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Fatehpur News: जिला अस्पताल में नहीं मिल रही ल्युकोरिया की दवा

Thu, 24 Oct 2024 02:46 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Oct 2024 02:46 AM IST
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Leukorrhea medicine not available in district hospital
फतेहपुर। जिला अस्पताल के एसटीडी विभाग (यौन संचारी रोग) में ल्युकोरिया (श्वेत प्रदर) की दवा की कमी है। दवाओं की कमी से कई बार मरीजों को खाली हाथ लौटा दिया जाता है या उसी फॉर्मूले की दूसरी दवाएं दी जाती हैं। इससे मरीजों को परेशानी होती है।
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महिलाओं में ल्यूकोरिया की बीमारी बहुतायत पाई जाती है। इस बीमारी से करीब 25-30 फीसदी महिलाएं पीड़ित हैं। यह बीमारी एसटीडी या साफ-सफाई न रखने से होती है। विवाहित महिलाओं समेत यह बीमारी लड़कियों में भी पाई जाती है। एसटीडी से जुड़ी बीमारियों के लिए जिला अस्पताल में विभाग बना हुआ है। यहां एसटीडी से संबंधित मरीजों की काउंसलिंग समेत दवा दी जाती है। यहां ल्युकोरिया के मरीज सबसे ज्यादा आते हैं। उन्हें दवाओं की किट दी जाती है। रोजाना 20-30 किट की मांग होती है। जितनी दवाओं की मांग है, उसके अनुरूप आपूर्ति नहीं है। विभागीय काउंसलर्स ने बताया कि इस बार 2000 की डिमांड भेजी गई थी, लेकिन 200 किट ही प्राप्त हुई हैं। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी लखनऊ की तरफ से ये दवाएं भेजी जाती हैं। कभी-कभी लंबे समय तक दवाएं नहीं आती हैं।
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--इनसेट-
- ल्युकोरिया हो सकता है खतरनाक
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि श्वेत प्रदर बदबूदार होने पर यह गंभीर रूप ले सकता है। इससे पीड़ित महिलाएं कई बीमारियों से ग्रसित हो सकती हैं। 40 साल से अधिक की महिलाओं में ये सर्वाइकल कैंसर का रूप ले सकता है। संक्रमण से ये बीमारी होती है। इसका समय से इलाज कराना चाहिए। इलाज कराने पर बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाती है, हालांकि आम बात मानकर महिलाएं इसे पाले रहती हैं। वह इसका इलाज कराने में संकोच करती हैं।
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- बीमारी से बचने रखें ध्यान
महिलाओं में यह बीमारी संक्रमण से होती है। इससे बचने के लिए सबसे पहले महिलाओं को साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि साफ-सफाई के लिए डेटॉल, सेवलॉन या वी-वॉश का ज्यादा या रोजाना इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे भी संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा एसटीडी बीमारियों से बचाव के लिए किए जाने वाले उपायों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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