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Fatehpur News: बाढ़ का पानी उतरा, गांवों में बीमारी का खतरा बढ़ा
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फोटो-36-चौडगरा क्षेत्र के दरियापुर कटरी में फागिंग करता कर्मचारी। संवाद
चौडगरा। बाढ़ का पानी उतर गया, लेकिन गांवों से आफत नहीं गई। अब दलदल, जलभराव, गोबर के ढेर और खेतों में सड़ी फसलों से उठ रही दुर्गंध ने संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है।
अभयपुर, आशापुर समेत आसपास के गांवों में मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दावों के बावजूद सफाई, दवा छिड़काव और फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
जाड़े के पुरवा निवासी रामभजन निषाद ने बताया कि बाढ़ का पानी उतर गया है, लेकिन गंदगी के कारण मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। उनके मुताबिक दवा छिड़काव और फॉगिंग सिर्फ दिखावे तक सीमित है। औसेरी खेड़ा के भानू ने बताया कि गांव में जगह-जगह गंदगी है।
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बड़ा खेड़ा के चंद्रपाल ने बताया कि नाले और नालियां सफाई के अभाव में बजबजा रहे हैं। रास्तों पर जलभराव है और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि समय रहते सफाई और फॉगिंग नहीं कराई गई तो बीमारी फैल सकती है। बच्चों और मवेशियों को लेकर सबसे अधिक चिंता है।
राहत किट नहीं मिलने का भी आरोप
बाढ़ पीड़ितों ने राशन किट नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि बाढ़ के दौरान राहत के आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक किट का वितरण नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने गांवों की सुध लेना कम कर दिया है।
प्रधानों ने कहा- कराया जा रहा छिड़काव
अभयपुर प्रधान रामदास और आशापुर प्रधान ओम नारायण ने बताया कि गांवों में दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि नियमित छिड़काव हो रहा है तो मच्छरों का प्रकोप और नालियों की गंदगी अब तक क्यों बनी हुई है।
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अभयपुर, आशापुर समेत आसपास के गांवों में मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दावों के बावजूद सफाई, दवा छिड़काव और फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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जाड़े के पुरवा निवासी रामभजन निषाद ने बताया कि बाढ़ का पानी उतर गया है, लेकिन गंदगी के कारण मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। उनके मुताबिक दवा छिड़काव और फॉगिंग सिर्फ दिखावे तक सीमित है। औसेरी खेड़ा के भानू ने बताया कि गांव में जगह-जगह गंदगी है।
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बड़ा खेड़ा के चंद्रपाल ने बताया कि नाले और नालियां सफाई के अभाव में बजबजा रहे हैं। रास्तों पर जलभराव है और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि समय रहते सफाई और फॉगिंग नहीं कराई गई तो बीमारी फैल सकती है। बच्चों और मवेशियों को लेकर सबसे अधिक चिंता है।
राहत किट नहीं मिलने का भी आरोप
बाढ़ पीड़ितों ने राशन किट नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि बाढ़ के दौरान राहत के आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक किट का वितरण नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने गांवों की सुध लेना कम कर दिया है।
प्रधानों ने कहा- कराया जा रहा छिड़काव
अभयपुर प्रधान रामदास और आशापुर प्रधान ओम नारायण ने बताया कि गांवों में दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि नियमित छिड़काव हो रहा है तो मच्छरों का प्रकोप और नालियों की गंदगी अब तक क्यों बनी हुई है।

फोटो-36-चौडगरा क्षेत्र के दरियापुर कटरी में फागिंग करता कर्मचारी। संवाद