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लाश की गलत शिनाख्त करने वाले पिता-पुत्र की जमानत
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फतेहपुर। ललौली थाने के कोर्राकनक गांव के बाहर बोरहा नाले में 15 जून को मिली युवती की लाश की गलत शिनाख्त करने वाले पिता-पुत्र को जमानत मिल गई है। जमानत दो दिन पहले मिली है।
जहानाबाद के रहने वाले शिवप्रसाद व उनके पुत्र वीरेंद्र कुमार ने 17 जून को एक युवती की लाश की शिनाख्त की थी। शिवप्रसाद ने बताया था कि शव उनकी पुत्री का है जो दो जून से लापता है। उसकी गुमशुदगी तीन जून को जहानाबाद थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस
ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सौंप दिया था। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। दो दिन बाद शिवप्रसाद की बेटी जिंदा मथुरा से बरामद हुई। उसने एक युवक के साथ शादी कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने शिवप्रसाद व उसके पुत्र वीरेंद्र के खिलाफ गलत शिनाख्त करने, किसी व्यक्ति को साजिश के तहत फंसाने के आरोप में जेल भेजा था।
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29 जून को अपर जनपद सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक में जमानत के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। एडीजे पृथ्वीपाल यादव ने उन्हें जमानत दे दी। कोर्ट में बताया गया कि आरोपियों को मोर्चुरी में शव का केवल थोड़ा सा चेहरा दिखाया था। जो उनकी बेटी जैसा ही लग रहा था। ऐसे में यह गलती हुई है। इसके साथ ही उनके द्वारा न तो किसी को फंसाने के लिए नाम लिया गया है और न ही बयान दिया गया। न ही किसी से पैसा मांगने का कोई साक्ष्य है।
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जहानाबाद के रहने वाले शिवप्रसाद व उनके पुत्र वीरेंद्र कुमार ने 17 जून को एक युवती की लाश की शिनाख्त की थी। शिवप्रसाद ने बताया था कि शव उनकी पुत्री का है जो दो जून से लापता है। उसकी गुमशुदगी तीन जून को जहानाबाद थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस
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ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सौंप दिया था। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। दो दिन बाद शिवप्रसाद की बेटी जिंदा मथुरा से बरामद हुई। उसने एक युवक के साथ शादी कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने शिवप्रसाद व उसके पुत्र वीरेंद्र के खिलाफ गलत शिनाख्त करने, किसी व्यक्ति को साजिश के तहत फंसाने के आरोप में जेल भेजा था।
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29 जून को अपर जनपद सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक में जमानत के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। एडीजे पृथ्वीपाल यादव ने उन्हें जमानत दे दी। कोर्ट में बताया गया कि आरोपियों को मोर्चुरी में शव का केवल थोड़ा सा चेहरा दिखाया था। जो उनकी बेटी जैसा ही लग रहा था। ऐसे में यह गलती हुई है। इसके साथ ही उनके द्वारा न तो किसी को फंसाने के लिए नाम लिया गया है और न ही बयान दिया गया। न ही किसी से पैसा मांगने का कोई साक्ष्य है।