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Fatehpur News: दवा बदलने के विवाद में जूनियर डॉक्टरों ने संविदा कर्मियों पीटा,हंगामा
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अल्लीपुर। अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में मंगलवार दोपहर दवा बदलने के विवाद में जूनियर डॉक्टरों (मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र) ने संविदा पर तैनात कई कर्मियों को परिसर में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा । घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर जांच के लिए पहुंची है।
मेडिकल कॉलेज में मल्टीपरपज वर्कर हेल्थ के पद पर संविदा कर्मी राजेंद्र सिंह तैनात हैं। राजेंद्र सिंह ने बताया कि दवा वितरण कक्ष में फार्मासिस्ट राजकुमार उमराव ड्यूटी पर थे। वह उनके सहायक के रूप में काम करता है। करीब दोपहर साढ़े 12 बजे जूनियर डॉक्टर दवाखाने आए थे। जहां फार्मासिस्ट से दवा मांगी। फार्मासिस्ट ने दूसरी दवा दे दी। दूसरी दवा देने पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। वह बीच-बचाव के लिए बोलने लगा। इसी दौरान जूनियर डॉक्टरों ने उसे गाली गलौज की। साथियों को बुलाकर राजेंद्र को कक्ष से बाहर घसीट लाए। डाक का काम देखने वाले विवेक वर्मा पहुंचे। वह घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगे। वीडियो बनाने पर विवेक के सिर पर डंडे से हमला किया। इसके बाद उसे लात-घूसों से पीटा। इधर, जान बचाकर राजेंद्र बिल्डिंग से बाहर निकला। दौड़ाकर उस पर फंटी, डंडे व टायल्स से हमला किया। परिसर में करीब 200 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर इकट्ठा हो गए। सविंदाकर्मियों की भीड़ लग गई। कॉलेज प्रशासन व गार्डों ने बीच बचाव किया। गार्ड भी बीच-बचाव में चोटहिल दो गए। इसके बाद मामला शांत हो सका। नाराज संविदा कर्मियों ने दोपहर लगभग एक बजे कार्य का बहिष्कार कर नारेबाजी की। घायल राजेंद्र व विवेक प्राचार्य डॉक्टर आरपी सिंह के पास पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। सुपरवाइजर अनुराग ने बताया कि अक्सर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र (जूनियर डॉक्टर)अभद्रता करते हैं व मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। कर्मियों के साथ मारपीट की गई है। घायल संविदा कर्मी राजेंद्र सिंह व विवेक कुमार वर्मा ने बताया कि जूनियर डॉक्टर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। थानाध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी। प्रॉक्टर इन हेड डॉ. प्रदीप कुमार से संविदा कर्मियों ने लिखित शिकायत की है। प्रॉक्टर इन हेड डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि दवा बदलने को लेकर विवाद हुआ है। संविदा कर्मियों व जूनियर डॉक्टरों को बुलाकर जानकारी की गई है। पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में मल्टीपरपज वर्कर हेल्थ के पद पर संविदा कर्मी राजेंद्र सिंह तैनात हैं। राजेंद्र सिंह ने बताया कि दवा वितरण कक्ष में फार्मासिस्ट राजकुमार उमराव ड्यूटी पर थे। वह उनके सहायक के रूप में काम करता है। करीब दोपहर साढ़े 12 बजे जूनियर डॉक्टर दवाखाने आए थे। जहां फार्मासिस्ट से दवा मांगी। फार्मासिस्ट ने दूसरी दवा दे दी। दूसरी दवा देने पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। वह बीच-बचाव के लिए बोलने लगा। इसी दौरान जूनियर डॉक्टरों ने उसे गाली गलौज की। साथियों को बुलाकर राजेंद्र को कक्ष से बाहर घसीट लाए। डाक का काम देखने वाले विवेक वर्मा पहुंचे। वह घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगे। वीडियो बनाने पर विवेक के सिर पर डंडे से हमला किया। इसके बाद उसे लात-घूसों से पीटा। इधर, जान बचाकर राजेंद्र बिल्डिंग से बाहर निकला। दौड़ाकर उस पर फंटी, डंडे व टायल्स से हमला किया। परिसर में करीब 200 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर इकट्ठा हो गए। सविंदाकर्मियों की भीड़ लग गई। कॉलेज प्रशासन व गार्डों ने बीच बचाव किया। गार्ड भी बीच-बचाव में चोटहिल दो गए। इसके बाद मामला शांत हो सका। नाराज संविदा कर्मियों ने दोपहर लगभग एक बजे कार्य का बहिष्कार कर नारेबाजी की। घायल राजेंद्र व विवेक प्राचार्य डॉक्टर आरपी सिंह के पास पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। सुपरवाइजर अनुराग ने बताया कि अक्सर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र (जूनियर डॉक्टर)अभद्रता करते हैं व मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। कर्मियों के साथ मारपीट की गई है। घायल संविदा कर्मी राजेंद्र सिंह व विवेक कुमार वर्मा ने बताया कि जूनियर डॉक्टर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। थानाध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी। प्रॉक्टर इन हेड डॉ. प्रदीप कुमार से संविदा कर्मियों ने लिखित शिकायत की है। प्रॉक्टर इन हेड डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि दवा बदलने को लेकर विवाद हुआ है। संविदा कर्मियों व जूनियर डॉक्टरों को बुलाकर जानकारी की गई है। पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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