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Fatehpur News: ढाई करोड़ राजस्व देने वाला कौहन-जरौली मार्ग दलदल

Tue, 01 Aug 2023 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Tue, 01 Aug 2023 12:43 AM IST
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Kauhan-Jarauli road marsh giving 2.5 crore revenue
फतेहपुर/असोथर। सालाना ढाई करोड़ रुपये राजस्व देने वाला कौहन-जरौली मार्ग दलदल में तब्दील है। ओवरलोड वाहनों के आवागमन से पक्की सड़क कच्चा गलियारा बन गई है। बांदा जिले को जोड़ने वाला शार्टकट मुख्य मार्ग खत्म होने के कगार पर है।
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असोथर-जरौली वाया कौहन मार्ग में डेढ़ दशक तक बसें दौड़ती रहीं, लेकिन कौहन और रमशोलेपुर कौहन मौरंग खनन चालू होने के बाद से सड़क का अस्तित्व मिटता जा रहा है। यमुना में मौरंग का खनन चालू होने के बाद इस मार्ग से प्रतिदिन मौरंग लोड़ सैकड़ों ट्रकों का आवागमन होता है। ऐसी स्थिति गिट्टियां टूटकर मिट्टी मेें मिल चुकी हैं। बारिश में यह सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। हर साल ढाई करोड़ रुपये देने वाली सड़क बेहाल है। इस सड़क से सिंधूतारा, जरौली, रामनगर कौहन, सांवला का डेरा, दरियावपुर, कंसापुर, मिश्रन डेरा, रामशोलेपुर, बोधवापुर समेत कई अन्य गांवों के लोगों के जिला मुख्यालय आने का एक मात्र रास्ता है। इतना ही नहीं मार्का यमुना घाट से बांदा और चित्रकूट जिले को भी यह सड़क जोड़ती है। बड़ी नाव के माध्यम से पैदल, साइकिल और बाइक सवारों का आना जाना होता है। ऐसे में दलदल बनी यह सड़क लोगों को लिए बड़ी परेशानी साबित हो रही है।
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तिरहार के बच्चों का भविष्य कीचड़ में फंसा
दलदल और कीचड़ में तब्दील सड़क के कारण आसपास के गांवों के बच्चों को पैदल स्कूल आना जाना होता है। गंभीर रूप से बीमार लोगों को लेने एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है। बच्चों का भविष्य कीचड़ में फंसकर रह गया है। ग्रामीण मुन्ना सिंह, डॉ संजय, विनोद कुमार, आशू सिंह का कहना है कि विद्यालय के वाहन न आने के कारण बच्चों को निजी स्कूलों पढ़ाना मुश्किल हो रहा है।
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कच्चे रास्ते से भी बदतर
कौहन निवासी अंकित सिंह गौतम का कहना है कि मौरंग के ओवर लोड ट्रक और डंपरों के आने जाने से यह सड़क कच्चे रास्ते से भी बदतर हो चुकी है। बारिश होने के साथ पूरी नौ किमी सड़क में दलदल हो गया है। ऐसे में कोई भी वाहन निकलना संभव नहीं रहा।

पैदल निकलना भी मुश्किल
असोथर निवासी राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि असोथर जरौली मार्ग सरकार की उपेक्षा का शिकार है। दो दशक पहले इस मार्ग पर बसें दौड़ती रही हैं, लेकिन वर्तमान में इससे पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। सड़क की यह स्थिति ओवर लोड मौरंग लदे वाहनों के निकलने से हुई है।


बयान
मार्का यमुना पुल बनने के बाद कौहन असोथर मार्ग डबल लेन बनाकर सीधा थरियांव में नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा। पुल निर्माण पूरा होने के बाद इस सड़क पर काम शुरू हो जाएगा। -अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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