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Fatehpur News: ड्राइवर अंकल धीमे बस चलाते... तो नसरा हमारे बीच होती

Thu, 23 Jan 2025 12:51 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:51 AM IST
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Had driver uncle driven the bus slowly... Nasra would have been among us.
कंबल ओढ़े आपबीती बताती सानिया शेख। - फोटो : संवाद
फतेहपुर। बस लहराई और जोर का धमाका हुआ...। सभी दोस्त आगे गिरे...। उठे तो खून ही खून था...। दरवाजे के आगे की सीट पर बैठी नसरा बेसुध और खून से लथपथ थी...। बार-बार हिलाया पर वह नहीं उठी....। प्रियंका मैम की बात मानकर अगर ड्राइवर अंकल बस धीमे चला लेते तो... शायद नसरा हमारे बीच होती।
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छिवली नदी पुल से पहले मंगलवार को हुए हादसे का मंजर याद कर सानिया और जन्नत सिहर उठीं। 24 घंटे बाद भी असहज महसूस कर रहीं दोनों छात्राओं के आंसू भी छलक उठे। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा सानिया और जन्नत बोलीं- बस मंगलवार सुबह 10:30 बजे रवाना हुई। मैं चालक के दाएं तरफ की ओर से पीछे से तीसरी सीट पर थी। साथ बैठी जन्नत के साथ गपशप में मशगूल थी। गांधी चौराहे के पास तेज रफ्तार लहराते हुए बस निकली। हम दोनों एक-दूसरे से टकराए...। तभी प्रियंका मैम की आवाज गूंजी...। भइया गाड़ी आराम से चलाओ, इतनी जल्दबाजी न करो। इसके बाद भी ड्राइवर अंकल ने स्पीड नहीं कम की।
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... मैं जन्नत के साथ फिर बातों में मशगूल हो गई। कानपुर पहुंचकर आईआईटी में लैब देखेंगे...। जेके टैंपल के बारे में सुना है... वहां चाट जरूर खाएंगे।

औंग ओवरब्रिज के आगे हाईवे किनारे पर बस अचानक रुकी। और ड्राइवर अंकल कहीं चले गए। करीब दस मिनट बाद ड्राइवर अंकल दोबारा आए और बस बढ़ा दी।थोड़ी दूर ही पहुंचे थे कि बस फिर लहराई। जोर का धमका हुआ। सभी दोस्त आगे गिर गए...। बस में चीख-पुकार मच गई।
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उठी, तो आगे हर तरफ खून ही खून दिखा। दरवाजे के आगे की सीट पर दोस्त नसरा बैठी थी। उसकी हालत देखकर सिहर उठे। उसे बार-बार उठाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उसने आंखें नहीं खोली...। बस से बाहर आए तो पता चला कि ट्रेलर से टकराए थे...।

हर तरफ चीख की गूंज अब भी कानों में सुनाई देती है..। ड्राइवर अंकल ने कम स्पीड और बाएं ओर देखकर गाड़ी मोड़ी होती, तो शायद नसरा हमारे बीच में होती...।



--इनसेट--

नूर ने सिर ही नहीं उठाया



मुगलाही निवासी ही 11वीं की छात्रा नूरअक्शा (16) हादसे के बाद से गुमसुम है। वह सिर झुकाए है और उसकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे हैं। परिजन कई बार सिर को उठाने की कोशिश करते, वह बार-बार नीचे कर लेती है। उसके हालात देखकर उस हादसे के विभत्स मंजर का अंदाजा लगाया जा सकता है।


-इनसेट-



इलाज कराने पहुंचीं छात्राएं

हादसे के बाद बुधवार को घायल छात्राओं से मिलने विधायक राजेंद्र सिंह पटेल पहुंचे। उन्होंने सभी का हाल जानने की कोशिश की और सभी को दोबारा अस्पताल भेजकर उपचार कराया। सानिया शेख के हाथ, पैर और कंधे में झटके से चोट लगी है। जन्नत के पैर में चोट लगने से चलने में तकलीफ है। नूरअक्शा सदमे में है। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कोरइया निवासी कक्षा-9 की छात्रा नंदनी (19), जनता निवासी कक्षा-11 की छात्रा लक्ष्मी (17), कजियाना निवासी अलफिया (16) अस्पताल उपचार के लिए पहुंचे।
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