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हंगामे की भेंट चढ़ी निकाय बोर्ड की बैठकनगर पंचायत
फतेहपुर
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:10 AM IST
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किशनपुर नगर पंचायत कार्यालय में बोर्ड की बैठक में चेयरमैन और ईओ के साथ बैठेे सभासद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर पंचायत सदन की शुक्रवार को बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन के आधे से ज्यादा सभासदों ने चेयरमैन सुरेंद्र कुमार को घेरते हुए ओवरहेड टैंक के प्रस्ताव पर सहमति देने से मना कर दिया। होहल्ले के बाद हंगामा तेज होने पर निकाय प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ गई। सभासदों के एक-एक कर चले जाने से किसी भी प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी।
निकाय की यह बैठक चेयरमैन सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। सभासद सुनील कुमार, गीता देवी, रीता देवी, मुरली, बांके शुक्ला, सुशील यादव, भीम गुप्ता, धनंजय सिंह, उर्मिला व रियाजुद्दीन पहुंचे। चेयरमैन ने सभासदों से नगर के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का सहयोग मांगा। उन्होंने ओवरहेड टैंक का एक प्रस्ताव रखा। इसे सुनकर सभासदों में होहल्ला शुरू हो गया। तनातनी का माहौल बन गया।
इस दौरान ईओ अनीता शुक्ला कई बार सभासदोें को समझाने की मुद्रा में नजर आईं। कई सभासदों ने निर्वाचित अध्यक्ष को उनकी मां का पिछला कार्यकाल याद दिलाते हुए अब तक कार्य पूरे न होने पर घेरा। बातचीत बढ़ने पर पुलिस आ पहुंची, जिसके बाद मामला शांत हो सका। इस मामले में चेयरमैन का कहना है कि बिना सभासदों के सहयोग के विकास कार्य कराना मुमकिन नहीं। उधर, ईओ अनीता शुक्ला ने माना कि सदन में इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए था। बताया कि सात जनवरी को बुलाई गई बैठक कोरम पूरा न होने की वजह से बेनतीजा हो गई थी। वह जल्द ही रूठे सभासदों को मना कर बोर्ड की बैठक बुलाकर विकास के प्रस्ताव पारित कराएंगी।
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निकाय की यह बैठक चेयरमैन सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। सभासद सुनील कुमार, गीता देवी, रीता देवी, मुरली, बांके शुक्ला, सुशील यादव, भीम गुप्ता, धनंजय सिंह, उर्मिला व रियाजुद्दीन पहुंचे। चेयरमैन ने सभासदों से नगर के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का सहयोग मांगा। उन्होंने ओवरहेड टैंक का एक प्रस्ताव रखा। इसे सुनकर सभासदों में होहल्ला शुरू हो गया। तनातनी का माहौल बन गया।
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इस दौरान ईओ अनीता शुक्ला कई बार सभासदोें को समझाने की मुद्रा में नजर आईं। कई सभासदों ने निर्वाचित अध्यक्ष को उनकी मां का पिछला कार्यकाल याद दिलाते हुए अब तक कार्य पूरे न होने पर घेरा। बातचीत बढ़ने पर पुलिस आ पहुंची, जिसके बाद मामला शांत हो सका। इस मामले में चेयरमैन का कहना है कि बिना सभासदों के सहयोग के विकास कार्य कराना मुमकिन नहीं। उधर, ईओ अनीता शुक्ला ने माना कि सदन में इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए था। बताया कि सात जनवरी को बुलाई गई बैठक कोरम पूरा न होने की वजह से बेनतीजा हो गई थी। वह जल्द ही रूठे सभासदों को मना कर बोर्ड की बैठक बुलाकर विकास के प्रस्ताव पारित कराएंगी।
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