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Fatehpur News: ओलावृष्टि से 21 गांवों के किसानों की मेहनत बर्बाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बेमौसम बारिश के साथ ओलावृष्टि से 21 गांवों के किसानों को भारी क्षति हुई है। सीएम के तत्काल मुआवजा देने की घोषणा से राजस्व और कृषि विभाग की पांच टीमें नुकसान का जायजा लेने में लगी हैं। अभी तक सिर्फ 86 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। मुआवजा न मिला तो इन किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा होगी। मुआवजे के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि सात मार्च है।
सप्ताह भर से बारिश के साथ कई बार हुई ओलावृष्टि से हजारों किसान बर्बादी के कगार पर खड़े हो गए हैं। अधिकांश किसान यमुना तटवर्ती गांवों के हैं। इन गांवों में अधिकांश चना, मसूर, अरहर, लाही की फसल पकी खड़ी थी या किसानों ने काटकर खलिहान में डाल रखी है।
सप्ताहभर पहले 150 से 200 ग्राम के ओले गिरने से पकी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। अब खेत में सिर्फ फसल की खूंटी खड़ी हैं। ओलावृष्टि से अगरती गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है। फसल खेतों में बिछी पड़ी है। अगर यह फसल अब खड़ी भी होती है, तो गेहूं का दाना पतला होगा। फसल खड़ी नहीं हुई, तो किसानों का शत प्रतिशत नुकसान हो सकता है। पीछे बोई गई गेहूं की फसल सिर्फ सुरक्षित बची है।
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यहां करें आवेदन
आवेदन करने के लिए किसानों को जनपद के हाईवे स्थित उपनिदेशक कृषि कार्यालय आना होगा। यहां लिखित में आवेदन करना होगा। ऑनलाइन सेवा नहीं है। दो दिन यानी 6 और 7 तक आवेदन करने की समय-सीमा तय की गई है।
इन गांवों में गिरे ओले
ब्लाक असोथर के लमेहटा, गौरी, दतौली, कोर्राकनक, उरौली, ललौली, ओती, अढावल, भौली, बुधरामऊ, गढ़ी, खजुहा ब्लाक-कुकेडी, बारा, धौरहरा, सैंबसी, बिंदौर, अमली ब्लाक के मानेपुर, पतेवरा, सरहन, चांदपुर, बरिगवां शामिल हैं।
फोटो-17-पंथु सिंह सचान
फोटो-18-रामचरण पाल
बुढ़वा निवासी पंथू सिंह सचान ने बताया कि लाही, चना का शत प्रतिशत नुकसान हुआ है। गेहूं की 50 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। ऐसे में किसान की चिंता बढ़ गई है।
हुसैनाबाद निवासी रामचरण पाल ने बताया कि ओले ने कई फसलें बर्बाद कर दीं है। गेहूं की फसल पूरी तरह गिर चुकी है। सरकार से राहत नहीं मिली, तो बहुत मुश्किल होगी।
बयान
गेहूं की फसल गिरने से पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत की कमी आएगी। गेहूं का दाना पतला होने की संभावना है। ओले से चना, लाही, मसूर की फसलें तो नष्ट होने की स्थिति में होंगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक
जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनको आपदा राहत कोष से मुआवजा दिया जाएगा। अब तक 86 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। अभी दो दिन किसानों से आवेदन लिए जाएंगे।
- राममिलन सिंह परिहार, उपकृषि निदेशक
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फतेहपुर। बेमौसम बारिश के साथ ओलावृष्टि से 21 गांवों के किसानों को भारी क्षति हुई है। सीएम के तत्काल मुआवजा देने की घोषणा से राजस्व और कृषि विभाग की पांच टीमें नुकसान का जायजा लेने में लगी हैं। अभी तक सिर्फ 86 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। मुआवजा न मिला तो इन किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा होगी। मुआवजे के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि सात मार्च है।
सप्ताह भर से बारिश के साथ कई बार हुई ओलावृष्टि से हजारों किसान बर्बादी के कगार पर खड़े हो गए हैं। अधिकांश किसान यमुना तटवर्ती गांवों के हैं। इन गांवों में अधिकांश चना, मसूर, अरहर, लाही की फसल पकी खड़ी थी या किसानों ने काटकर खलिहान में डाल रखी है।
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सप्ताहभर पहले 150 से 200 ग्राम के ओले गिरने से पकी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। अब खेत में सिर्फ फसल की खूंटी खड़ी हैं। ओलावृष्टि से अगरती गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है। फसल खेतों में बिछी पड़ी है। अगर यह फसल अब खड़ी भी होती है, तो गेहूं का दाना पतला होगा। फसल खड़ी नहीं हुई, तो किसानों का शत प्रतिशत नुकसान हो सकता है। पीछे बोई गई गेहूं की फसल सिर्फ सुरक्षित बची है।
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यहां करें आवेदन
आवेदन करने के लिए किसानों को जनपद के हाईवे स्थित उपनिदेशक कृषि कार्यालय आना होगा। यहां लिखित में आवेदन करना होगा। ऑनलाइन सेवा नहीं है। दो दिन यानी 6 और 7 तक आवेदन करने की समय-सीमा तय की गई है।
इन गांवों में गिरे ओले
ब्लाक असोथर के लमेहटा, गौरी, दतौली, कोर्राकनक, उरौली, ललौली, ओती, अढावल, भौली, बुधरामऊ, गढ़ी, खजुहा ब्लाक-कुकेडी, बारा, धौरहरा, सैंबसी, बिंदौर, अमली ब्लाक के मानेपुर, पतेवरा, सरहन, चांदपुर, बरिगवां शामिल हैं।
फोटो-17-पंथु सिंह सचान
फोटो-18-रामचरण पाल
बुढ़वा निवासी पंथू सिंह सचान ने बताया कि लाही, चना का शत प्रतिशत नुकसान हुआ है। गेहूं की 50 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। ऐसे में किसान की चिंता बढ़ गई है।
हुसैनाबाद निवासी रामचरण पाल ने बताया कि ओले ने कई फसलें बर्बाद कर दीं है। गेहूं की फसल पूरी तरह गिर चुकी है। सरकार से राहत नहीं मिली, तो बहुत मुश्किल होगी।
बयान
गेहूं की फसल गिरने से पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत की कमी आएगी। गेहूं का दाना पतला होने की संभावना है। ओले से चना, लाही, मसूर की फसलें तो नष्ट होने की स्थिति में होंगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक
जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनको आपदा राहत कोष से मुआवजा दिया जाएगा। अब तक 86 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। अभी दो दिन किसानों से आवेदन लिए जाएंगे।
- राममिलन सिंह परिहार, उपकृषि निदेशक