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अड़तालिस घंटे से हो रही बारिश से शहर से गांव तक पानी-पानी

Fri, 17 Sep 2021 12:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 12:11 AM IST
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intermittent rain flooded city
खलील नगर में भरा बारिश का पानी। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। 48 घंटे से हो रही बारिश ने शहर से लेकर गांव तक में मुश्किलें खड़ी कर दीं। सड़कें पानी से लबालब हो गईं। एडीएम, सीएमओ और सीओ सिटी के आवासों में भी पानी घुस गया। बाजारों में जलभराव के कारण सन्नाटा रहा। शहर में सबसे खराब स्थिति खलील नगर, रानी कालोनी, पठा नगर, पीरनपुर नई बस्ती और तांबेश्वर मोहल्लों की रही। यह इलाके टापू नजर आए। पानी घरों के अंदर घुस गया। हालांकि जलभराव होते ही नगर पालिका ने जलनिकासी के प्रयास शुरू कर दिए। पालिका कर्मियों ने कई जगह पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला।
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झमाझम बारिश से एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। 14 सितंबर से शुरू हुई बारिश गुरुवार रात तक होती रही। 21 करोड़ की लागत से शहर में अधबने नाले ने बड़ी समस्या खड़ी की। एसपी चौराहे से आबू नगर मार्ग पर सीओ आफिस के सामने घुटने तक पानी भरा रहा। इसी प्रकार, बिंदकी बस स्टाप में डिवाइडर मार्ग पर दोनों तरफ घुटने तक पानी भरा। नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा ने बताया कि जलनिगम के मानक के अनुरूप नाला निर्माण न कराने से शहर को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सभी नाले अभी तक अधूरे पड़े हैं। अब तक सात स्थानों पर पंपिंग सेट लगाकर जलनिकासी चालू करा गई है।
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किशनपुर। बरसात ने यमुना घाट जाने वाले रास्ते की सूरत बदल दी है। घाट तक पैदल जाना मुश्किल हो गया है। बारिश के कारण फिलहाल यमुना पार से आना जाना बंद हो गया है। चंद लोग अभी भी जोखिम भरी यात्रा कर रहे हैं। बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश के कारण किशनपुर यमुना घाट की ओर जाने वाला रास्ते जगह-जगह से कट गए हैं और कटान के कारण घाट तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। (संवाद)
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खागा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री विजय त्रिपाठी ने बीएसए को पत्र लिखकर बारिश के कारण अवकाश घोषित करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि बरसात से अधिकांश स्कूल परिसर में पानी भर गया है। इसके साथ ही कई स्कूलों की छत, दीवारें कमजोर हैं और इससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। मौसम ठीक होने तक अवकाश किया जाए। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह समस्याग्रस्त स्कूलों का निरीक्षण कर लें। अगर विद्यालय जर्जर या फिर जलभराव है, तो बच्चों को वहां न बैठाएं और विशेष सावधानी बरती जाए।
असोथर। नगर पंचायत का गठन होने के बाद नाला निर्माण न होने से नगर में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई। नगर पंचायत असोथर में 35 सफाई कर्मियों की नियुक्ति होने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली। बारिश का पानी घरों में भी घुस गया। (संवाद)

फतेहपुर। लगातार 48 घंटे की हो रही बारिश से गंगा, यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 27 सेमी, तो यमुना का जलस्तर 48 सेमी बढ़ा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 29 सेमी और खतरे के निशान से 1.29 मीटर दूर है। वहीं, यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 10 मीटर दूर है। बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा में खतरे का निशान 100.86 मीटर पर और चेतावनी बिंदु 99.86 मीटर पर है। लगातार बारिश से अब गंगा का जलस्तर 99.57 सेमी पर पहुंच गया है। वहीं, यमुना में खतरे का निशान 100 मीटर पर है। इस समय यमुना का जलस्तर 89.170 मीटर पर है।
वर्षवार वर्षा का तुलनात्मक विवरण (मिलीमीटर में)
माह - वर्ष 2019 - वर्ष 2020 - वर्ष 2021 - माह की औसत वर्षा
जुलाई - 168.90 - 211.80 - 230.74 - 278.40
अगस्त - 143.96 - 110.43 - 180.83 - 289.70
सितंबर - 230.46 - 79.6 - 119.36 - 167.80
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