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Fatehpur News: अपहृत बच्चे की पांच दिन बाद अस्थियां खेत में मिलीं, हत्या का आरोप

Sun, 01 Mar 2026 12:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 12:05 AM IST
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Five days after the abducted child's bones were found in a field, allegations of murder were made.
फाइल फोटो-24-अंकुश। स्रोत परिजन
किशनपुर (फतेहपुर)। थाना क्षेत्र के लोची का डेरा मजरा इटरौरा से अपहृत साढ़े तीन वर्षीय अंकुश निषाद का अस्थिपंजर शनिवार सुबह घर से महज 25 मीटर दूरी पर दुर्गा प्रसाद निषाद के अरहर के खेत में मिला। शरीर के कई हिस्से गायब होने के कारण कपड़ों और धागे से उसकी पहचान की गई। शव मिलने की खबर से गांव में सनसनी फैल गई।
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ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस दौरान एएसपी महेंद्र पाल सिंह और अन्य पुलिस कर्मियों से परिजन और ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई। हालांकि एएसपी ने परिजन को शांत किया। फॉरेंसिक टीम ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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पिता हरिशंकर निषाद और ग्रामीणों ने हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया है। एएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शरीर के मिले हिस्से को नोंचने जैसा प्रतीत हो रहा है। इससे जंगली जानवर के हमले से बच्चे की मौत होना मालूम हो रहा है। अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
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अंकुश 24 फरवरी को अचानक गायब हुआ था। उसकी तलाश के लिए गांव से करीब 200 मीटर दूर बहने वाली ससुर खदेरी नदी में चार किलोमीटर तक जाल डाला गया और एसडीआरएफ टीम और ड्रोन की मदद से खोजबीन की गई।
शव मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। दोपहर करीब 12 बजे फॉरेंसिंक टीम की जांच के बाद फॉरेंसिक टीम अस्थिपंजर कब्जे में ले सकी। शव के पास पैंट का टुकड़ा, लोअर, टी-शर्ट और गले में काला धागा मिला। इसे उसकी मां ने अपहरण से दो दिन पहले पहनाया था।

हत्या के बाद शव को जंगली जानवर के सामने फेंकने की जताई आशंका
अपहृत अंकुश का शव मिलने के बाद किशनपुर थाने के लोची का डेरा गांव में ग्रामीणों का गुस्सा सांतवें आसमान पर पहुंच गया। शरीर के कई हिस्से गायब होने के कारण ग्रामीणों ने हत्या के बाद शव को जंगली जानवर के सामने फेंकने की आशंका जताई। कुछ ग्रामीणों को घटना के पीछे तंत्र-मंत्र का भी शक है।
ग्रामीणों ने बताया कि त्योहार के आसपास तांत्रिक बच्चों की बलि देने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। पूर्व में थरियांव क्षेत्र में लगातार त्योहार के दो साल बच्चों का अपहरण और हत्या कर शव खेत में फेंके गए थे। करीब पांच साल पहले शहर में भी होली पर एक बच्ची का अपहरण कर हत्या की गई थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस घटना में भी किसी तांत्रिक का हाथ हो सकता है और जानबूझकर शव को जंगली जानवर को फेंका गया होगा। क्योंकि पहले गांव में जंगली जानवरों का आना-जाना नहीं रहा है।
शव मिलने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। सैकड़ों लोग लाठी-डंडा लेकर इकट्ठा हो गए पुलिस को चारों ओर से घेर लिया और हंगामा किया। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और पुलिस पर शव उठाने से रोक कर मामले का खुलासा करने का दबाव बनाया।

15 मीटर दूर पड़ी थी आंख
अरहर के खेत में मिले बच्चे के अस्थिपंजर से कई अंग गायब थे या दूर पड़े थे। केवल एक पैर केवल सुरक्षित था। बाकी सीने की आधी हड्डियां, दोनों हाथ गायब, सिर पर बाल समेत खाल नहीं थी। गहरे घाव के निशान रहे। एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने कुछ दूर पड़े बाल, खून से सनी मिट्टी और कपड़े उठाए। करीब 15 मीटर दूर एक आंख पड़ी मिली।

गांव में दहशत, स्कूल बंद
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पांच दिन से गांव के दर्जनों बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे थे। ग्रामीणों को आशंका है कि गांव के पास लगभग 500 मीटर तक फैला जंगल किसी अनहोनी का कारण बन सकता है। ग्रामीण शकुंतला देवी, हरिओम और मानसी निषाद ने बताया कि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की जाती। तब तक बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है।


हर दिन 12 सिपाही, तीन दरोगा बच्चे की कर रहे थे तलाश
अपहृत बच्चे की तलाश के लिए किशनपुर थाने से प्रतिदिन सिपाही और दरोगा रवाना किए जा रहे थे। विजयीपुर चौकी फोर्स गांव जा रहा था। नरैनी मार्ग के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए गए। करीब 12 सिपाही और तीन दरोगा तलाश में जुटे थे। बड़ी बात रही कि बच्चे की टीमें तलाश नहीं कर पाई थी।


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इन सवालों के मिले नहीं मिले जवाब
- जिस स्थान पर बार-बार पुलिस और ग्रामीणों ने खोजबीन की वहां शव पहले क्यों नहीं दिखा।
- ड्रोन की निगरानी के बाद भी शव नजर क्यों नहीं आया।
- जंगली जानवर का शिकार होने पर दूसरे दिन भी मिल सकता था बच्चा।


जानिएं, कब-कब क्या हुआ
- 24 फरवरी की शाम करीब चार बजे अंकुश का अपहरण।
- 24 फरवरी की रात नौ बजे पुलिस को दी गई सूचना।
- 24 फरवरी रात एक बजे बाबा जगतपाल निषाद की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज।
- 25 फरवरी पुलिस ने ड्रोन से तलाश शुरू की।
- 26 फरवरी को एसडीआरएफ की टीम ने नदी में की तलाश।
- 27 फरवरी को एसपी से परिजन ने की शिकायत।
- 27 फरवरी दोपहर एक बजे सीओ खागा मौके पर पहुंचे।

फाइल फोटो-24-अंकुश। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-24-अंकुश। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-24-अंकुश। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-24-अंकुश। स्रोत परिजन

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