{"_id":"5ea724ad8ebc3e905528d751","slug":"other-fatehpur-news-knp557356111","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंधी, बारिश से किसानों की फसलें हुई बर्बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंधी, बारिश से किसानों की फसलें हुई बर्बाद
विज्ञापन
फतेहपुर। महामारी से परेशान चल रहे किसानों के लिए आंधी और बारिश ने दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है। रविवार रात आंधी के साथ बारिश हुई। इससे गेहूं की कटी पड़ी फसलें और कतराई के बाद खेत में लगा भूसा उड़ गया। पेड़ और बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। इससे शहर से लेकर गांव तक की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। दिनभर फाल्ट सही करने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र की बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी है।
गेहूं के फसल की 75 फीसदी कटाई हो चुकी है, लेकिन कतराई का काम अभी भी 50 फीसदी बचा है। दो दिन से बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पहले शनिवार की शाम को आंधी के साथ बारिश हुई और यमुना कटरी क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। इससे सूखी गेहूं के फसल की बालियां टूटकर गिर गई। जिन किसानों ने थे्रशर से गेहूं की कतराई करा ली थी। उनके खेत में लगा भूसा आंधी में उड़ गया। पशुपालकों को सालभर
मवेशियों का पेट भरने की चिंता सताने लगी है। वहीं जो किसान गेहूं की फसल काट रहे थे। बारिश की वजह से उनका काम बंद हो गया है। अब सूखने के बाद ही फसल की कटाई शुरू कर सकेंगे। दो दिन में आंधी, पानी से बहुआ और विजयीपुर क्षेत्र में अधिक हुआ है।
विज्ञापन
वजयीपुर ब्लाक के बहियापुर गांव के किसान दिलीप कुमार के खेत में गेहूं की फसल कटी पड़ी थी। आंधी में फसल उड़ गई। सुबह दिलीप खेत में पहुंच कर उड़ी हुई फसल को समेटने में जुटे रहे। किसान ने बताया कि एक बीघा फसल कटी पड़ी थी। समेटने में आधी ही फसल इकट्ठा कर पाए हैं।
मनीपुर सेमरिया गांव के किसान शिवसिंह का कहना है कि फसल को काटने के बाद बोझ बांध कर खेत में पड़े थे। थे्रशर न मिलने की वजह से कतराई नहीं हो सकी। बारिश में दो बीघा की फसल भीग गई है। अब धूप में गेहूं के बोझ खोल कर सुखाना पड़ेगा। तब कतराई हो सकेगी।
दो दिन की आंधी में बागवानी करने वाले किसानों को बर्बाद कर दिया है। जिले में तेज आंधी में आम के पेड़ पर लगी अमियां गिर गईं। यह फल अभी इतने बड़े भी नहीं हुए हैं कि अचार रखने के लिए बिक्री हो सके। आंधी से बागवानों को 30 से 35 फीसदी का नुकसान हुआ है।
बहुआ। तेज आंधी में बिजली के खंभा टूटकर गिर गए। इससे बिजली सप्लाई धड़ाम हो गई। शहरी क्षेत्र की बिजली सुबह होते ही बहाल हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आई है। बहुआ क्षेत्र के तपनी मार्ग में आंधी से पेड़ और बिजली के खंभा टूटकर गिर गए। इससे आवागमन भी बंद हो गया। कस्बा का हाईमास्क लाइट का खंभा भी टूट गया। सुबह से लेकर शाम तक लाइनमैन फाल्ट सही करने में लगे रहे, लेकिन बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई।
जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि दोनों दिन की आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का आंकलन कराया गया है। जिलेभर में आठ से 10 फीसदी गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है। खागा तहसील के विजयीपुर और बहुआ क्षेत्र में अधिक नुकसान हुआ है। इसकी रिपोर्ट तैयार करा ली गई है।
खरीफ फसल की बुआई से पहले खाली पड़े खेतों में हरी खाद बनाने के लिए कृषि विभाग ने ढैंचा का बीज मंगा लिया है। राजकीय बीज भंडारों में बीज भेजने का काम शुरू कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि अगले सप्ताह के सोमवार से किसान बीज खरीद सकेंगे। किसानों को 55 रुपये प्रति किलो की दर से ढैंचा का बीज मिलेगा। इसमें 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
विज्ञापन
गेहूं के फसल की 75 फीसदी कटाई हो चुकी है, लेकिन कतराई का काम अभी भी 50 फीसदी बचा है। दो दिन से बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पहले शनिवार की शाम को आंधी के साथ बारिश हुई और यमुना कटरी क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। इससे सूखी गेहूं के फसल की बालियां टूटकर गिर गई। जिन किसानों ने थे्रशर से गेहूं की कतराई करा ली थी। उनके खेत में लगा भूसा आंधी में उड़ गया। पशुपालकों को सालभर
विज्ञापन
मवेशियों का पेट भरने की चिंता सताने लगी है। वहीं जो किसान गेहूं की फसल काट रहे थे। बारिश की वजह से उनका काम बंद हो गया है। अब सूखने के बाद ही फसल की कटाई शुरू कर सकेंगे। दो दिन में आंधी, पानी से बहुआ और विजयीपुर क्षेत्र में अधिक हुआ है।
विज्ञापन
वजयीपुर ब्लाक के बहियापुर गांव के किसान दिलीप कुमार के खेत में गेहूं की फसल कटी पड़ी थी। आंधी में फसल उड़ गई। सुबह दिलीप खेत में पहुंच कर उड़ी हुई फसल को समेटने में जुटे रहे। किसान ने बताया कि एक बीघा फसल कटी पड़ी थी। समेटने में आधी ही फसल इकट्ठा कर पाए हैं।
मनीपुर सेमरिया गांव के किसान शिवसिंह का कहना है कि फसल को काटने के बाद बोझ बांध कर खेत में पड़े थे। थे्रशर न मिलने की वजह से कतराई नहीं हो सकी। बारिश में दो बीघा की फसल भीग गई है। अब धूप में गेहूं के बोझ खोल कर सुखाना पड़ेगा। तब कतराई हो सकेगी।
दो दिन की आंधी में बागवानी करने वाले किसानों को बर्बाद कर दिया है। जिले में तेज आंधी में आम के पेड़ पर लगी अमियां गिर गईं। यह फल अभी इतने बड़े भी नहीं हुए हैं कि अचार रखने के लिए बिक्री हो सके। आंधी से बागवानों को 30 से 35 फीसदी का नुकसान हुआ है।
बहुआ। तेज आंधी में बिजली के खंभा टूटकर गिर गए। इससे बिजली सप्लाई धड़ाम हो गई। शहरी क्षेत्र की बिजली सुबह होते ही बहाल हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आई है। बहुआ क्षेत्र के तपनी मार्ग में आंधी से पेड़ और बिजली के खंभा टूटकर गिर गए। इससे आवागमन भी बंद हो गया। कस्बा का हाईमास्क लाइट का खंभा भी टूट गया। सुबह से लेकर शाम तक लाइनमैन फाल्ट सही करने में लगे रहे, लेकिन बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई।
जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि दोनों दिन की आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का आंकलन कराया गया है। जिलेभर में आठ से 10 फीसदी गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है। खागा तहसील के विजयीपुर और बहुआ क्षेत्र में अधिक नुकसान हुआ है। इसकी रिपोर्ट तैयार करा ली गई है।
खरीफ फसल की बुआई से पहले खाली पड़े खेतों में हरी खाद बनाने के लिए कृषि विभाग ने ढैंचा का बीज मंगा लिया है। राजकीय बीज भंडारों में बीज भेजने का काम शुरू कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि अगले सप्ताह के सोमवार से किसान बीज खरीद सकेंगे। किसानों को 55 रुपये प्रति किलो की दर से ढैंचा का बीज मिलेगा। इसमें 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।