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नवरात्र कल, मां जगदंबा की बरसेगी कृपा

Thu, 07 Apr 2016 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर Updated Thu, 07 Apr 2016 01:48 AM IST
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Navratri tomaro , the mother of Jagdamba shall obtain mercy
चौक में देवी मइया के लिए चुनरी खरीदती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी नवरात्रि चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाई जाएगी। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आठ से 15 अप्रैल तक नवरात्र रहेगी। चतुर्थी और पंचमी एक साथ होने से इस बार आठ दिन के नवरात्र रहेंगे। चैत्र नवरात्र को लेकर भक्तों ने तैयारियां शुरू कर दी है। शक्ति स्वरूपा आदि शक्ति मां जगदंबा की पूजा के लिए देवी मंदिरों को साज सज्जा और झालरों से सजाया जा रहा है।

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नवरात्र में मां जगदंबा की कृपा पाने के लिए भक्तों में उत्साह है। घर- घर भक्तों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बुधवार को चौक इलाके में श्रद्धालु मइया को गोटेदार लाल चुनरी चढ़ाने के लिए खरीदते नजर आए। साथ ही पूजन सामग्री की भी खरीदारी की। शहर के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ कालिका मंदिर और दुर्गा मंदिर में सजावट का काम पूरा किया जा रहा है। भक्त यहां मइया के दिव्य दर्शन कर सकेंगे।
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आचार्य पंडित दुर्गादत्त शास्त्री ने बताया कि इस बार दिव्य संयोग में नवरात्र पड़ रहे हैं, जिसमें आदि शक्ति माता रानी के दर्शन होंगे। घट स्थापना के बाद भक्त कीलक, कवच, अर्गला के साथ सप्तशती पाठ का गुणगान करें। आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि  नवरात्र में माता रानी की असीम कृपा बरसती है। इसमें भक्तों को पूजन पाठ के साथ कन्याओं को भोज कराना चाहिए। शुद्धता के साथ नियमित दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।
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इनसेट ---
यह है घट स्थापना का मुहूर्त --- सुबह 7.45 से 10.45 तक लाभ व अमृत का चौघड़िया। दोपहर 11.40 से 12.45 शुभ अभिजीत मुहूर्त। दोपहर 12.45 से शुभ का चौघड़िया।



कलश स्थापना:-- चैत्र नवरात्र आठ अप्रैल कुमार योग व सर्वाथ सिद्धि योग शुक्रवार को होने से सर्वश्रेष्ठ हैं। घट स्थापना प्रात:काल ही श्रेष्ठ है। एक चौकी पर मिट्टी का कलश पानी भरकर मंत्रोच्चारण सहित रखें। मिट्टी के दो बड़े कटोरों में मिट्टी भरकर उसमे गेहूं जौ के दाने बोकर ज्वारे उगाएं जाते हैं और उसको प्रतिदिन जल से सींचे। दशमीं के दिन देवी प्रतिमा व ज्वारों का विसर्जन करें।

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