{"_id":"138548f72d72254b960efa4cc92960ff","slug":"mdm-play-on-the-first-day-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्याह्न भोजन योजना में पहले दिन ही खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्याह्न भोजन योजना में पहले दिन ही खेल
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sat, 23 May 2015 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन के आदेश पर ग्रीष्म कालीन अवकाश में बच्चों को एमडीएम परोसने के लिए खोले गए स्कूलों में पहले ही दिन खेल हो गया। अधिकांश स्कूलों में ताले झूलते रहे।
विज्ञापन
जो स्कूल खुले भी उनमें एक भी छात्र-छात्राएं नहीं पहुंची। जबकि प्राधिकरण को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में अधिकांश स्कूल खुले दिखाए गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 20 मई को स्कूलों में ग्रीष्म कालीन अवकाश घोषित कर दिया था। 21 मई को शासन ने 30 जून तक नियमित रूप से सुबह 9 बजे से 11 बजे तक परिषदीय और वित्तपोषित स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग ने गुरुवार की देर शाम स्कूल खोलने का निर्देश जारी किया था। ऐसी हालत में शुक्रवार को ज्यादातर स्कूलों में ताले बंद रहे।
स्कूल बंद रहने के कारण यहां पर एमडीएम बनने का सवाल ही नहीं उठता है। प्रमाण के तौर पर अमर उजाला टीम शहर के आदर्श प्राथमिक स्कूल खेलदार सुबह 10 बजे पहुंची।
विज्ञापन
यहां पर ताला झूलता मिला। शहर के मुराइनटोला प्राथमिक स्कूल में सुबह 10.15 बजे एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला, जबकि स्कूल की हेडमास्टर अकेली बैठी मिली
असोथर प्रतिनिधि से अनुसार कौंहन, जरौली, सरकंड़ी, ऐझी, सुसवन, देवमई, बेरुई, रायपुर भसरौल, कटरा आदि स्कूलों में ताले बंद रहे।
खास बात तो यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद होने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसी हालत में स्कूल बंद रहने पर भी शिक्षकों को एमडीएम खाने वाले बच्चों की संख्या दर्शाना जरूरी होगा। ऐसी हालत में साफ है कि शुक्रवार को एडीएम का खाद्यान करीब 1475 किलो, कनवर्जन कास्ट करीब 5 लाख रुपये का बंदर बांट होने की संभावना प्रबल हो गई है।
इंसेट
एक दिन में खर्च होते पांच लाख
फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग जिले के परिषदीय और वित्तपोषित स्कूलों में कक्षा एक से 8 तक पंजीकृत बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसने में प्रतिदिन करीब 1475 किलो अनाज और करीब 5 लाख रुपये कनवर्जन कास्ट खर्च करता है। ऐसी हालत में साफ है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने एक दिन का अनाज और कनवर्जन कास्ट का बंदर बांट करने की राह प्रशस्त की है।
इंसेट
शून्य रिपोर्ट की आज मिलेगी जानकारी
फतेहपुर। एमडीएम के जिला समन्वयक आशीष दीक्षित का कहना है कि अभी तक किसी भी स्कूल में एमडीएम न पकाए जाने की शिकायत नहीं मिली है। प्राधिकरण सीधे स्कूलों से एमडीएम पकाने की रिपोर्ट लेता है। जिन स्कूलों में एमडीएम की शून्य रिपोर्ट मिलती है। प्राधिकरण अगले दिन उन्हें इसकी सूचना देता है, जिस पर बीएसए के स्तर से कार्रवाई कराई जाती है।