फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   other

स्वास्थ्य कर्मियों व पुलिस पर की गई फूलों की बारिश

Thu, 09 Apr 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2020 11:18 PM IST
विज्ञापन
other
फतेहपुर। समाजसेवी संगठनों ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव व राहत कार्य में लगे स्वास्थ्यकर्मियों व पुलिस पर गुरुवार को फूलों की बारिश कर उनका हौसला बढ़ाया। जिला अस्पताल व पटेल नगर चौराहा पर यह आयोजन हुआ।
विज्ञापन

नारी स्मिता फाउंडेशन रोटी घर की संचालिका स्मिता सिंह के नेतृत्व में सीएमएस डॉ. प्रभाकर, डॉ. विवेक निगम, डॉ. सुरेश सचान, डॉ. नरेश विशाल, रेखा चंदेल, स्टाफ नर्स प्रीती, अंजली, अरविंद आदि रहे। फाउंडेशन की ओर से प्रसून तिवारी, विवेक मिश्रा, अंकित सिंह चौहान भी रहे। सरदार वल्लभ भाई पटेल फाउंडेशन ने पटेलनगर चौराहे पर पुलिस कर्मियों के साथ सीओ सिटी केडी मिश्रा और कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव का स्वागत किया गया। मुख्य ट्रस्टी राजेश सिंह पटेल, कैलाश द्विवेदी, आत्माराम तिवारी, आशीष सिंह, एहतराम, राजनारायन, लालजी, पटेल, अमोल सचान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

बाइस दिन से नहीं गए घर
कोरोना से जंग में उतरे जांबाज डाक्टरों ने बयां किया हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। कोरोना मरीजों को चिह्नित करने, उनकी जांच कराने से लेकर क्वारंटीन में रखकर उन्हें ठीक कराने तक की लड़ाई में जुटे चिकित्सकों ने पिछले कई दिनों से अपने घर का मुंह नहीं देखा है। ये डॉक्टर एक दिन में बारह से चौदह घंटे तक की ड्यूटी कर मरीजों की सेवा कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में जब हर किसी को घर से बाहर निकलने की मनाही है, तब चिकित्सक अपने सेवा धर्म में जी-जान से डटे हैं। चिकित्सकों से बात की गई, तो उन्होंने इस तरह से अपने अनुभव साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

फोटो 6- डॉ. के.के. श्रीवास्तव
कोरोना सेल के प्रभारी डॉ. के.के. श्रीवास्तव कहते हैं पूरा परिवार कानपुर में है और उन्होंने पिछले बीस दिनों से घर का मुंह नहीं देखा है। घर में मां, पत्नी और बच्चे सभी चिंतित हैं और हर रोज फोन पर घर आने को कहते हैं। एक दिन में बारह से चौदह घंटे तक ड्यूटी कर रहे हैं। कई बार तो घर के फोन उठाने का भी मौका नहीं मिलता और शाम तक इतना थक चुके होते हैं कि बात करने की हिम्मत नहीं बचती।

......
फोटो 7- डॉ. अब्दुल्ला
कोरोना सेल में काम कर रहे महामारी विज्ञानी डॉ. अब्दुल्ला बताते हैं कि प्रयागराज जनपद में परिवार रहता है। बड़ा बेटा चार साल का है और छोटा डेढ़ साल का। पत्नी पूरा घर और दोनों बच्चे अकेले संभाल रही है। बाइस दिन घर जाने का मौका नहीं मिला और न ही बच्चों का चेहरा देखा है। जितनी बार घर से फोन आता है, आश्वासन दे देते हैं कि जल्द ही आ रहे हैं, लेकिन जाने का न तो वक्त मिल रहा है और न ही अब स्थितियां रह गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed