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सीडीओ ने 24 पंचायत सचिव और तीन एडीओ पर की कार्रवाई
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फतेहपुर। शासन से स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी ग्राम निधि के खाते में दस लाख या उससे अधिक की रकम डंप नहीं रखी जा सकती। इसके बावजूद कर्मचारियों ने हदें पार कर दीं। जिले की तीस ग्राम पंचायतों में 24 हजार शौचालयों के निर्माण के लिए 29 करोड़ रुपये होने के बाद भी काम नहीं हुआ। समीक्षा में यह सामने आने पर नाराज सीडीओ ने 24 पंचायत सचिवों का वेतन रोकने का साथ तीन एडीओ को प्रतिकूल प्रविष्ट दी है।
स्वच्छ भारत मिशन योजना में शौचालय बनाने के लिए मिली रकम ग्राम निधि खातों में ही डंप पड़ी है। सीडीओ (मुख्य विकास अधिकारी) सत्य प्रकाश ने डीपीआरओ अजय आनंद सरोज के साथ बुधवार को शौचालयों के निर्माण की प्रगति समीक्षा की। धनराशि होने के बावजूद शौचालय निर्माण का कार्य लगभग ठप पाया गया। समीक्षा में पता चला कि जिले भर में 24,615 शौचालय बनाने के लिए 29 करोड़ 53 लाख 82 हजार रुपये डंप है। शासन से स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी ग्राम निधि के खाते में दस लाख या उससे अधिक की रकम डंप नहीं रखी जा सकती। नाराज सीडीओ ने बहुआ ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी रवींद्रनाथ, मलवां ब्लाक के एडीओ पंचायत कृष्णपाल कैथल और खजुहा ब्लाक के एडीओ अवध बिहारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। इसके साथ ही उन्होंने चौबीस पंचायत सचिवों का वेतन रोकने का आदेश दिया।
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इन पंचायत सचिवों का रुका वेतन
फतेहपुर। सीडीओ के आदेश पर असोथर व भौंली ग्राम पंचायत के सचिव प्रकाश तिवारी का वेतन रोका गया है। इसी क्रम में जिवकरा, ललौली, घघौरा के सचिव लवलेश मिश्र, बरैंची के सचिव दिलीप कुमार शुक्ला, गुरवल के सचिव हीरालाल, अकबरपुर चौराई के सचिव अवधेश कुमार, हसउपुर के सचिव अक्षय सिंह, रारा चांदपुर के रणधीर सिंह, रुहेल्लापुर के मयंक सिंह, रामपुर थरियांव के विपिन कुमार, औरेई के राजेंद्र यादव, अमौली के कैलाश चंद्र, सरहन बुजुर्ग के अंशू पंाडेय, हाजीपुर गंग के आकाश साहू, कांधी के राजेश सिंह, जरारा और मुसाफा के बलराम शर्मा, घोरहा के जितेंद्र कुमार पटेल, लंहगी के नीलम सिंह, डीघ के राजेश कुमार सिंह, बरौंहा के दिनेश कुमार, रामपुर बरवट के रमेशचंद्र, तपनी के विवेक उत्तम, नरैचा के रामबाबू कुशवाहा, मोहम्मदपुर गौंती के विपिन कुमार तिवारी और कटोंघन के पंचायत सचिव राजेश कुमार का वेतन रोक दिया गया है।
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इस तरह से डंप है धनराशि(सभी राशि लाख रुपये में)
फतेहपुर। बहुआ ब्लाक के बरौहा गांव में 25.09, रामपुर बरवट में 19.35, लमेहटा में 17.29, सुजानपुर में 11.46, बावन में 11.32, अयाह में 10.84, मोहन अलीपुर 10.83, महना में 9.69,जिंदपुर में 9.31, दूलापुर में 9.23, फुलवामऊ में 9.14 लाख रुपये की धनराशि डंप है। इसी क्रम में मलवंा ब्लाक की लहंगी में 18.86, डीघ में 15.83, अमौरा में 14.18, अभयपुर में 13.73, कोरसम में 12.86, मीरमऊ पैगंबरपुर में 10.69, दावतपुर में 10.11, रैना में 8.10 लाख रुपये की धनराशि डंप पडी है। खजुहा ब्लाक की आलमगंज में 21.32, तपनी में 21.02, नरैंचा में 18.58, बरदरा में 15.56, मिस्सी में 14.50, बेनू में 14.28, कंसाखेडा में 14.13, बरहट में 13.38, रावतपुर में 11.53, धानेमऊ में 10.20 और केवई में 9.28 लाख रुपये की धनराशि डंप पडी है।
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कोट -
ग्राम पंचायत सचिवों को काफी दिन से इस संबंध में चेतावनी दी जा रही थी। उन्होंने इस दिशा में काम नहीं किया। मार्च नजदीक है और सत्र समाप्त होने से पहले बजट व्यय करना भी जिम्मेदारी होती है। जब योजना का पैसा है तो उसे जनहित में व्यय कर दिया जाना चाहिए। जितना पैसा पड़ा है, उससे बड़े पैमाने पर शौचालय अब तक बन चुके होते। - अजय आनंद सरोज, डीपीआरओ
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लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम का कोई विकल्प नहीं है, सभी मातहतों को शासन की मंशा के अनुरूप काम करना पड़ेगा, अन्यथा की स्थिति में दंड के भागीदार होंगे। - सत्य प्रकाश, सीडीओ
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स्वच्छ भारत मिशन योजना में शौचालय बनाने के लिए मिली रकम ग्राम निधि खातों में ही डंप पड़ी है। सीडीओ (मुख्य विकास अधिकारी) सत्य प्रकाश ने डीपीआरओ अजय आनंद सरोज के साथ बुधवार को शौचालयों के निर्माण की प्रगति समीक्षा की। धनराशि होने के बावजूद शौचालय निर्माण का कार्य लगभग ठप पाया गया। समीक्षा में पता चला कि जिले भर में 24,615 शौचालय बनाने के लिए 29 करोड़ 53 लाख 82 हजार रुपये डंप है। शासन से स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी ग्राम निधि के खाते में दस लाख या उससे अधिक की रकम डंप नहीं रखी जा सकती। नाराज सीडीओ ने बहुआ ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी रवींद्रनाथ, मलवां ब्लाक के एडीओ पंचायत कृष्णपाल कैथल और खजुहा ब्लाक के एडीओ अवध बिहारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। इसके साथ ही उन्होंने चौबीस पंचायत सचिवों का वेतन रोकने का आदेश दिया।
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इन पंचायत सचिवों का रुका वेतन
फतेहपुर। सीडीओ के आदेश पर असोथर व भौंली ग्राम पंचायत के सचिव प्रकाश तिवारी का वेतन रोका गया है। इसी क्रम में जिवकरा, ललौली, घघौरा के सचिव लवलेश मिश्र, बरैंची के सचिव दिलीप कुमार शुक्ला, गुरवल के सचिव हीरालाल, अकबरपुर चौराई के सचिव अवधेश कुमार, हसउपुर के सचिव अक्षय सिंह, रारा चांदपुर के रणधीर सिंह, रुहेल्लापुर के मयंक सिंह, रामपुर थरियांव के विपिन कुमार, औरेई के राजेंद्र यादव, अमौली के कैलाश चंद्र, सरहन बुजुर्ग के अंशू पंाडेय, हाजीपुर गंग के आकाश साहू, कांधी के राजेश सिंह, जरारा और मुसाफा के बलराम शर्मा, घोरहा के जितेंद्र कुमार पटेल, लंहगी के नीलम सिंह, डीघ के राजेश कुमार सिंह, बरौंहा के दिनेश कुमार, रामपुर बरवट के रमेशचंद्र, तपनी के विवेक उत्तम, नरैचा के रामबाबू कुशवाहा, मोहम्मदपुर गौंती के विपिन कुमार तिवारी और कटोंघन के पंचायत सचिव राजेश कुमार का वेतन रोक दिया गया है।
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इस तरह से डंप है धनराशि(सभी राशि लाख रुपये में)
फतेहपुर। बहुआ ब्लाक के बरौहा गांव में 25.09, रामपुर बरवट में 19.35, लमेहटा में 17.29, सुजानपुर में 11.46, बावन में 11.32, अयाह में 10.84, मोहन अलीपुर 10.83, महना में 9.69,जिंदपुर में 9.31, दूलापुर में 9.23, फुलवामऊ में 9.14 लाख रुपये की धनराशि डंप है। इसी क्रम में मलवंा ब्लाक की लहंगी में 18.86, डीघ में 15.83, अमौरा में 14.18, अभयपुर में 13.73, कोरसम में 12.86, मीरमऊ पैगंबरपुर में 10.69, दावतपुर में 10.11, रैना में 8.10 लाख रुपये की धनराशि डंप पडी है। खजुहा ब्लाक की आलमगंज में 21.32, तपनी में 21.02, नरैंचा में 18.58, बरदरा में 15.56, मिस्सी में 14.50, बेनू में 14.28, कंसाखेडा में 14.13, बरहट में 13.38, रावतपुर में 11.53, धानेमऊ में 10.20 और केवई में 9.28 लाख रुपये की धनराशि डंप पडी है।
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कोट -
ग्राम पंचायत सचिवों को काफी दिन से इस संबंध में चेतावनी दी जा रही थी। उन्होंने इस दिशा में काम नहीं किया। मार्च नजदीक है और सत्र समाप्त होने से पहले बजट व्यय करना भी जिम्मेदारी होती है। जब योजना का पैसा है तो उसे जनहित में व्यय कर दिया जाना चाहिए। जितना पैसा पड़ा है, उससे बड़े पैमाने पर शौचालय अब तक बन चुके होते। - अजय आनंद सरोज, डीपीआरओ
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लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम का कोई विकल्प नहीं है, सभी मातहतों को शासन की मंशा के अनुरूप काम करना पड़ेगा, अन्यथा की स्थिति में दंड के भागीदार होंगे। - सत्य प्रकाश, सीडीओ