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Fatehpur News: लैंगिक हिंसा रोकने को कानून के साथ सामाजिक जागरूकता जरूरी
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फोटो-26-भारतीय महिला कानून व पुरुष विमर्श पुस्तिका का विमोचन करते प्रोफेसर। संवाद
बिंदकी। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लैंगिक हिंसा, महिला सुरक्षा और समान अधिकारों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान भारतीय महिला कानून एवं पुरुष विमर्श पुस्तक का विमोचन किया गया।
सम्मेलन का शुभारंभ प्राचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. सपना पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि लैंगिक हिंसा मानवीय गरिमा, सामाजिक न्याय और संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य प्रो. शशिलभ त्रिपाठी ने शिक्षण संस्थानों में समानता, सह-अस्तित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास को जरूरी बताया।
मुख्य वक्ता लखनऊ विवि के प्रो. अभिषेक कुमार तिवारी ने न्याय, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार पर जोर दिया। नवयुग कन्या महाविद्यालय लखनऊ की प्रो. मंजुला उपाध्याय ने समान अवसरों को समावेशी समाज की आधारशिला बताया। प्रयागराज विवि की डॉ. अलका प्रकाश ने साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चेतना से जागरूकता बढ़ाने की बात कही।
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अयोध्या के राजकीय कॉलेज के डॉ. निलय तिवारी ने युवाओं को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। सह-संयोजक डॉ. विकास चंद्र ने सम्मेलन के उद्देश्य बताए। सचिव डॉ. अरविंद कुमार शुक्ल और डॉ. अमित कुमार मौर्य समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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सम्मेलन का शुभारंभ प्राचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. सपना पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि लैंगिक हिंसा मानवीय गरिमा, सामाजिक न्याय और संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य प्रो. शशिलभ त्रिपाठी ने शिक्षण संस्थानों में समानता, सह-अस्तित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास को जरूरी बताया।
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मुख्य वक्ता लखनऊ विवि के प्रो. अभिषेक कुमार तिवारी ने न्याय, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार पर जोर दिया। नवयुग कन्या महाविद्यालय लखनऊ की प्रो. मंजुला उपाध्याय ने समान अवसरों को समावेशी समाज की आधारशिला बताया। प्रयागराज विवि की डॉ. अलका प्रकाश ने साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चेतना से जागरूकता बढ़ाने की बात कही।
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अयोध्या के राजकीय कॉलेज के डॉ. निलय तिवारी ने युवाओं को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। सह-संयोजक डॉ. विकास चंद्र ने सम्मेलन के उद्देश्य बताए। सचिव डॉ. अरविंद कुमार शुक्ल और डॉ. अमित कुमार मौर्य समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

फोटो-26-भारतीय महिला कानून व पुरुष विमर्श पुस्तिका का विमोचन करते प्रोफेसर। संवाद