरूरी होगा। उसी आधार से वह किसानों की फसल को खरीद सकेगा। मंडी के बाहर खरीदारी करने से किसानों को मंडी शुल्क तो बचेगा ही, साथ में व्यापारियों को भी लाइसेंस का झंझट नहीं रहेगा। मंडी शुल्क के
विज्ञापन
अलावा किसानों को खेत से मंडी तक पहुंचाने के लिए वाहनों के लिए भी समस्या नहीं उठानी पड़ेगी। वहीं नवीन मंडी में खरीद फरोख्त के लिए किसान और व्यापारियों का ढाई प्रतिशत टैक्स लगेगा। सरकार के इस नए नियम से जहां किसानों को लाभ होगा, मंडी परिषद को मंडियों में आवक की चिंता अभी से सताने लगी है। किसानों की आय बढ़ाने में सरकार का यह नियम सहयोगी साबित होगा। किसानों का मंडी शुल्क के नाम आढ़ती और व्यापारी शोषण करते थे। अब किसान अपने घर से सब्जी और अन्य उत्पादन को सरकारी दाम पर बेच सकेंगे।
विज्ञापन