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अंतरिक्ष विज्ञानी ने बच्चों को स्कूल में कराई ‘अंतरिक्ष’ की सैर
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प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर के बच्चों को पुरस्कृत करते वैज्ञानिक सुमित कुमार। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। गुरुवार को जिले के उत्कृष्ट स्कूलों में शुमार प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर के बच्चों ने स्कूल में बैठकर ही अंतरिक्ष की सैर कर ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष विज्ञानी सुमित कुमार ने बच्चों के बीच पहुंचकर सौरमंडल, ग्रह, उपग्रह व राकेट साइंस जैसे बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर उनके साथ सवाल-जवाब किए।
छुट्टियों पर घर खागा आए इसरो के विज्ञानी सुमित कुमार ने प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर में बच्चों से चर्चा के दौरान बताया कि सूर्य अपने सौरमंडल के केंद्र में होता है।
सौरमंडल में मौजूद ग्रहों की संख्या, उनकी स्थिति एवं उनके उपग्रहों की जानकारी देने के साथ नियमित अंतराल पर बच्चों से प्रश्न करते रहे। ग्लोब की मदद से उन्होंने कृत्रिम उपग्रहों की गति के बारे में विस्तार से बताया।
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बच्चों को बताया कि कौन से उपग्रह पृथ्वी की ध्रुवीय कक्षा का चक्कर लगाते हैं और कौन से उपग्रह भूमध्य रेखीय कक्षा की परिक्रमा करते हैं। मौसम के पूर्वानुमान, दूरसंचार व टीवी सेटों के संचालन में सेटेलाइट किस तरह मदद करते हैं, प्रक्षेपण यान कौन से हैं।
इस बारे में भी सुमित कुमार ने बच्चों को विस्तार से बताया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक आनंद कुमार मिश्र, सुमेंद्र पाल मौर्य, संतोष पाल, संगीता शर्मा एवं अंजूलता श्रीवास्तव मौजूद रहीं।
बच्चों ने दिए प्रश्नों के जवाब तो मिले उपहार
अंतरिक्ष विज्ञानी ने बच्चों से कई प्रश्न भी पूछे। लगभग सभी प्रश्नों का सही जवाब मिला। इस पर सुमित कुमार ने प्रश्नों का जवाब देने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। बच्चों में प्रश्नों का जवाब देने की होड़ सी लगी रही।
बच्चों की जिज्ञासा व दक्षता से हुए प्रसन्न
प्राइमरी स्कूल के बच्चों के शैक्षणिक स्तर को देखकर सुमित कुमार प्रसन्न हुए। करीब दो साल तक कक्षाओं का संचालन न होने के बावजूद बच्चों में बुनियादी अंतरिक्ष ज्ञान के साथ उनके मौजूद जिज्ञासा को देखकर विज्ञानी ने बच्चों की पीठ थपथपाई।
बच्चों ने भी कई सवाल पूछे। उपग्रहों व ग्रहों का निर्माण कैसे हुआ, रात दिन कैसे होते हैं, मौसम क्यों बदलते हैं, तारे क्या हैं जैसे तमाम प्रश्न बच्चों ने पूछे तो उनके जिज्ञासा स्तर को देख सुमित कुमार खुश हो गए।
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छुट्टियों पर घर खागा आए इसरो के विज्ञानी सुमित कुमार ने प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर में बच्चों से चर्चा के दौरान बताया कि सूर्य अपने सौरमंडल के केंद्र में होता है।
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सौरमंडल में मौजूद ग्रहों की संख्या, उनकी स्थिति एवं उनके उपग्रहों की जानकारी देने के साथ नियमित अंतराल पर बच्चों से प्रश्न करते रहे। ग्लोब की मदद से उन्होंने कृत्रिम उपग्रहों की गति के बारे में विस्तार से बताया।
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बच्चों को बताया कि कौन से उपग्रह पृथ्वी की ध्रुवीय कक्षा का चक्कर लगाते हैं और कौन से उपग्रह भूमध्य रेखीय कक्षा की परिक्रमा करते हैं। मौसम के पूर्वानुमान, दूरसंचार व टीवी सेटों के संचालन में सेटेलाइट किस तरह मदद करते हैं, प्रक्षेपण यान कौन से हैं।
इस बारे में भी सुमित कुमार ने बच्चों को विस्तार से बताया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक आनंद कुमार मिश्र, सुमेंद्र पाल मौर्य, संतोष पाल, संगीता शर्मा एवं अंजूलता श्रीवास्तव मौजूद रहीं।
बच्चों ने दिए प्रश्नों के जवाब तो मिले उपहार
अंतरिक्ष विज्ञानी ने बच्चों से कई प्रश्न भी पूछे। लगभग सभी प्रश्नों का सही जवाब मिला। इस पर सुमित कुमार ने प्रश्नों का जवाब देने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। बच्चों में प्रश्नों का जवाब देने की होड़ सी लगी रही।
बच्चों की जिज्ञासा व दक्षता से हुए प्रसन्न
प्राइमरी स्कूल के बच्चों के शैक्षणिक स्तर को देखकर सुमित कुमार प्रसन्न हुए। करीब दो साल तक कक्षाओं का संचालन न होने के बावजूद बच्चों में बुनियादी अंतरिक्ष ज्ञान के साथ उनके मौजूद जिज्ञासा को देखकर विज्ञानी ने बच्चों की पीठ थपथपाई।
बच्चों ने भी कई सवाल पूछे। उपग्रहों व ग्रहों का निर्माण कैसे हुआ, रात दिन कैसे होते हैं, मौसम क्यों बदलते हैं, तारे क्या हैं जैसे तमाम प्रश्न बच्चों ने पूछे तो उनके जिज्ञासा स्तर को देख सुमित कुमार खुश हो गए।