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कुछ लोगों के फोन पर नियम तोड़ने वाले को क्यों छोड़ देती है पुलिस
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सीपीएस में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन की पुलिस पाठशाला में बोलते सीओ सिटी संजय कुमार सिंह। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। चेकिंग के दौरान पुलिस कई लोगों के चालान करती है लेकिन कुछ ऐसे भी वाहन सवार होते हैं जो नियम तो तोड़ते हैं लेकिन पुलिस किसी का फोन आने पर उन्हें छोड़ देती है, क्या ऐसा सही है?
यह सवाल सीपीएस के शिवम तोमर ने सीओ सिटी से पूछा। सीओ सिटी ने भी बच्चे की जिज्ञासा शांत की और बताया कि पुलिस पहले चेतावनी देकर लोगों को समझाने का प्रयास करती है। दोबारा नियम तोड़ने पर कार्रवाई करती है।
चित्रांश नगर स्थित चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल (सीपीएस) में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला हुई। सीओ सिटी संजय सिंह ने छात्र-छात्राओं को कानून और स्मार्ट पुलिसिंग के बारे में बताया।
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सीओ सिटी ने बताया कि अब पुलिस भी स्मार्ट हो चुकी है। स्मार्ट का मतलब भी अपने तरीके से समझाया। बताया कि एस फार स्ट्रिक्ट एंड सेंसटिंव (सख्त और संवेदनशील), एम फार माडर्न (आधुनिक), ए फार अलर्ट एंड एकांउटेबल (सतर्क और उत्तरदायी), आर फार रिलायबेल एंड रिस्पांसबुल ( जवाबदेह, जिम्मेदार) और टी फार टेक्निकल एंड ट्रेंड (तकनीकी रुप से सक्षम) है।
डायल 112 पर 24 घंटे कहीं से भी कोई सूचना दे सकता है। महज 10 से 20 मिनट में पुलिस जरूरतमंद तक पहुंच जाती है। सीओ ने छात्राओं को 1090 की जानकारी दी। बताया कि इस हेल्पलाइन पर सिर्फ महिलाओं की सुनी जाती है।
अन्य हेल्पलाइनों के बारे में भी बताया। छात्र-छात्राओं ने भी सवाल किए। छात्र दीप प्रकाश सिंह ने पूछा कि कोई बच्चा अगर लावारिस मिलता है, तो कहां सूचना दी जाए। सीओ सिटी ने बताया कि 1098 पर पहले फोन कर जानकारी दे सकते हैं।
आसपास चौकी और थाने की पुलिस को भी सूचना दे सकते हैं। छात्र युगराज सिंह सेंगर ने सवाल किया कि तंदुरुस्त लोग भी भिखारी बनकर घूमते हैं, तो इन पर क्या कार्रवाई होगी? सीओ सिटी ने कहा कि ऐसे लोगों के लिए जांच एजेंसियां लगी हैं।
इन्हें चिह्नित कर ऐसे कामों से दूर किया जाता है। छात्रा अर्चना पाठक ने पूछा कि चौराहों पर जाम लगा रहता था, पुलिस ड्यूटी पर मौजूद रहने के बाद भी जाम खुलवाने नहीं जाती है, ऐसा क्यों? सीओ सिटी ने जवाब दिया कि उनके सीयूजी नंबर पर सीधे जानकारी दे सकते हैं।
पुलिस कर्मी पर कड़ी कार्रवाई होगी। उनके पास पुलिस ड्यूटी का मैप रहता है। कंट्रोल रूम पर भी सूचना दे सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन उप प्रधानाचार्य वंदना सिंह ने किया। इस मौके पर प्रबंधक संजय श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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यह सवाल सीपीएस के शिवम तोमर ने सीओ सिटी से पूछा। सीओ सिटी ने भी बच्चे की जिज्ञासा शांत की और बताया कि पुलिस पहले चेतावनी देकर लोगों को समझाने का प्रयास करती है। दोबारा नियम तोड़ने पर कार्रवाई करती है।
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चित्रांश नगर स्थित चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल (सीपीएस) में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला हुई। सीओ सिटी संजय सिंह ने छात्र-छात्राओं को कानून और स्मार्ट पुलिसिंग के बारे में बताया।
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सीओ सिटी ने बताया कि अब पुलिस भी स्मार्ट हो चुकी है। स्मार्ट का मतलब भी अपने तरीके से समझाया। बताया कि एस फार स्ट्रिक्ट एंड सेंसटिंव (सख्त और संवेदनशील), एम फार माडर्न (आधुनिक), ए फार अलर्ट एंड एकांउटेबल (सतर्क और उत्तरदायी), आर फार रिलायबेल एंड रिस्पांसबुल ( जवाबदेह, जिम्मेदार) और टी फार टेक्निकल एंड ट्रेंड (तकनीकी रुप से सक्षम) है।
डायल 112 पर 24 घंटे कहीं से भी कोई सूचना दे सकता है। महज 10 से 20 मिनट में पुलिस जरूरतमंद तक पहुंच जाती है। सीओ ने छात्राओं को 1090 की जानकारी दी। बताया कि इस हेल्पलाइन पर सिर्फ महिलाओं की सुनी जाती है।
अन्य हेल्पलाइनों के बारे में भी बताया। छात्र-छात्राओं ने भी सवाल किए। छात्र दीप प्रकाश सिंह ने पूछा कि कोई बच्चा अगर लावारिस मिलता है, तो कहां सूचना दी जाए। सीओ सिटी ने बताया कि 1098 पर पहले फोन कर जानकारी दे सकते हैं।
आसपास चौकी और थाने की पुलिस को भी सूचना दे सकते हैं। छात्र युगराज सिंह सेंगर ने सवाल किया कि तंदुरुस्त लोग भी भिखारी बनकर घूमते हैं, तो इन पर क्या कार्रवाई होगी? सीओ सिटी ने कहा कि ऐसे लोगों के लिए जांच एजेंसियां लगी हैं।
इन्हें चिह्नित कर ऐसे कामों से दूर किया जाता है। छात्रा अर्चना पाठक ने पूछा कि चौराहों पर जाम लगा रहता था, पुलिस ड्यूटी पर मौजूद रहने के बाद भी जाम खुलवाने नहीं जाती है, ऐसा क्यों? सीओ सिटी ने जवाब दिया कि उनके सीयूजी नंबर पर सीधे जानकारी दे सकते हैं।
पुलिस कर्मी पर कड़ी कार्रवाई होगी। उनके पास पुलिस ड्यूटी का मैप रहता है। कंट्रोल रूम पर भी सूचना दे सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन उप प्रधानाचार्य वंदना सिंह ने किया। इस मौके पर प्रबंधक संजय श्रीवास्तव मौजूद रहे।

सीपीएस में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन की पुलिस पाठशाला में मौजूद छात्र-छात्राएं। संवाद- फोटो : FATEHPUR