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पड़ोसी और आंगन को दो जिलों में बांट गई सरहद
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बरौला के रामसिंह का पीला दो मंजिल मकान कौशाम्बी में जबकि गुलाबी वाला हिस्सा फतेहपुर में है। संवा?
- फोटो : FATEHPUR
धाता। ब्लाक का भैदपुर गांव और कौशांबी का बरौला। इन दोनों गांवों के कई घरों की कहानी बहुत ही रोचक हैं। लोगों के घर आपस में जुड़े हैं लेकिन उन्हें जनपदों की सरहद अलग कर देती है।
एक व्यक्ति को अपनी समस्या के लिए कौशांबी के मुख्यालय मंझनपुर जाना पड़ता है तो दूसरे को फतेहपुर। बाहर से देखकर तो आप इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि कौन सा घर कौशांबी की सीमा में और कौन सा फतेहपुर का हिस्सा है। कुछ घर तो ऐसे हैं कि उनके बीच से सरहद बन गई है। गांवों की सड़कों, स्कूल, बाजार सब की स्थिति बड़ी ही रोचक हैं।
फतेहपुर जनपद का भैदपुर गांव जिसकी आबादी करीब एक हजार है। वह धाता कारीकान ग्राम सभा में जुड़ा है। इससे पहले यह बसपा सरकार में आंबेडकर गांव हुआ करता था।
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इस गांव में 150 परिवार अनुसूचित जाति, 40 परिवार पिछड़े वर्ग और पांच परिवार सामान्य वर्ग के रहते हैं। यहां प्राथमिक व जूनियर विद्यालय हैं। भैदपुर से जुड़ा हुआ कौशांबी जनपद का गांव बरौला है, जो यसखेरवा ग्राम सभा का हिस्सा है।
यहां की आबादी 1000 से अधिक है। गांव के गलियों में खड़ंजा लगा हुआ है और अब तक यहां पक्की सड़क नहीं बन सकी है। यह गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य है।
अब रोचक बात यह है कि दोनों गांवों में कई ऐसे घर हैं जो आपस में जुडे़ हुए हैं लेकिन दोनों घर अलग-अलग जनपद के हैं। इतना ही नहीं कुछ घर तो ऐसे हैं, जिनका एक हिस्सा कौशांबी तो दूसरा फतेहपुर में आता है। सरहद की लाइन उनके घर से बीच से निकल गई है।
बरौला के निवासी बैंक खाते धाता में
कौशांबी के बरौला निवासी राम सिंह का आधा मकान फतेहपुर की सीमा में बना हुआ है। डॉ.लवकुश, रावेंद्र सिंह का भी आधा मकान कौशांबी तो आधा फतेहपुर की सीमा में बना हुआ है।
दो जनपदों की सीमा पर हैं सुनील कुमार
भैदपुर गांव के रहने वाले सुनील कुमार का घर दो जनपदों की सीमा पर बसा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके घर के सामने कौशांबी की सीमा है। बरौला गांव के लोगों के साथ ही बैंक आते हैं और सब्जी खरीदने के लिए बरौला के लोग धाता जाते हैं। लगता ही नहीं है कि दो जनपद के बीच में वह बसें हुए हैं।
बिजली और स्कूल, जो नजदीक मिला
बरौला गांव के ऐसे परिवार जो भैदपुर के एकदम नजदीक हैं, वह अपने बच्चों को पढ़ने के लिए बरौला के प्राथमिक स्कूल भेजते हैं। इसी तरह से यहां रहने वाले लोगों ने बिजली के कनेक्शन भी फतेहपुर की ओर से ले रखें है।
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एक व्यक्ति को अपनी समस्या के लिए कौशांबी के मुख्यालय मंझनपुर जाना पड़ता है तो दूसरे को फतेहपुर। बाहर से देखकर तो आप इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि कौन सा घर कौशांबी की सीमा में और कौन सा फतेहपुर का हिस्सा है। कुछ घर तो ऐसे हैं कि उनके बीच से सरहद बन गई है। गांवों की सड़कों, स्कूल, बाजार सब की स्थिति बड़ी ही रोचक हैं।
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फतेहपुर जनपद का भैदपुर गांव जिसकी आबादी करीब एक हजार है। वह धाता कारीकान ग्राम सभा में जुड़ा है। इससे पहले यह बसपा सरकार में आंबेडकर गांव हुआ करता था।
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इस गांव में 150 परिवार अनुसूचित जाति, 40 परिवार पिछड़े वर्ग और पांच परिवार सामान्य वर्ग के रहते हैं। यहां प्राथमिक व जूनियर विद्यालय हैं। भैदपुर से जुड़ा हुआ कौशांबी जनपद का गांव बरौला है, जो यसखेरवा ग्राम सभा का हिस्सा है।
यहां की आबादी 1000 से अधिक है। गांव के गलियों में खड़ंजा लगा हुआ है और अब तक यहां पक्की सड़क नहीं बन सकी है। यह गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य है।
अब रोचक बात यह है कि दोनों गांवों में कई ऐसे घर हैं जो आपस में जुडे़ हुए हैं लेकिन दोनों घर अलग-अलग जनपद के हैं। इतना ही नहीं कुछ घर तो ऐसे हैं, जिनका एक हिस्सा कौशांबी तो दूसरा फतेहपुर में आता है। सरहद की लाइन उनके घर से बीच से निकल गई है।
बरौला के निवासी बैंक खाते धाता में
कौशांबी के बरौला निवासी राम सिंह का आधा मकान फतेहपुर की सीमा में बना हुआ है। डॉ.लवकुश, रावेंद्र सिंह का भी आधा मकान कौशांबी तो आधा फतेहपुर की सीमा में बना हुआ है।
दो जनपदों की सीमा पर हैं सुनील कुमार
भैदपुर गांव के रहने वाले सुनील कुमार का घर दो जनपदों की सीमा पर बसा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके घर के सामने कौशांबी की सीमा है। बरौला गांव के लोगों के साथ ही बैंक आते हैं और सब्जी खरीदने के लिए बरौला के लोग धाता जाते हैं। लगता ही नहीं है कि दो जनपद के बीच में वह बसें हुए हैं।
बिजली और स्कूल, जो नजदीक मिला
बरौला गांव के ऐसे परिवार जो भैदपुर के एकदम नजदीक हैं, वह अपने बच्चों को पढ़ने के लिए बरौला के प्राथमिक स्कूल भेजते हैं। इसी तरह से यहां रहने वाले लोगों ने बिजली के कनेक्शन भी फतेहपुर की ओर से ले रखें है।

गुलाबी रंग का दो मंजिला मकान रावेंद्र सिंह भैदपुर व बगल में रेलिंग वाला मकान बरौला निवासी डॉ लवकु- फोटो : FATEHPUR