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Fatehpur News: बीमा कंपनी पर 17.30 लाख रुपये का जुर्माना
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फतेहपुर। उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी पर 17.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग के अध्यक्ष राम नरेश मौर्या और सदस्य पदमिनी आनंद ने दो माह के अंदर वादी को बीमा क्लेम की धनराशि देने का आदेश दिया है। इसमें बीमा क्लेम के 15 लाख रुपये, ब्याज के एक लाख 80 हजार रुपये और परिवाद व्यय के 50 हजार रुपये शामिल हैं।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह कस्बा निवासी सुमन देवी ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि पति राकेश कुमार ने बाइक का बीमा 16 जुलाई 2021 को एक वर्ष के लिए कराया था। न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने बाइक स्वामी और चालक का 15 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा किया था।
23 जून 2022 को फतेहपुर से लौटते समय शाह कस्बे के पास ट्रक की टक्कर से राकेश कुमार की मौत हो गई थी। सुमन देवी ने 17 अगस्त को बीमा कंपनी में दुर्घटना बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया। कंपनी ने नामिनी में दिवंगत के पिता राम प्रसाद का नाम दर्ज होने की बात कही। राम प्रसाद की हादसे से करीब 22 वर्ष पहले मौत हो चुकी थी।
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नामिनी में नाम दर्ज नहीं होने का हवाला देकर कंपनी ने बीमा क्लेम देने से मना कर दिया। सुनवाई नहीं होने पर सुमन देवी ने 28 मई 2024 को उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने वाद दायर करने की तिथि से बीमा क्लेम की 15 लाख रुपये धनराशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 50 हजार रुपये परिवाद व्यय दो माह के अंदर देने का आदेश बीमा कंपनी को दिया है।
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गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह कस्बा निवासी सुमन देवी ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि पति राकेश कुमार ने बाइक का बीमा 16 जुलाई 2021 को एक वर्ष के लिए कराया था। न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने बाइक स्वामी और चालक का 15 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा किया था।
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23 जून 2022 को फतेहपुर से लौटते समय शाह कस्बे के पास ट्रक की टक्कर से राकेश कुमार की मौत हो गई थी। सुमन देवी ने 17 अगस्त को बीमा कंपनी में दुर्घटना बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया। कंपनी ने नामिनी में दिवंगत के पिता राम प्रसाद का नाम दर्ज होने की बात कही। राम प्रसाद की हादसे से करीब 22 वर्ष पहले मौत हो चुकी थी।
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नामिनी में नाम दर्ज नहीं होने का हवाला देकर कंपनी ने बीमा क्लेम देने से मना कर दिया। सुनवाई नहीं होने पर सुमन देवी ने 28 मई 2024 को उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने वाद दायर करने की तिथि से बीमा क्लेम की 15 लाख रुपये धनराशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 50 हजार रुपये परिवाद व्यय दो माह के अंदर देने का आदेश बीमा कंपनी को दिया है।