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सलेमपुर कनैरा में बुखार से महिला की मौत, कीर्तिखेड़ा और अढ़ावल में डेंगू फैला
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बीधनपुर गांव में मरीजों का स्वास्थ्य परिक्षण करते डॉक्टर
- फोटो : FATEHPUR
अमौली ब्लॉक के सलेमपुर कनैरा गांव में 20 दिनों के भीतर बुखार से तीसरी मौत हो गई। मंगलवार दोपहर को यहां महिला की बुखार के चलते मौत हुई है। अमौली ब्लाक की बात करें तो अकेले यहां अभी तक करीब 65 लोग बुखार और डेंगू से अपनी जान गंवा चुके हैं। उधर, बहुआ ब्लाक के अढ़ावल और कीर्तिखेड़ा गांव में डेंगू और बुखार का कहर जारी है। यहां के कई लोग बहुआ और कानपुर के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इस माह कीर्तिखेड़ा गांव में बुखार से तीन की मौत भी हो चुकी है।
सलेमपुर कनैरा गांव में ब्रजनंदन की पत्नी सुनीता (45) एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थीं। क्षेत्रीय स्तर पर इलाज कराने पर कोई आराम नहीं मिला। सोमवार को सीएचसी अमौली की टीम ने गांव में कैंप लगाकर चेकअप भी किया। दवा देने के बाद इन्हें घर भेज दिया। पति ब्रजनंदन ने बताया कि दवा से पत्नी को कोई लाभ नहीं हुआ और मंगलवार दोपहर हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई।
पति का आरोप है कि कैंप करने आई टीम के डाक्टर ने उसे अस्पताल में भर्ती करना तक उचित नहीं समझा। यदि पत्नी को समय पर उचित इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उधर, इसी गांव में पांच दिन पहले दीपू (5) पुत्र किशोर और 20 दिन पहले शिबू (17) पुत्र स्व. राम प्रसाद की बुखार से मौत हो चुकी है। इनके अलावा अढ़ावल गांव में कई लोग बुखार पीड़ित हैं।
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सलेमपुर कनैरा गांव में ब्रजनंदन की पत्नी सुनीता (45) एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थीं। क्षेत्रीय स्तर पर इलाज कराने पर कोई आराम नहीं मिला। सोमवार को सीएचसी अमौली की टीम ने गांव में कैंप लगाकर चेकअप भी किया। दवा देने के बाद इन्हें घर भेज दिया। पति ब्रजनंदन ने बताया कि दवा से पत्नी को कोई लाभ नहीं हुआ और मंगलवार दोपहर हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई।
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पति का आरोप है कि कैंप करने आई टीम के डाक्टर ने उसे अस्पताल में भर्ती करना तक उचित नहीं समझा। यदि पत्नी को समय पर उचित इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उधर, इसी गांव में पांच दिन पहले दीपू (5) पुत्र किशोर और 20 दिन पहले शिबू (17) पुत्र स्व. राम प्रसाद की बुखार से मौत हो चुकी है। इनके अलावा अढ़ावल गांव में कई लोग बुखार पीड़ित हैं।
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