{"_id":"5f09f2f68ebc3e63a04d30b2","slug":"lockdown-yet-there-is-no-reduction-in-explosion-fatehpur-news-knp5706615121","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन, फिर भी धमाचौकड़ी में कमी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन, फिर भी धमाचौकड़ी में कमी नहीं
विज्ञापन
बहुआ उपकेंद्र का घेराव करते ग्रामीण।
- फोटो : FATEHPUR
कोरोना संक्रमण के जिले में फैलते जबड़े पर काबू पाने के लिए गुरुवार से लागू लॉकडाउन को लेकर जनता बहुत संजीदा नहीं है।
बेशक बाजार बंद हैं लेकिन सड़कों और गलियों में लोगों और वाहनों की धमाचौकड़ी में बहुत अंतर देखने को नहीं मिल रहा है।
शनिवार को सारा दिन इस बात की तस्दीक होती रही। लोग दो गज की दूरी को हाशिए पर रखकर घरों के बाहर नजर आए।
बगैर मास्क के घूमने वालों पर पुलिस भी नरम रही। हालात ये रहे कि दोपहर के वक्त ज्यादातर चौराहे और भीड़भाड़ वाले प्वाइंट से खाकी नदारद रही। सारा दिन की हकीकत बयां करती रिपोर्ट।
जिस तरह से एक के बाद एक कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं उससे प्रशासन को फिर से लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा है।
वैसे तो इस बार का लॉकडाउन चार दिन का ही रखा गया है लेकिन जनता इसे बहुत तवज्जो नहीं दे रही हैं।
शनिवार को सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों और गलियों पर लोगों की आवाजाही बरकरार रही। वह भी बिना मास्क लगाए।
कुछेक प्वाइंट पर जरूर पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी के चलते कई ऐसे लोगों को रोक कर हिदायत दी गई।
फतेहपुर। वैसे तो लॉकडाउन की इस अवधि में ई रिक्शा के संचालन पर पाबंदी लगी है लेकिन वे अमल नहीं कर रहे हैं। दोपहर एक बजे हरिहरगंज ओवरब्रिज के ऊपर एक ई रिक्शा पर आठ सवारियां मंजिल तलाशती नजर आईं।
कमोवेश यही नजारा कबाड़ी मार्केट में दिखाई दिया। हद तो तब हो गई जब ऐसी ही तस्वीर ज्वालागंज चौराहे पर दिखी जहां पुलिस के जवान मुस्तैद होने के बावजूद ठसाठस भरे ई रिक्शा का चालक एक दो सवारियां और बिठाने का इंतजार करते दिखा।
विज्ञापन
घर से बेवजह जनता को निकलने से रोकने के लिए यूं तो प्रशासन ने चौराहों समेत प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की तैनाती की है लेकिन इसका तीसरे दिन बहुत अच्छा असर नहीं दिखा।
पटेल नगर चौराहे पर पुलिसिया मुस्तैदी की बात छोड़ दी जाए तो बाकी जगहों पर ऐसा नहीं नजर आया। पत्थरकटा चौराहा, सदर अस्पताल तिराहा, बाकरगंज चौराहा, राधा नगर चौराहा, चौक यह कुछ ऐसे प्वाइंट थे जहां पर आने जाने वालों को कोई रोकने टोकने वाला नहीं था।
फतेहपुर। लॉकडाउन ने एक बार फिर से फिलिंग सेंटर पर सन्नाटा ला दिया। सुबह सात बजे राधानगर इलाके के एक फिलिंग सेंटर में एक भी वाहन नहीं था।
दोपहर सवा 12 बजे आईटीआई रोड के फिलिंग सेंटर का भी यही हाल रहा। दोपहर डेढ़ बजे ज्वालागंज चौराहा के फिलिंग सेंटर भी एक दो ग्राहक दिखाई दिए।
तंबाकू उत्पाद का सेवन करने वाले लॉकडाउन की वजह से फिर से जेब ढीली करने को मजबूर दिखाई दिए। पान मसाला के दाम दोगुने तक वसूले गए।
डेढ़ रुपये पुड़िया बिकने वाला एक ब्रांड का मसाला दस रुपये में तीन पुड़िया बेंचा गया। इसी प्रकार पांच रुपये का मसाला आठ रुपये का हो गया।
ऐसी ही बढ़ोत्तरी कत्था, सुपाड़ी के दामों में भी हुई। पीरनपुर में दुकान चलाने वाले फारुक ने बताया कि सेल्समैन रेट बढ़ा कर सामान दे रहे हैं। ऐसे में प्रिंट रेट पर बिक्री कैसे की जा सकती है।
विज्ञापन
बेशक बाजार बंद हैं लेकिन सड़कों और गलियों में लोगों और वाहनों की धमाचौकड़ी में बहुत अंतर देखने को नहीं मिल रहा है।
शनिवार को सारा दिन इस बात की तस्दीक होती रही। लोग दो गज की दूरी को हाशिए पर रखकर घरों के बाहर नजर आए।
बगैर मास्क के घूमने वालों पर पुलिस भी नरम रही। हालात ये रहे कि दोपहर के वक्त ज्यादातर चौराहे और भीड़भाड़ वाले प्वाइंट से खाकी नदारद रही। सारा दिन की हकीकत बयां करती रिपोर्ट।
जिस तरह से एक के बाद एक कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं उससे प्रशासन को फिर से लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा है।
वैसे तो इस बार का लॉकडाउन चार दिन का ही रखा गया है लेकिन जनता इसे बहुत तवज्जो नहीं दे रही हैं।
शनिवार को सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों और गलियों पर लोगों की आवाजाही बरकरार रही। वह भी बिना मास्क लगाए।
कुछेक प्वाइंट पर जरूर पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी के चलते कई ऐसे लोगों को रोक कर हिदायत दी गई।
फतेहपुर। वैसे तो लॉकडाउन की इस अवधि में ई रिक्शा के संचालन पर पाबंदी लगी है लेकिन वे अमल नहीं कर रहे हैं। दोपहर एक बजे हरिहरगंज ओवरब्रिज के ऊपर एक ई रिक्शा पर आठ सवारियां मंजिल तलाशती नजर आईं।
विज्ञापन
कमोवेश यही नजारा कबाड़ी मार्केट में दिखाई दिया। हद तो तब हो गई जब ऐसी ही तस्वीर ज्वालागंज चौराहे पर दिखी जहां पुलिस के जवान मुस्तैद होने के बावजूद ठसाठस भरे ई रिक्शा का चालक एक दो सवारियां और बिठाने का इंतजार करते दिखा।
विज्ञापन
घर से बेवजह जनता को निकलने से रोकने के लिए यूं तो प्रशासन ने चौराहों समेत प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की तैनाती की है लेकिन इसका तीसरे दिन बहुत अच्छा असर नहीं दिखा।
पटेल नगर चौराहे पर पुलिसिया मुस्तैदी की बात छोड़ दी जाए तो बाकी जगहों पर ऐसा नहीं नजर आया। पत्थरकटा चौराहा, सदर अस्पताल तिराहा, बाकरगंज चौराहा, राधा नगर चौराहा, चौक यह कुछ ऐसे प्वाइंट थे जहां पर आने जाने वालों को कोई रोकने टोकने वाला नहीं था।
फतेहपुर। लॉकडाउन ने एक बार फिर से फिलिंग सेंटर पर सन्नाटा ला दिया। सुबह सात बजे राधानगर इलाके के एक फिलिंग सेंटर में एक भी वाहन नहीं था।
दोपहर सवा 12 बजे आईटीआई रोड के फिलिंग सेंटर का भी यही हाल रहा। दोपहर डेढ़ बजे ज्वालागंज चौराहा के फिलिंग सेंटर भी एक दो ग्राहक दिखाई दिए।
तंबाकू उत्पाद का सेवन करने वाले लॉकडाउन की वजह से फिर से जेब ढीली करने को मजबूर दिखाई दिए। पान मसाला के दाम दोगुने तक वसूले गए।
डेढ़ रुपये पुड़िया बिकने वाला एक ब्रांड का मसाला दस रुपये में तीन पुड़िया बेंचा गया। इसी प्रकार पांच रुपये का मसाला आठ रुपये का हो गया।
ऐसी ही बढ़ोत्तरी कत्था, सुपाड़ी के दामों में भी हुई। पीरनपुर में दुकान चलाने वाले फारुक ने बताया कि सेल्समैन रेट बढ़ा कर सामान दे रहे हैं। ऐसे में प्रिंट रेट पर बिक्री कैसे की जा सकती है।