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श्रमिक के पास आया सीएम का फोन
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श्रमिक अमित कुमार
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक पहल ने श्रमिक का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। पूरा परिवार उत्साह और खुशी से लबरेज है। जिले में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए श्रमिक के मोबाइल पर सीधा संवाद किया। तकरीबन छह मिनट की वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने मनरेगा मजदूर अमित से मुखातिब होकर उससे योजनाओं की हकीकत जानी और लॉकडाउन के दौरान उसकी परेशानी भी पूछी।
बिंदकी तहसील के खजुहा ब्लाक के बरेठर गांव निवासी अमित मनरेगा जॉबकार्डधारक हैं। बीएससी करने के बाद नौकरी नहीं मिली तो वह अपने गांव में ही मनरेगा में काम करते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते हैं। अमित बताते हैं कि श्रमिक दिवस पर उनके मोबाइल में दोपहर तकरीबन ढाई बजे प्रदेश सरकार की ओर से एसएमएस आया। बताया गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से उनसे मुखातिब होंगे। इससे
जुड़ने के लिए उन्हें एक आईडी और पासवर्ड भी दिया गया। बकौल अमित शाम चार बजे वीडियो कान्फ्रेंसिंग में सीएम ने निशुल्क राशन, आपदा राहत के लिए श्रमिकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह दी जाने वाली रकम मिलने के बारे में पूछा। दोनो सवालों का अमित ने हां में जवाब दिया। छह मिनट तक सीएम से वीडियो कान्फ्रेंसिंग में जुडे़
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रहने के दौरान मुख्यमंत्री ने अमित और उनके परिवार का कुशलक्षेम भी पूछा। अमित बताते हैं उन्हें इस बात की खुशी है कि सरकार हमारा हाल जानने के लिए कितनी प्रयासरत है और हमारे लिए क्या-क्या कर रही है। अमित के परिवार में उसके पिता, मां, दो भाई और तीन बहनें भी हैं। सभी मेहनत मजदूरी और खेती कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।
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बिंदकी तहसील के खजुहा ब्लाक के बरेठर गांव निवासी अमित मनरेगा जॉबकार्डधारक हैं। बीएससी करने के बाद नौकरी नहीं मिली तो वह अपने गांव में ही मनरेगा में काम करते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते हैं। अमित बताते हैं कि श्रमिक दिवस पर उनके मोबाइल में दोपहर तकरीबन ढाई बजे प्रदेश सरकार की ओर से एसएमएस आया। बताया गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से उनसे मुखातिब होंगे। इससे
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जुड़ने के लिए उन्हें एक आईडी और पासवर्ड भी दिया गया। बकौल अमित शाम चार बजे वीडियो कान्फ्रेंसिंग में सीएम ने निशुल्क राशन, आपदा राहत के लिए श्रमिकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह दी जाने वाली रकम मिलने के बारे में पूछा। दोनो सवालों का अमित ने हां में जवाब दिया। छह मिनट तक सीएम से वीडियो कान्फ्रेंसिंग में जुडे़
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रहने के दौरान मुख्यमंत्री ने अमित और उनके परिवार का कुशलक्षेम भी पूछा। अमित बताते हैं उन्हें इस बात की खुशी है कि सरकार हमारा हाल जानने के लिए कितनी प्रयासरत है और हमारे लिए क्या-क्या कर रही है। अमित के परिवार में उसके पिता, मां, दो भाई और तीन बहनें भी हैं। सभी मेहनत मजदूरी और खेती कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।