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परीक्षा केंद्रों में धड़ल्ले से नकल, पकड़े गए तो एफआईआर, कार्रवाई नहीं
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर
Updated Sat, 14 Mar 2015 12:05 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में शिक्षा विभाग के अफसरों और शिक्षा माफियाओं के बीच गजब का ड्रामा चल रहा है। परीक्षा केंद्रों पर खुलेआम नकल होती है। उड़ाका दल छापेमारी के दौरान परीक्षा केंद्रों को रंगेहाथ पकड़ते भी हैं और एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है, लेकिन नतीजा शून्य है।
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी संबंधित केंद्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। पिछले साल के आंकड़े तो यही बता बता रहे हैं।
पिछले वर्ष नकल को लेकर 16 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी, लेकिन मौजूदा सभी आरोपी बरी हैं। एक तरफ मुकदमा दर्ज कराकर माध्यमिक शिक्षा विभाग पल्लू झाड़ लेता तो दूसरी तरफ पुलिस एफआर (फाइनल रिपोर्ट ) लगाकर इतिश्री कर लेती है। नतीजतन नकल माफिया के हौसले बुलंद रहते हैं। स्कूलों में नकल घटने के बजाए बढ़ती जाती है।
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बोर्ड परीक्षा 2014 में 9 परीक्षा केंद्रों में सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। डीआईओएस ने एक प्रबंधक समेत 16 कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ क्षेत्रीय थानों में मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन वर्तमान में एक भी मुकदमा विचाराधीन नहीं है।
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सभी में पुलिस ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाकर अपने स्तर से सभी नकल कराने के आरोपियों को बरी कर दिया। पिछली परीक्षा में शिवमंगल सिंह इंटर कालेज जखनी सामूहिक नकल कराने के आरोप में केंद्र व्यवस्थापक सुखनिधान सिंह व परीक्षा प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज वीआईपी रोड में सामूहिक नकल कराने के आरोप में कक्षनिरीक्षक अल्पनरायण गुप्ता, रामविशाल सिंह, परीक्षा केंद्र श्रीमती रामधनी सिंह इंटर कालेज उमरपुर गौंती में सामूहिक नकल कराने के आरोप में कक्षनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह व संदीप तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी तरह महात्मा गांधी इंटर कालेज सिधावं में सामूहिक नकल कराने के आरोप में कक्षनिरीक्षक रामधनी, निर्मला तिवारी, सुरेश सिंह, रोशन सिंह इंटर कालेज दुगरेई में नकल कराने के आरोप में कैलाश पटेल, अवधेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इनके अलावा रामप्यारे वंशगोपाल उच्चतर माध्यमिक चायमालपुर में सामूहिक नकल कराने के आरोप में कक्षनिरीक्षक रावेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह बालिका इंटर कालेज आलमपुर गेरिया में कक्षनिरीक्षक राजेश कुमार व प्रबंधक दिग्विजयसिंह, जगन्नाथ पटेल इंटर कालेज समदाबाद में सामूहिक नकल कराने के आरोपी कक्षनिरीक्षक तन्वी त्रिवेदी वा चौधरी रघुनाथ सहांय इंटर कालेज हथगाम में सामूहिक नकल पकड़कर कक्षनिरीक्षक राजेश कुमार सविता के खिलाफ क्षेत्रीय थाने में मुकदमा दर्ज कराये गये थे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा के समय मुकदमा दर्ज कराने के बाद मामले से पल्लू झाड़ लिया। इसका फायदा उठाकर पुलिस ने मुकदमों में एफआर लगाकर पत्रावली दफ्तर दाखिल कर दी। नकल कराने के आरोपियों पर दर्ज कराए गए मुकदमे स्पंज हो जाने से नकल माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
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एफआईआर के बाद उनका कोई रोल नहीं-डीआईओएस
फतेहपुर। डीआईओएस मोहम्मद रफीक का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराने के बाद उनका रोल समाप्त हो जाता है। इसके बाद पुलिस का रोल रहता है। जितने भी साक्ष्य उनके विभाग के पास होते हैं, वह पुलिस को मुहैया करा दिये जाते हैं। पुलिस आरोप पत्र क्यों नहीं दाखिल करती इस संबंध वह कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं।
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साक्ष्य मिलने पर दाखिल होता है आरोपपत्र
फतेहपुर। अप पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह का कहना है कि अभी उन्होंने 20 दिन पहले कार्यभार ग्रहण किया है। ऐसी हालत में पिछली बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल कराने के आरोप में दर्ज कराए गए मुकदमे क्यों स्पंज हुए, इस संबंध में कुछ कह पाना संभव नहीं है। उनका कहना है कि साक्ष्य मिलने में पुलिस निश्चित ही आरोपपत्र दाखिल करती है। साक्ष्य न मिलने पर पुलिस एफआर लगाकर पत्रावली दफ्तर दाखिल कर देती है।