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सरकारी जमीन पर बने हिस्ट्रीशीटर के फार्म हाउस में चला बुल्डोजर
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हिस्ट्रीशीटर आबिद हसन के फार्म हाउस की बाउंड्री ढहाती जेसीबी मशीन। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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हसवा। थरियांव थाने के हिस्ट्रीशीटर और भूमाफिया आबिद हसन के कब्जे से बुधवार को राजस्व और पुलिस टीम ने करीब ढाई करोड़ कीमत की जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है।
हसवा कस्बे में बुधवार दोपहर 12 बजे एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य, नायब तहसीलदार विकास पांडेय, लेखपाल सुशील, थरियांव, असोथर थाने का फोर्स, पीएसी जवान मौके पर पहुंचे। हिस्ट्रीशीटर आबिद हसन के फार्म हाउस के अंदर मौजूद तालाब की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।
इसके बाद दो बंजर जमीनों से अतिक्रमण हटवाया गया। एक जमीन पर प्लाटिंग हो रही थी। उधर, आबिद के बेटे हादी हसन ने बताया कि राजस्व विभाग ने पहले किसी प्रकार की नोटिस नहीं दी। प्रशासन ने अचानक कार्रवाई की है। एसडीएम ने बताया कि बंजर और तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा था।
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उसमें आबिद हसन ने फार्म हाउस बना लिया था। फार्म हाउस की बाउंड्री, स्टोर तोड़ा गया है। इसके साथ ही बंजर जमीन में आबिद हसन ने प्लाटिंग करके उसे बेचा जा रहा था। सीमांकन कराकर अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया। मुक्त कराई जमीन की कीमत ढाई करोड़ है।
डेढ़ माह पहले आबिद जेल से छूटा
हिस्ट्रीशीटर आबिद हसन की क्षेत्र में दहशत है। उसने हसवां के हृदयेश सिंह को बिलंदा के पास गोली मारी थी। जिसके बाद आबिद का नाम सुर्खियों में आया। डर और दशहत कायम कर आबिद ने अकूत संपत्ति बनाई। साधारण परिवार से होने के बावजूद कस्बे में सैकड़ों बीघा जमीन खरीद ली। आबिद पर कई मुकदमे दर्ज हैं। क्षेत्र में फार्म हाउस काफी चर्चित है। यहां ओहदेदारों और अपराधियों का आने-जाने की चर्चा कस्बावासियों में रहती है। फार्म हाउस में विदेशी नस्ल के कई खतरनाक कुत्ते हैं।
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हसवा कस्बे में बुधवार दोपहर 12 बजे एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य, नायब तहसीलदार विकास पांडेय, लेखपाल सुशील, थरियांव, असोथर थाने का फोर्स, पीएसी जवान मौके पर पहुंचे। हिस्ट्रीशीटर आबिद हसन के फार्म हाउस के अंदर मौजूद तालाब की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।
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इसके बाद दो बंजर जमीनों से अतिक्रमण हटवाया गया। एक जमीन पर प्लाटिंग हो रही थी। उधर, आबिद के बेटे हादी हसन ने बताया कि राजस्व विभाग ने पहले किसी प्रकार की नोटिस नहीं दी। प्रशासन ने अचानक कार्रवाई की है। एसडीएम ने बताया कि बंजर और तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा था।
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उसमें आबिद हसन ने फार्म हाउस बना लिया था। फार्म हाउस की बाउंड्री, स्टोर तोड़ा गया है। इसके साथ ही बंजर जमीन में आबिद हसन ने प्लाटिंग करके उसे बेचा जा रहा था। सीमांकन कराकर अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया। मुक्त कराई जमीन की कीमत ढाई करोड़ है।
डेढ़ माह पहले आबिद जेल से छूटा
हिस्ट्रीशीटर आबिद हसन की क्षेत्र में दहशत है। उसने हसवां के हृदयेश सिंह को बिलंदा के पास गोली मारी थी। जिसके बाद आबिद का नाम सुर्खियों में आया। डर और दशहत कायम कर आबिद ने अकूत संपत्ति बनाई। साधारण परिवार से होने के बावजूद कस्बे में सैकड़ों बीघा जमीन खरीद ली। आबिद पर कई मुकदमे दर्ज हैं। क्षेत्र में फार्म हाउस काफी चर्चित है। यहां ओहदेदारों और अपराधियों का आने-जाने की चर्चा कस्बावासियों में रहती है। फार्म हाउस में विदेशी नस्ल के कई खतरनाक कुत्ते हैं।