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Fatehpur News: पांडु और गंगा की कटान से सैकड़ों बीघे खेत नदी में समाए
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फोटो-33-पांडु नदी से कटकर बही जमीन। संवाद
- फोटो : लंभुआ में धरना देते सपा कार्यकर्ता। स्रोत- पार्टी
औंग। मलवां ब्लॉक की अभयपुर ग्राम पंचायत के बड़ाखेड़ा और बिंदकी फॉर्म क्षेत्र में पांडु और गंगा नदी की कटान ने तबाही मचाई है। इस वर्ष बाढ़ के कारण सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन नदियों में समा गई है, जिससे फूल और धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। ग्रामीणों के अनुसार, तेज बहाव से मुख्य मार्ग भी कटान से महज 25 मीटर दूर रह गया है, जिससे बिंदकी फॉर्म का अस्तित्व खतरे में है।
पांडु नदी ने पिछले दो वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष अधिक नुकसान पहुंचाया है। यूकेलिप्टस के कई पेड़ भी जड़ से उखड़कर नदी में बह गए हैं। बिंदकी फॉर्म निवासी मोतीलाल चौहान और बसंत ने बताया कि गांव के दोनों ओर से पांडु और गंगा तेजी से जमीन काट रही हैं। गंगा का जलस्तर सोमवार शाम 100.72 मीटर था, जो मंगलवार शाम घटकर 100.49 मीटर हो गया। 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर जलस्तर घटने के बावजूद खतरा बरकरार है। मुख्य मार्गों पर अभी भी बाढ़ का पानी भरा है और जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है।
बड़ाखेड़ा समेत कई गांवों में घरों के आसपास जमा बाढ़ के पानी से दुर्गंध आने लगी है। ग्रामीणों ने संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका जताई है। उन्होंने जल निकासी, सफाई और दवा छिड़काव की मांग की है। बिंदकी फॉर्म, सदनहा और कालीकुंडी के बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। इस वर्ष तीन बार बाढ़ आने से कई बच्चे स्कूल-कॉलेज नहीं जा सके हैं।
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पांडु नदी ने पिछले दो वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष अधिक नुकसान पहुंचाया है। यूकेलिप्टस के कई पेड़ भी जड़ से उखड़कर नदी में बह गए हैं। बिंदकी फॉर्म निवासी मोतीलाल चौहान और बसंत ने बताया कि गांव के दोनों ओर से पांडु और गंगा तेजी से जमीन काट रही हैं। गंगा का जलस्तर सोमवार शाम 100.72 मीटर था, जो मंगलवार शाम घटकर 100.49 मीटर हो गया। 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर जलस्तर घटने के बावजूद खतरा बरकरार है। मुख्य मार्गों पर अभी भी बाढ़ का पानी भरा है और जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है।
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बड़ाखेड़ा समेत कई गांवों में घरों के आसपास जमा बाढ़ के पानी से दुर्गंध आने लगी है। ग्रामीणों ने संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका जताई है। उन्होंने जल निकासी, सफाई और दवा छिड़काव की मांग की है। बिंदकी फॉर्म, सदनहा और कालीकुंडी के बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। इस वर्ष तीन बार बाढ़ आने से कई बच्चे स्कूल-कॉलेज नहीं जा सके हैं।

फोटो-33-पांडु नदी से कटकर बही जमीन। संवाद- फोटो : लंभुआ में धरना देते सपा कार्यकर्ता। स्रोत- पार्टी
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