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Fatehpur News: अब तहसील के चक्कर नहीं, कलक्ट्रेट से मिलेगी भू-मानचित्र की प्रमाणित नकल
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फतेहपुर। जमीन से जुड़े मामलों में गांवों के पुराने भू-मानचित्र की जरूरत पड़ने पर अब किसानों और वादकारियों को तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। देहात ग्रामों के भू-मानचित्रों का डिजिटलाइजेशन पूरा होने के बाद इन्हें राजस्व अभिलेखागार, कलेक्ट्रेट में सुरक्षित रखा जाएगा।
जरूरत के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत यहां से भू-मानचित्र की प्रमाणित नकल प्राप्त की जा सकेगी। इससे जमीन की पैमाइश, सीमांकन और गाटा संख्या से जुड़े मामलों में अभिलेखीय स्थिति स्पष्ट करने में आसानी होगी। खेत की सीमा या आसपास के भूखंड को लेकर चल रहे विवादों में प्रमाणित नक्शे उपयोगी होंगे और भूमि संबंधी मुकदमों में इन्हें अभिलेख के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
एसडीएम विनय पांडेय ने बताया कि देहात ग्रामों के भू-मानचित्रों का डिजिटलाइजेशन कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद डिजिटल नक्शे राजस्व अभिलेखागार, कलेक्ट्रेट में उपलब्ध होंगे। जरूरत के अनुसार इनकी प्रमाणित प्रतियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत दी जाएंगी।
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नकल के लिए शुल्क निर्धारित
भू-मानचित्र की नकल के लिए शुल्क भी निर्धारित है। अंकित गाटा संख्या के आसपास 100 नंबर तक की साधारण नकल के लिए सात रुपये और जरूरी नकल के लिए 13 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है।
इन मामलों में मिलेगी राहत
- खेत की सीमा और गाटा संख्या स्पष्ट करने में सुविधा होगी।
- पैमाइश और सीमांकन में अभिलेखीय आधार मिलेगा।
- जमीन के विवाद में प्रमाणित नक्शे का इस्तेमाल हो सकेगा।
- पुराने भू-मानचित्र के लिए तहसील के चक्कर कम होंगे।
- राजस्व मामलों में अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान होगी।
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जरूरत के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत यहां से भू-मानचित्र की प्रमाणित नकल प्राप्त की जा सकेगी। इससे जमीन की पैमाइश, सीमांकन और गाटा संख्या से जुड़े मामलों में अभिलेखीय स्थिति स्पष्ट करने में आसानी होगी। खेत की सीमा या आसपास के भूखंड को लेकर चल रहे विवादों में प्रमाणित नक्शे उपयोगी होंगे और भूमि संबंधी मुकदमों में इन्हें अभिलेख के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
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एसडीएम विनय पांडेय ने बताया कि देहात ग्रामों के भू-मानचित्रों का डिजिटलाइजेशन कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद डिजिटल नक्शे राजस्व अभिलेखागार, कलेक्ट्रेट में उपलब्ध होंगे। जरूरत के अनुसार इनकी प्रमाणित प्रतियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत दी जाएंगी।
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नकल के लिए शुल्क निर्धारित
भू-मानचित्र की नकल के लिए शुल्क भी निर्धारित है। अंकित गाटा संख्या के आसपास 100 नंबर तक की साधारण नकल के लिए सात रुपये और जरूरी नकल के लिए 13 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है।
इन मामलों में मिलेगी राहत
- खेत की सीमा और गाटा संख्या स्पष्ट करने में सुविधा होगी।
- पैमाइश और सीमांकन में अभिलेखीय आधार मिलेगा।
- जमीन के विवाद में प्रमाणित नक्शे का इस्तेमाल हो सकेगा।
- पुराने भू-मानचित्र के लिए तहसील के चक्कर कम होंगे।
- राजस्व मामलों में अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान होगी।