फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   other

एक अप्रैल से बंद हो सकती है एंबुलेंस

Sat, 28 Mar 2020 09:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2020 09:39 PM IST
विज्ञापन
other
फतेहपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा किट उपलब्ध न कराने से नाराज 108, 102 व एएलएस एंबुलेंस का संचालन एक अप्रैल से बंद हो सकता है। इस सेवा को देने वाले ईएमटी और पायलट की जेब खाली हो चुकी है। सुरक्षा के नाम पर ग्लब्स व मॉस्क तक से स्टाफ वंचित है। इस वक्त यही नाराजगी की मूल वजह बनती जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि सबसे पहला जोखिम तो वही उठाते हैं। इसके बावजूद उन्हेंकोई सुनने को तैयार नहीं है। एंबुलेंस यूनियन के जिलाध्यक्ष ने कहा कि 31 मार्च तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता है तो एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन हुए समूचे मुल्क के बीच आपातकालीन सेवा की हर कड़ी मायने रखती है। खासकर स्वास्थ्य विभाग के लिए यह बात और भी अहमियत रखने वाली है। दस्तक दे रही आपदा से मोर्चा यही विभाग सीधे तौर पर ले रहा है। जिले में 270 का स्टाफ, 108, 102 व एएलएस एंबुलेंस के संचालन में लगा है। इस स्टाफ का कहना है कि उसे बिना किसी एहतियात के ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। हर तरीके के मरीज लाने पड़ते हैं इसके बावजूद हाथ में पहनने को न ग्लब्स दिए जाते हैं और न ही मुंह ढंकने को मॉस्क। अभी हाल ही में
विज्ञापन

एक दो मामले ऐसे आए जब मरीज को लाने के मामले में एंबुलेंस कर्मियों में असंतोष देखा गया। जीवनदायिनी 108, 102 व एएलएस एंबुलेंस यूनियन के जिलाध्यक्ष अवनीश पांडेय कहते हैं कि सरकार का नजरिया समझ से परे हैं। सरकार, कोरोना से जुड़े काम में लगे कर्मचारियों को बीमा का लाभ दे रही है लेकिन इस लायक एंबुलेंस कर्मी को नहीं समझा गया है। सरकार हमको कर्मचारी नहीं समझती है तो हम भी काम करने को बाध्य नहीं हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 31 मार्च तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता है तो एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ ने कोरोना के बचाव के प्रयास में मददगार बनने का फैसला लिया है। जिलाध्यक्ष शिवकरन सिंह ने डीएम संजीव सिंह से मुलाकात करके जिले भर के संग्रह अमीनों का एक-एक दिन का वेतन, मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की पेशकश की। अध्यक्ष ने बताया कि ऐसी घड़ी में जो जितना दूसरों के लिए काम आ जाए, वह कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed