{"_id":"6ac2adaa91de058db5020486","slug":"monkeys-attack-kasturba-students-practicing-yoga-nine-injured-fatehpur-news-c-217-1-sknp1022-163821-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: योग कर रहीं कस्तूरबा की छात्राओं पर टूट पड़े बंदर, नौ घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: योग कर रहीं कस्तूरबा की छात्राओं पर टूट पड़े बंदर, नौ घायल
विज्ञापन
फोटो-36-शाह कस्बे के घरों में टहलते बंदर। संवाद
फतेहपुर। बहुआ ब्लॉक के शाह ग्राम स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रविवार को योग कर रहीं छात्राओं पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से छात्राएं इधर-उधर भागने लगीं। बंदरों के हमले में दीपांशी, सृष्टि, प्रीती, चांदनी, खुशबू, रिया, साहिस्ता, शिवानी और रोशनी घायल हो गईं। घटना के बाद विद्यालय परिसर में दहशत का माहौल रहा।
विद्यालय की वार्डन भावना गुप्ता ने बताया कि प्रार्थना के बाद छात्राओं को मैदान पर योग कराया जा रहा था। तभी करीब 10 बंदरों का झुंड वहां पहुंच गया और छात्राओं पर हमला कर दिया। घायल छात्राओं के उपचार के लिए बहुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम विद्यालय पहुंची, जहां सभी को वैक्सीन लगाई गई।
वार्डन भावना ने बताया कि विद्यालय में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। उनके डर से छात्राओं का परिसर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बंदर परिसर में लगे कैमरे, पाइप और कपड़ों को भी फाड़कर फेंक देते हैं। इससे विद्यालय की संपत्ति को भी नुकसान पहुंच रहा है।
विज्ञापन
पूर्व में भी बंदरों के काटने से वार्डन समेत अन्य लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने बंदरों को पकड़वाकर आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
विद्यालय की वार्डन भावना गुप्ता ने बताया कि प्रार्थना के बाद छात्राओं को मैदान पर योग कराया जा रहा था। तभी करीब 10 बंदरों का झुंड वहां पहुंच गया और छात्राओं पर हमला कर दिया। घायल छात्राओं के उपचार के लिए बहुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम विद्यालय पहुंची, जहां सभी को वैक्सीन लगाई गई।
विज्ञापन
वार्डन भावना ने बताया कि विद्यालय में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। उनके डर से छात्राओं का परिसर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बंदर परिसर में लगे कैमरे, पाइप और कपड़ों को भी फाड़कर फेंक देते हैं। इससे विद्यालय की संपत्ति को भी नुकसान पहुंच रहा है।
विज्ञापन
पूर्व में भी बंदरों के काटने से वार्डन समेत अन्य लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने बंदरों को पकड़वाकर आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।