{"_id":"619d3b05bb115f2af2638b46","slug":"mairij-haal-fatehpur-news-knp665694449","type":"story","status":"publish","title_hn":"शगुन मैरिज हाल मामले में पार्टी बनने की राह खोज रहा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शगुन मैरिज हाल मामले में पार्टी बनने की राह खोज रहा प्रशासन
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फतेहपुर। नगर पालिका से सटे हुए शगुन मैरिज हॉल का पालिका ने वर्तमान चेयरपर्सन और तत्कालीन सभासद रहीं नजाकत खातून के नाम तकरीबन तीन दशक पूर्व 30 साल के लिए आवंटन किया था। पालिका की इस करोड़ों की बेशकीमती संपत्ति पर अप्रत्यक्ष रूप से हाजी रजा का एक क्षत्र राज चलता चला आ रहा है। सदर विधायक विक्रम सिंह ने शगुन मैरिज हॉल को तत्कालीन सभासद के नाम पर आवंटन करने पर सवाल उठाए हैं। प्रशासन ने हस्तक्षेप किया तो मामला हाईकोर्ट चला गया, लेकिन वहां प्रशासन को पार्टी ही नहीं बनाया गया। जिससे मामला पालिका के पाले में ही बना हुआ है। अब प्रशासन इसमें अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट जाने के रास्ते खोज रहा है।
विधायक विक्रम सिंह ने प्रशासन से सवाल उठाए हैं कि 2010 में तत्कालीन जिलाधिकारी पी. गुरु प्रसाद ने शगुन मैरिज हॉल की बकायेदारी जमा करने के लिए नजाकत खातून को 27 लाख रुपये का नोटिस दिया था। इसकी आज तक कोई जांच क्यों नहीं हुई? नजाकत खातून ने चेयरपर्सन का चुनाव लड़ते हुए इस सरकारी बकायेदारी के तथ्य को छिपाया है। हालांकि इस संबंध में जब जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शगुन मैरिज हॉल का प्रकरण उनके संज्ञान में अभी ही आया है।
इसमें तकनीकी अड़चन यह है कि हाईकोर्ट में मामला आवंटी और पालिका के बीच ही रखा गया है। इसमें प्रशासन को पक्षकार बनाया ही नहीं गया है। अब हम इसमें पक्षकार बनने का रास्ता निकाल रहे हैं, ताकि न्यायालय के संज्ञान में प्रशासन का पक्ष लाया जा सके। बकायेदारी की रिकवरी के लिए एडीएम जे को निर्देश दिए गए हैं कि वह नोटिस के बाद की स्थिति और अब बकायेदारी की रकम की जानकारी जुटाएं।
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फतेहपुर। हाजी रजा और उसके गुट के लोगों पर पुलिस ने अदालतों के जरिए भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने जिला जज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से लेकर हाईकोर्ट तक में कैविएट दाखिल किया है। ताकि कोई भी आदेश पारित करने से पूर्व न्यायालय पुलिस का पक्ष का भी सुनेगी। इसके बाद ही कोई आदेश पारित होगा। (संवाद)
फतेहपुर। नगर पालिका अध्यक्ष नजाकत खातून के नाम वाली हर सरकारी और गैर सरकारी जगहों पर उनके नाम के साथ और कई जगह उनके नाम से बड़े आकार में हाजी रजा का नाम लिखा हुआ है। पूरा शहर हाजी रजा के बैनर और होर्डिंग से पटा है। पूर्व अपर जिलाधिकारी पप्पू गुप्ता और जेपी गुप्ता ने नगर पालिका को नोटिस देकर जवाब मांगा था कि पालिका कार्यालय में नगर पालिका अध्यक्ष कक्ष में लगा हाजी रजा नाम का बोर्ड किसका है और किस हैसियत से लगा हुआ है। इस पर पालिका की ओर से जवाब देकर बताया गया था कि नगर पालिका के सभासदों ने स्वेच्छा से पालिकाध्यक्ष के पुत्र और प्रतिनिधि हाजी रजा के नाम के बोर्ड लगवाए हैं। इसके बाद बात कभी आगे नहीं बढ़ी। अब मौजूदा डीएम ने इस संबंध में पालिका से जवाब मांगा है कि यदि बोर्ड सभासदों ने लगाए हैं तो उन्होंने यह धनराशि किस मद से खर्च की है।
जिलाधिकारी अपूूर्वा दुबे ने एडीएम न्यायिक से हाजी रजा के नाम के बोर्ड, बैनर और वॉल पेंटिंग किस मद से लगवाई गईं हैं और इनके टेंडर हुए या नहीं आदि बिंदुओं की जांच के लिए कहा है। वहीं, विधायक के कोतवाली में धरना देने के दूसरे दिन शहर में लगी होर्डिंगों और बैनरों को रातोंरात गायब कर दिया गया। डीएम ने बताया कि जांच पूरी होने का इंतजार है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विधायक विक्रम सिंह ने प्रशासन से सवाल उठाए हैं कि 2010 में तत्कालीन जिलाधिकारी पी. गुरु प्रसाद ने शगुन मैरिज हॉल की बकायेदारी जमा करने के लिए नजाकत खातून को 27 लाख रुपये का नोटिस दिया था। इसकी आज तक कोई जांच क्यों नहीं हुई? नजाकत खातून ने चेयरपर्सन का चुनाव लड़ते हुए इस सरकारी बकायेदारी के तथ्य को छिपाया है। हालांकि इस संबंध में जब जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शगुन मैरिज हॉल का प्रकरण उनके संज्ञान में अभी ही आया है।
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इसमें तकनीकी अड़चन यह है कि हाईकोर्ट में मामला आवंटी और पालिका के बीच ही रखा गया है। इसमें प्रशासन को पक्षकार बनाया ही नहीं गया है। अब हम इसमें पक्षकार बनने का रास्ता निकाल रहे हैं, ताकि न्यायालय के संज्ञान में प्रशासन का पक्ष लाया जा सके। बकायेदारी की रिकवरी के लिए एडीएम जे को निर्देश दिए गए हैं कि वह नोटिस के बाद की स्थिति और अब बकायेदारी की रकम की जानकारी जुटाएं।
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फतेहपुर। हाजी रजा और उसके गुट के लोगों पर पुलिस ने अदालतों के जरिए भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने जिला जज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से लेकर हाईकोर्ट तक में कैविएट दाखिल किया है। ताकि कोई भी आदेश पारित करने से पूर्व न्यायालय पुलिस का पक्ष का भी सुनेगी। इसके बाद ही कोई आदेश पारित होगा। (संवाद)
फतेहपुर। नगर पालिका अध्यक्ष नजाकत खातून के नाम वाली हर सरकारी और गैर सरकारी जगहों पर उनके नाम के साथ और कई जगह उनके नाम से बड़े आकार में हाजी रजा का नाम लिखा हुआ है। पूरा शहर हाजी रजा के बैनर और होर्डिंग से पटा है। पूर्व अपर जिलाधिकारी पप्पू गुप्ता और जेपी गुप्ता ने नगर पालिका को नोटिस देकर जवाब मांगा था कि पालिका कार्यालय में नगर पालिका अध्यक्ष कक्ष में लगा हाजी रजा नाम का बोर्ड किसका है और किस हैसियत से लगा हुआ है। इस पर पालिका की ओर से जवाब देकर बताया गया था कि नगर पालिका के सभासदों ने स्वेच्छा से पालिकाध्यक्ष के पुत्र और प्रतिनिधि हाजी रजा के नाम के बोर्ड लगवाए हैं। इसके बाद बात कभी आगे नहीं बढ़ी। अब मौजूदा डीएम ने इस संबंध में पालिका से जवाब मांगा है कि यदि बोर्ड सभासदों ने लगाए हैं तो उन्होंने यह धनराशि किस मद से खर्च की है।
जिलाधिकारी अपूूर्वा दुबे ने एडीएम न्यायिक से हाजी रजा के नाम के बोर्ड, बैनर और वॉल पेंटिंग किस मद से लगवाई गईं हैं और इनके टेंडर हुए या नहीं आदि बिंदुओं की जांच के लिए कहा है। वहीं, विधायक के कोतवाली में धरना देने के दूसरे दिन शहर में लगी होर्डिंगों और बैनरों को रातोंरात गायब कर दिया गया। डीएम ने बताया कि जांच पूरी होने का इंतजार है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।