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Fatehpur News: जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन की अगले माह से मिलने लगेगी सुविधा
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फतेहपुर। जिला अस्पताल में मई से लिक्विड ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एक करोड़ रुपये से 20 हजार लीटर लिक्विड मेडिकल भंडारण प्लांट तैयार किया जा रहा है। कुछ जगह पाइप लाइन बिछाकर ये सेवा शुरू हो जाएगी। इससे ऑक्सीजन गैस सिलिंडर से छुटकारा मिलेगा।
कोरोना काल में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की मारामारी को देखते हुए कई प्लांट अस्पतालों में स्थापित किए गए। इसके बाद व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जनवरी 2022 में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए धनराशि आवंटित की गई। इसके निर्माण का कार्य मेसर्स आइनॉक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया। कार्यदायी संस्था ने 20 हजार लीटर क्षमता का भंडारण टैंक बनाया। इससे जुड़े अन्य कार्य भी किए जा चुके हैं।
लिक्विड के रूप में ऑक्सीजन को स्टोर करने के लिए पेट्रोलियम विभाग से अनुमति मिल चुकी है। अब सिर्फ कुछ जगह प्रस्तावित ऑक्सीजन पाइप लाइन विस्तार का काम बाकी है। ये भी इस माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद लिक्विड ऑक्सीजन को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भंडारण गृह में स्टोर किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लिक्विड से गैस में परिवर्तित करके पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति देकर किसी भी गंभीर मरीज को तत्काल उपचार मुहैया कराया जा सकेगा।
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लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भंडारण टैंक समेत सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। 20 हजार लीटर क्षमता के टैंक में लिक्विड के रूप में ऑक्सीजन स्टोर की जाएगी। ये बहुत तेजी से गैस फॉर्म में अधिक मात्रा में परिवर्तित होती है। कुछ जगह पर आक्सीजन पाइप लाइन एक्सटेंशन हुआ है। काम जल्द पूरा हो जाएगा। मई से ये सुविधा मिलने लगेगी। -डॉ. शुभम मिश्रा, नोडल अधिकारी, जिला अस्पताल
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कोरोना काल में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की मारामारी को देखते हुए कई प्लांट अस्पतालों में स्थापित किए गए। इसके बाद व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जनवरी 2022 में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए धनराशि आवंटित की गई। इसके निर्माण का कार्य मेसर्स आइनॉक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया। कार्यदायी संस्था ने 20 हजार लीटर क्षमता का भंडारण टैंक बनाया। इससे जुड़े अन्य कार्य भी किए जा चुके हैं।
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लिक्विड के रूप में ऑक्सीजन को स्टोर करने के लिए पेट्रोलियम विभाग से अनुमति मिल चुकी है। अब सिर्फ कुछ जगह प्रस्तावित ऑक्सीजन पाइप लाइन विस्तार का काम बाकी है। ये भी इस माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद लिक्विड ऑक्सीजन को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भंडारण गृह में स्टोर किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लिक्विड से गैस में परिवर्तित करके पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति देकर किसी भी गंभीर मरीज को तत्काल उपचार मुहैया कराया जा सकेगा।
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लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भंडारण टैंक समेत सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। 20 हजार लीटर क्षमता के टैंक में लिक्विड के रूप में ऑक्सीजन स्टोर की जाएगी। ये बहुत तेजी से गैस फॉर्म में अधिक मात्रा में परिवर्तित होती है। कुछ जगह पर आक्सीजन पाइप लाइन एक्सटेंशन हुआ है। काम जल्द पूरा हो जाएगा। मई से ये सुविधा मिलने लगेगी। -डॉ. शुभम मिश्रा, नोडल अधिकारी, जिला अस्पताल