{"_id":"5fac14638ebc3e9bf4623569","slug":"morang-mining-lease-stuck-with-character-certificat-fatehpur-news-knp593810732","type":"story","status":"publish","title_hn":"चरित्र प्रमाण पत्र से फंसा मौरंग खनन पट्टे का पेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चरित्र प्रमाण पत्र से फंसा मौरंग खनन पट्टे का पेंच
विज्ञापन
कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन उदय प्रताप सिंह के चरित्र प्रमाणपत्र पर राज्यमंत्री की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद खनन के पट्टे पर तलवार लटक गई है। मामला खनन निदेशालय लखनऊ पहुंच चुका है। मामले में लखनऊ जिला प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उदय प्रताप मूल रूप से खागा के रहने वाले हैं। उन्होंने लखनऊ पीजीआई थाना क्षेत्र के रायबरेली रोड साउथ सिटी के पते से आठ अगस्त 2018 को हैसियत और 21 सितंबर 2019 को चरित्र प्रमाणपत्र बनवाया था। इन प्रमाणपत्रों के जरिए सात सितंबर 2020 को कोट गांव का मौरंग खनन पट्टा इनके नाम पर स्वीकृत हुआ, जिसकी सिक्योरिटी मनी डेढ़ करोड़ जमा हुई थी।
मामले में राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह की ओर से उदय प्रताप सिंह के चरित्र प्रमाणपत्र पर सवाल उठाते हुए शिकायत शासन में की थी। आरोप था कि नौ आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद भी चरित्र प्रमाणपत्र कैसे जारी किया गया। उनका आरोप है कि मुकदमों के तथ्यों को छिपाकर पट्टा हासिल किया गया।
विज्ञापन
मामले की जांच से अब मौरंग खनन पट्टे में पेच फंस गया है। पट्टे की फाइल ई टेंडर के बाद लखनऊ में एनओसी समेत अन्य विभागीय कार्रवाई में अटकी है। चरित्र प्रमाणपत्र अवैध करार हुआ तो पट्टा निरस्त हो सकता है।
खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय ने बताया कि पट्टे का ई टेंडर हुआ है। पट्टा आवेदक उदय प्रताप सिंह के अभिलेखों को जांच के लिए लखनऊ निदेशालय भेजा गया है। अभिलेखों में कमी पाए जाने पर पट्टा निरस्त हो सकता है।
विज्ञापन
उदय प्रताप मूल रूप से खागा के रहने वाले हैं। उन्होंने लखनऊ पीजीआई थाना क्षेत्र के रायबरेली रोड साउथ सिटी के पते से आठ अगस्त 2018 को हैसियत और 21 सितंबर 2019 को चरित्र प्रमाणपत्र बनवाया था। इन प्रमाणपत्रों के जरिए सात सितंबर 2020 को कोट गांव का मौरंग खनन पट्टा इनके नाम पर स्वीकृत हुआ, जिसकी सिक्योरिटी मनी डेढ़ करोड़ जमा हुई थी।
विज्ञापन
मामले में राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह की ओर से उदय प्रताप सिंह के चरित्र प्रमाणपत्र पर सवाल उठाते हुए शिकायत शासन में की थी। आरोप था कि नौ आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद भी चरित्र प्रमाणपत्र कैसे जारी किया गया। उनका आरोप है कि मुकदमों के तथ्यों को छिपाकर पट्टा हासिल किया गया।
विज्ञापन
मामले की जांच से अब मौरंग खनन पट्टे में पेच फंस गया है। पट्टे की फाइल ई टेंडर के बाद लखनऊ में एनओसी समेत अन्य विभागीय कार्रवाई में अटकी है। चरित्र प्रमाणपत्र अवैध करार हुआ तो पट्टा निरस्त हो सकता है।
खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय ने बताया कि पट्टे का ई टेंडर हुआ है। पट्टा आवेदक उदय प्रताप सिंह के अभिलेखों को जांच के लिए लखनऊ निदेशालय भेजा गया है। अभिलेखों में कमी पाए जाने पर पट्टा निरस्त हो सकता है।