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साध्वी ने लिया संज्ञान, दिशा से बाहर होंगे शिवबहादुर
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23 अक्टूबर को प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। जिला अनुश्रवण समिति यानी दिशा की बैठक में शामिल किए गए तथाकथित संभ्रांत नागरिक को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी है।
केंद्रीय राज्यमंत्री और जिले की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रकरण को संज्ञान में लिया है। उन्होंने बताया कि उनके पास संबंधित व्यक्ति की सिफारिश तथ्यों को छिपाकर की गई थी। इसकी वजह से यह चूक हुई।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को 23 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें दिशा की बैठक में सरकारी जमीन कब्जाने और पंचायत चुनाव में गड़बड़ी करने पर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद शिव बहादुर सिंह नाम के व्यक्ति को शामिल किए जाने का मुद्दा उजागर किया था।
खबर में यह तथ्य दिए गए थे कि हसवा ब्लाक की सेमरा ग्राम पंचायत के प्रधान शिव बहादुर सिंह ने शहर के लोधीगंज में अधिग्रहित की हुई सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। जिसे गिराने के आदेश भी हुए हैं और कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
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यह भी मामला प्रकाश में आया था कि उनके खिलाफ थरियांव थाने में एक एफआईआर भी दर्ज है। फिर भी उन्हें संभ्रांत नागरिक मानकर दिशा की बैठक में शामिल करा लिया गया था।
हालांकि इस विषय पर शिव बहादुर सिंह ने बताया था कि जमीन एनएचएआई की नहीं, उनकी है और इसका प्रकरण हाईकोर्ट में चल रहा है। इधर, पूरा प्रकरण केंद्रीय राज्यमंत्री और दिशा की बैठक की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति के संज्ञान में आया तो उन्होंने बताया कि शिव बहादुर पर लगे आरोपों के बारे में जानकारी नहीं थी।
तथ्य छिपाकर उनसे सिफारिश कराई गई। वह शिव बहादुर को जानती भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि शिव बहादुर सिंह को तत्काल प्रभाव से दिशा की समिति से बाहर किया जा रहा है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री और जिले की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रकरण को संज्ञान में लिया है। उन्होंने बताया कि उनके पास संबंधित व्यक्ति की सिफारिश तथ्यों को छिपाकर की गई थी। इसकी वजह से यह चूक हुई।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को 23 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें दिशा की बैठक में सरकारी जमीन कब्जाने और पंचायत चुनाव में गड़बड़ी करने पर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद शिव बहादुर सिंह नाम के व्यक्ति को शामिल किए जाने का मुद्दा उजागर किया था।
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खबर में यह तथ्य दिए गए थे कि हसवा ब्लाक की सेमरा ग्राम पंचायत के प्रधान शिव बहादुर सिंह ने शहर के लोधीगंज में अधिग्रहित की हुई सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। जिसे गिराने के आदेश भी हुए हैं और कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
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यह भी मामला प्रकाश में आया था कि उनके खिलाफ थरियांव थाने में एक एफआईआर भी दर्ज है। फिर भी उन्हें संभ्रांत नागरिक मानकर दिशा की बैठक में शामिल करा लिया गया था।
हालांकि इस विषय पर शिव बहादुर सिंह ने बताया था कि जमीन एनएचएआई की नहीं, उनकी है और इसका प्रकरण हाईकोर्ट में चल रहा है। इधर, पूरा प्रकरण केंद्रीय राज्यमंत्री और दिशा की बैठक की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति के संज्ञान में आया तो उन्होंने बताया कि शिव बहादुर पर लगे आरोपों के बारे में जानकारी नहीं थी।
तथ्य छिपाकर उनसे सिफारिश कराई गई। वह शिव बहादुर को जानती भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि शिव बहादुर सिंह को तत्काल प्रभाव से दिशा की समिति से बाहर किया जा रहा है।