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पुत्र वियोग में पिता ने फांसी लगाकर दी जान
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अल्लीपुर। इकलौते बेटे की मौत से आहत एक पिता ने बुधवार तड़के फांसी लगाकर जान दे दी। मामले की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मलवां थानाक्षेत्र के अमौरा गांव निवासी शिवगोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह (70), अपने पुत्र अनुराग सिंह (35), बहू व उसके दो बच्चों के साथ दिल्ली में रहते थे। पत्नी की तीन साल पहले मौत हो चुकी थी। शिवगोपाल दिल्ली में सिक्योरिटी एजेंसी का संचालन करते थे। उनका पुत्र भी इसी काम में हाथ बटाता था। परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था। तभी मई 2021 में जैसे इस परिवार को जैसे किसी की नजर लग गई। अनुराग बीमार पड़ गया था। शिवगोपाल के पास जो भी जमा पूंजी थी उससे हर अच्छे से अच्छे डॉक्टर को दिखाया लेकिन अनुराग की हालत में सुधार नहीं हुआ। आखिर में उन्हें 10 बीघे जमीन को बेचना पड़ा। इतने सब के बाद भी अनुराग बच नहीं सका और उसकी मौत हो गई।
इस हादसे से शिवगोपाल सदमे में आ गए। बहू व पोतों के साथ गांव आकर रहने लगे। अनुराग के जाने का गम उन्हें इतना सताने लगा कि वह गुमसुम रहने लगे। बुधवार सुबह परिजन जब उठे तो पता चला कि शिवगोपाल ने घर में फांसी लगा ली है। यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। पड़ोस के लोग भी वहां जमा हो गए और पुलिस को बुलाया।
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इनसेट...
दो माह में तिनके की तरह बिखरा परिवार
दो माह में एक परिवार तिनके की तरह बिखर गया। पहले बेटे की बीमार से मौत हुई और फिर उसके गम में पिता ने जान दे दी। समय का चक्र ऐसा घूमा कि एक परिवार की खुशियां ही काफूर हो गईं। शिवगोपाल के परिवार में अब बहू और उसके दो बच्चे ही बचे हैं। अनुराग की बेटी गौरी नौ साल की है जबकि बेटा सात साल का है।
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मलवां थानाक्षेत्र के अमौरा गांव निवासी शिवगोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह (70), अपने पुत्र अनुराग सिंह (35), बहू व उसके दो बच्चों के साथ दिल्ली में रहते थे। पत्नी की तीन साल पहले मौत हो चुकी थी। शिवगोपाल दिल्ली में सिक्योरिटी एजेंसी का संचालन करते थे। उनका पुत्र भी इसी काम में हाथ बटाता था। परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था। तभी मई 2021 में जैसे इस परिवार को जैसे किसी की नजर लग गई। अनुराग बीमार पड़ गया था। शिवगोपाल के पास जो भी जमा पूंजी थी उससे हर अच्छे से अच्छे डॉक्टर को दिखाया लेकिन अनुराग की हालत में सुधार नहीं हुआ। आखिर में उन्हें 10 बीघे जमीन को बेचना पड़ा। इतने सब के बाद भी अनुराग बच नहीं सका और उसकी मौत हो गई।
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इस हादसे से शिवगोपाल सदमे में आ गए। बहू व पोतों के साथ गांव आकर रहने लगे। अनुराग के जाने का गम उन्हें इतना सताने लगा कि वह गुमसुम रहने लगे। बुधवार सुबह परिजन जब उठे तो पता चला कि शिवगोपाल ने घर में फांसी लगा ली है। यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। पड़ोस के लोग भी वहां जमा हो गए और पुलिस को बुलाया।
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दो माह में तिनके की तरह बिखरा परिवार
दो माह में एक परिवार तिनके की तरह बिखर गया। पहले बेटे की बीमार से मौत हुई और फिर उसके गम में पिता ने जान दे दी। समय का चक्र ऐसा घूमा कि एक परिवार की खुशियां ही काफूर हो गईं। शिवगोपाल के परिवार में अब बहू और उसके दो बच्चे ही बचे हैं। अनुराग की बेटी गौरी नौ साल की है जबकि बेटा सात साल का है।