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कलाकार पति इश्क में बन गया हैवानियत का डायरेक्टर
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खागा। फिल्मों की कहानी लिखने वाला इंद्रमोहन इश्क में इस कदर पागल हुआ कि उसने अपनी ही पत्नी की हत्या की कहानी लिख डाली। एक निर्देशक की तरह हर जगह अपने दिमाग में उपज रही शातिराना चाल चली और खुद को सुरक्षित रखने के सभी तरीके भी अपनाए।
इश्कबाजी का नतीजा यह हुआ कि उसके साथ फिल्मों में काम करने वाली प्रेमिका ने बिना कुछ सोचे-समझे इंद्रमोहन की पत्नी योगमाया की हत्या कर दी। हत्या करने वाली नेहा वर्मा की उम्र महज 23 वर्ष है, मगर उसका हैवानियत भरा अपराध उसकी उम्र से कहीं बड़ा है।
थरियांव थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर मजरे अब्दुल्लापुर घूरी निवासी विदित कुमार ने अपनी दूसरी पुत्री योगमाया की शादी 10 फरवरी 2015 को अपनी बहन के पुत्र इंद्रमोहन निवासी गुलरिहनपर मजरे कूरा थाना खागा के साथ की थी।
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शादी के समय इंद्रमोहन भोजपुरी फिल्मों में काम करने के लिए संघर्ष कर रहा था। डेढ़ साल पहले योगमाया ने एक बेटे को भी जन्म दिया, जो घटना के समय बेड पर ही सोया हुआ था। शुक्र यह रहा कि हैवान बन चुकी नेहा की नजर उस मासूम पर नहीं पड़ी, वरना वारदात की दरिंदगी और बढ़ जाती।
करीब दो साल पहले इंद्रमोहन और नेहा वर्मा के बीच दोस्ती हुई। दोनों ने कुछ फिल्मों में काम भी किया। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चलने लगा। नेहा को फिल्म की हीरोइन बताकर इंद्रमोहन अपने गांव कूरा लाने लगा था।
उसके साथ में नेहा के पिता काशीनाथ वर्मा का भी आना-जाना शुरू हो गया। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह, सीओ खागा जीडी मिश्रा, इंस्पेक्टर खागा आनंद प्रकाश शुक्ल गुलरिहनपर पहुंचे।
नौकरानी की तरह करती थी काम
हीरोइन बताकर नेहा को घर लाने के बाद इंद्रमोहन उसकी सेवा योगमाया से नौकरानी की तरह कराता था। पति को फिल्मों में सफल मानकर योगमाया भी नेहा को हीरोइन मानकर चल रही थी। मगर जब उसे दोनों के बीच चल रहे अवैध संबंधों की भनक लगी तो उसने इसका विरोध किया। योगमाया ने विरोध के चलते एक-दो बार खुदकुशी की धमकी भी दी, लेकिन इंद्रमोहन नहीं सुधरा।
साजिश की और घर से निकल गया
इंद्रमोहन ने पत्नी योगमाया की हत्या की साजिश रची और शनिवार सुबह घर से निकल गया। वह अपनी ससुराल सुल्तानपुर मजरे अब्दुल्लापुर घूरी पहुंचा। वहां जाकर बताया कि वह लखनऊ काम से जा रहा है। उसे ससुराल जाने की जरूरत नहीं थी, लेकिन उसने अपनी योजना के तहत वहां संदेश देना जरूरी समझा। रात में जब हत्या हुई तो वह तुरंत गांव आ गया। इंद्रमोहन शनिवार सुबह से रात तक कहां था, इसे लेकर पुलिस उसकी काल डिटेल खंगाल रही है। इंद्रमोहन जानता था कि जब हत्या के बाद उससे पूछताछ होगी तो वह यह कह देगा कि वह जनपद में नहीं था, उसका ससुरालियों के घर जाना इसी साजिश का हिस्सा था, ताकि उस पर कोई शक न करे।
योगमाया की ताकत का अनुमान भी लगाया
नेहा वर्मा ने योगमाया को मार डालने की ठान रखी थी। मगर उसे शंका थी कि अगर संघर्ष की स्थिति बनेगी तो वह योगमाया पर भारी पड़ेगी या नहीं। घरवालों ने बताया कि शनिवार की शाम नेहा और योगमाया घर के बाहर बैठी थी, कुछ औरतें भी वहां थी। इस दौरान योगमाया की ताकत का अनुमान लगाने के लिए नेहा ने कहा कि अगर योगमाया से उसका झगड़ा हो जाए तो क्या वह जीत सकती है। योगमाया ने इसका जवाब तो नहीं दिया लेकिन नेहा ने खुद ही कहा कि अगर झगड़ा हुआ तो वही जीतेगी, चाहे कभी अजमा लेना।
सोते समय सीने पर चढ़कर किया वार
परिजनों के बताने व पुलिस के अनुसार रात दस से साढ़े दस बजे के बीच योगमाया सो रही थी। तब नेहा वर्मा जो उसी बेड पर सो रही थी। चुपचाप उठी और हंसिया लेकर आ गई। योगमाया रजाई ओढ़कर लेटी थी। नेहा उसके सीने पर चढ़ गई और गर्दन पर एक के बाद एक तीन-चार बार प्रहार किया। इस दौरान योगमाया ने अपनी जान बचाने के लिए हंसिया पकड़ा तो उसका हाथ भी कट गया। गले से निकल रहा खून नेहा वर्मा के सलवार पर गिरा, तो उसका सलवार खून से लाल हो गई। वार करने में नेहा के दाएं व बांए हाथ की उंगलियों में चोट आ गई। जिससे देखकर यह जरूर कहा गया कि दोनों के बीच मामूली संघर्ष भी हुआ। हालांकि वार गर्दन पर हो चुका था इसलिए योगमाया विरोध करनी स्थिति में नहीं आ सकी।
ससुर अलग घर में सो रहे थे
जिस घर में योगमाया व नेहा वर्मा सो रहे थे, वहां केवल दोनों या इंद्रमोहन थे। जबकि दूसरे घर में ससुर चंद्रमोहन व उनकी पत्नी कृष्णा देवी थी। यहीं नेहा वर्मा का पिता काशीनाथ वर्मा भी था। योजना के तहत हत्या के बाद नेहा घर से चुपचाप निकली और इंद्रमोहन के साथ चली जाती। हत्या के बाद बच्चे के रोने की आवाज से परिजन जाग गए और चंद मिनट बाद ही चीख-पुकार मच गई।
पश्चाताप भोजपुरी मूवी में दोनों ने साथ किया काम
पुलिस की जांच में नेहा ने बताया कि भोजपुरी मूवी पश्चाताप में दोनों ने साथ काम किया है। इसके बाद यूट्यूब पर इसकी खोजबीन शुरू हुई तो पाया गया कि इंद्रमोहन इस फिल्म के लेखक थे जबकि नेहा वर्मा को एक रोल के लिए कास्ट किया गया था।
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इश्कबाजी का नतीजा यह हुआ कि उसके साथ फिल्मों में काम करने वाली प्रेमिका ने बिना कुछ सोचे-समझे इंद्रमोहन की पत्नी योगमाया की हत्या कर दी। हत्या करने वाली नेहा वर्मा की उम्र महज 23 वर्ष है, मगर उसका हैवानियत भरा अपराध उसकी उम्र से कहीं बड़ा है।
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थरियांव थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर मजरे अब्दुल्लापुर घूरी निवासी विदित कुमार ने अपनी दूसरी पुत्री योगमाया की शादी 10 फरवरी 2015 को अपनी बहन के पुत्र इंद्रमोहन निवासी गुलरिहनपर मजरे कूरा थाना खागा के साथ की थी।
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शादी के समय इंद्रमोहन भोजपुरी फिल्मों में काम करने के लिए संघर्ष कर रहा था। डेढ़ साल पहले योगमाया ने एक बेटे को भी जन्म दिया, जो घटना के समय बेड पर ही सोया हुआ था। शुक्र यह रहा कि हैवान बन चुकी नेहा की नजर उस मासूम पर नहीं पड़ी, वरना वारदात की दरिंदगी और बढ़ जाती।
करीब दो साल पहले इंद्रमोहन और नेहा वर्मा के बीच दोस्ती हुई। दोनों ने कुछ फिल्मों में काम भी किया। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चलने लगा। नेहा को फिल्म की हीरोइन बताकर इंद्रमोहन अपने गांव कूरा लाने लगा था।
उसके साथ में नेहा के पिता काशीनाथ वर्मा का भी आना-जाना शुरू हो गया। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह, सीओ खागा जीडी मिश्रा, इंस्पेक्टर खागा आनंद प्रकाश शुक्ल गुलरिहनपर पहुंचे।
नौकरानी की तरह करती थी काम
हीरोइन बताकर नेहा को घर लाने के बाद इंद्रमोहन उसकी सेवा योगमाया से नौकरानी की तरह कराता था। पति को फिल्मों में सफल मानकर योगमाया भी नेहा को हीरोइन मानकर चल रही थी। मगर जब उसे दोनों के बीच चल रहे अवैध संबंधों की भनक लगी तो उसने इसका विरोध किया। योगमाया ने विरोध के चलते एक-दो बार खुदकुशी की धमकी भी दी, लेकिन इंद्रमोहन नहीं सुधरा।
साजिश की और घर से निकल गया
इंद्रमोहन ने पत्नी योगमाया की हत्या की साजिश रची और शनिवार सुबह घर से निकल गया। वह अपनी ससुराल सुल्तानपुर मजरे अब्दुल्लापुर घूरी पहुंचा। वहां जाकर बताया कि वह लखनऊ काम से जा रहा है। उसे ससुराल जाने की जरूरत नहीं थी, लेकिन उसने अपनी योजना के तहत वहां संदेश देना जरूरी समझा। रात में जब हत्या हुई तो वह तुरंत गांव आ गया। इंद्रमोहन शनिवार सुबह से रात तक कहां था, इसे लेकर पुलिस उसकी काल डिटेल खंगाल रही है। इंद्रमोहन जानता था कि जब हत्या के बाद उससे पूछताछ होगी तो वह यह कह देगा कि वह जनपद में नहीं था, उसका ससुरालियों के घर जाना इसी साजिश का हिस्सा था, ताकि उस पर कोई शक न करे।
योगमाया की ताकत का अनुमान भी लगाया
नेहा वर्मा ने योगमाया को मार डालने की ठान रखी थी। मगर उसे शंका थी कि अगर संघर्ष की स्थिति बनेगी तो वह योगमाया पर भारी पड़ेगी या नहीं। घरवालों ने बताया कि शनिवार की शाम नेहा और योगमाया घर के बाहर बैठी थी, कुछ औरतें भी वहां थी। इस दौरान योगमाया की ताकत का अनुमान लगाने के लिए नेहा ने कहा कि अगर योगमाया से उसका झगड़ा हो जाए तो क्या वह जीत सकती है। योगमाया ने इसका जवाब तो नहीं दिया लेकिन नेहा ने खुद ही कहा कि अगर झगड़ा हुआ तो वही जीतेगी, चाहे कभी अजमा लेना।
सोते समय सीने पर चढ़कर किया वार
परिजनों के बताने व पुलिस के अनुसार रात दस से साढ़े दस बजे के बीच योगमाया सो रही थी। तब नेहा वर्मा जो उसी बेड पर सो रही थी। चुपचाप उठी और हंसिया लेकर आ गई। योगमाया रजाई ओढ़कर लेटी थी। नेहा उसके सीने पर चढ़ गई और गर्दन पर एक के बाद एक तीन-चार बार प्रहार किया। इस दौरान योगमाया ने अपनी जान बचाने के लिए हंसिया पकड़ा तो उसका हाथ भी कट गया। गले से निकल रहा खून नेहा वर्मा के सलवार पर गिरा, तो उसका सलवार खून से लाल हो गई। वार करने में नेहा के दाएं व बांए हाथ की उंगलियों में चोट आ गई। जिससे देखकर यह जरूर कहा गया कि दोनों के बीच मामूली संघर्ष भी हुआ। हालांकि वार गर्दन पर हो चुका था इसलिए योगमाया विरोध करनी स्थिति में नहीं आ सकी।
ससुर अलग घर में सो रहे थे
जिस घर में योगमाया व नेहा वर्मा सो रहे थे, वहां केवल दोनों या इंद्रमोहन थे। जबकि दूसरे घर में ससुर चंद्रमोहन व उनकी पत्नी कृष्णा देवी थी। यहीं नेहा वर्मा का पिता काशीनाथ वर्मा भी था। योजना के तहत हत्या के बाद नेहा घर से चुपचाप निकली और इंद्रमोहन के साथ चली जाती। हत्या के बाद बच्चे के रोने की आवाज से परिजन जाग गए और चंद मिनट बाद ही चीख-पुकार मच गई।
पश्चाताप भोजपुरी मूवी में दोनों ने साथ किया काम
पुलिस की जांच में नेहा ने बताया कि भोजपुरी मूवी पश्चाताप में दोनों ने साथ काम किया है। इसके बाद यूट्यूब पर इसकी खोजबीन शुरू हुई तो पाया गया कि इंद्रमोहन इस फिल्म के लेखक थे जबकि नेहा वर्मा को एक रोल के लिए कास्ट किया गया था।