{"_id":"5e6e792f8ebc3ea7e328f2db","slug":"other-fatehpur-news-knp550548944","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई से आया हूं कहीं मुझे कोरोना तो नहीं ...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुंबई से आया हूं कहीं मुझे कोरोना तो नहीं ...
विज्ञापन
खागा/फतेहपुर। कोरोना वायरस का खौफ किस कदर बढ़ता जा रहा है कि मामूली सर्दी, खांसी होने पर लोगों में इससे संक्रमण को लेकर चिंता सताने लगती है। मुंबई से दो दिन पहले लौटा एक युवक कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका पर सीएचसी हरदो पहुंचा। डॉक्टर से बताया कि उसे सर्दी, जुकाम के साथ मामूली बुखार है। सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
किशनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला युवक मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है। शुक्रवार की शाम घर लौटा तो उसे सर्दी, जुकाम और बुखार था। घरेलू उपचार के बाद आराम न मिलने पर रविवार की भोर इसी गांव की आशा कार्यकर्ता का पति, उसे सीएचसी लाया था। यहां डॉ. राकेश कुमार ने युवक को देखा। शरीर कंपकंपा रहा था और पसीना भी बह रहा था। चिकित्सक ने बताया कि प्रथम दृष्टया वायरल फीवर के लक्षण हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। उधर, सदर अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रभाकर ने बताया कि युवक को साधारण वार्ड में बेड नंबर 27 में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि सर्दी, जुकाम और बुखार आने का मतलब कोरोना नहीं है। कोरोना की जांच के कई स्टेप होते हैं। ट्रॉमा सेंटर में अलग से कोरोना वार्ड बना है।
वर्जन
किसी को सर्दी, जुकाम और बुखार है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कोरोना के वायरस से ग्रसित है। इसकी जांच विदेश की यात्रा करके लौटने वाले या फिर ऐसी यात्री के संपर्क में रहने वाले शख्स की ही की जा सकती है। डा. अब्दुल्ला, महामारी विज्ञानी
विज्ञापन
विज्ञापन
किशनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला युवक मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है। शुक्रवार की शाम घर लौटा तो उसे सर्दी, जुकाम और बुखार था। घरेलू उपचार के बाद आराम न मिलने पर रविवार की भोर इसी गांव की आशा कार्यकर्ता का पति, उसे सीएचसी लाया था। यहां डॉ. राकेश कुमार ने युवक को देखा। शरीर कंपकंपा रहा था और पसीना भी बह रहा था। चिकित्सक ने बताया कि प्रथम दृष्टया वायरल फीवर के लक्षण हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। उधर, सदर अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रभाकर ने बताया कि युवक को साधारण वार्ड में बेड नंबर 27 में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि सर्दी, जुकाम और बुखार आने का मतलब कोरोना नहीं है। कोरोना की जांच के कई स्टेप होते हैं। ट्रॉमा सेंटर में अलग से कोरोना वार्ड बना है।
विज्ञापन
वर्जन
किसी को सर्दी, जुकाम और बुखार है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कोरोना के वायरस से ग्रसित है। इसकी जांच विदेश की यात्रा करके लौटने वाले या फिर ऐसी यात्री के संपर्क में रहने वाले शख्स की ही की जा सकती है। डा. अब्दुल्ला, महामारी विज्ञानी
विज्ञापन